रायपुर में गलत ई-चालान से परेशान वाहन चालकों को बड़ी राहत, पुलिस कमिश्नरेट ने लागू की 45 दिनों की पारदर्शी शिकायत निवारण व्यवस्था।

रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में हाईटेक यातायात निगरानी और ई-चालान व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह एवं जनसुलभ बनाने की दिशा में पुलिस कमिश्नरेट ने एक महत्वपूर्ण और सुधारात्मक कदम उठाया है। शहर के विभिन्न चौराहों पर स्थापित इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) और स्वचालित कैमरों की तकनीकी सीमाओं के चलते यदि किसी वाहन चालक को लगता है कि उसका चालान गलत तरीके से कट गया है अथवा बिना किसी गलती के अनुचित जुर्माना अधिरोपित किया गया है, तो अब उसे अपना पक्ष रखने और विधिवत आपत्ति दर्ज कराने का वैधानिक अवसर प्रदान किया जायेगा। आम जनता की लंबे समय से चली आ रही दिक्कतों को संज्ञान में लेते हुए पुलिस कमिश्नरेट ने ऐसे सभी मामलों के त्वरित, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण समाधान के लिये 45 दिनों की स्पष्ट समयसीमा निर्धारित करते हुए एक सुदृढ़ शिकायत निवारण तंत्र प्रभावी रूप से लागू कर दिया है।

नंबर प्लेट की गलत पहचान और तकनीकी विसंगतियों पर कड़ा संज्ञान :

यातायात पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, कैमरों द्वारा रात के समय नंबर प्लेट ठीक से न पढ़ पाने, नंबर प्लेट पर धूल-मिट्टी या फोंट की असमानता के कारण किसी अन्य वाहन का नंबर दर्ज हो जाने, तकनीकी सर्वर की विसंगतियों अथवा वाहन के उस क्षेत्र में उपस्थित न होने के बावजूद चालान जारी होने जैसी अनेकों आपत्तियां लगातार सामने आती रही हैं। कई बार वाहन स्वामी का वाहन घर पर या किसी अन्य जिले में मौजूद रहता है, फिर भी रायपुर के किसी व्यस्त चौराहे पर नियम उल्लंघन का ई-चालान उसके मोबाईल पर पहुंच जाता है।

इन गंभीर विसंगतियों और तकनीकी खामियों को दूर करने के लिये अब यह पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की गई है कि चालान जारी होने की आधिकारिक तिथि से 45 दिनों की समयावधि के भीतर संबंधित वाहन स्वामी या चालक साक्ष्यों के साथ अपना पक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं। निर्धारित समयसीमा के भीतर प्राप्त होने वाली प्रत्येक आपत्ति की तकनीकी आंकड़ों, सीसीटीवी फुटेज और जमीनी वास्तविकताओं के आधार पर गहन जांच की जायेगी। यदि जांच के दौरान आपत्ति सही पाई जाती है, तो बिना किसी अनावश्यक विलंब के नियमानुसार विधिक कार्यवाही करते हुए संबंधित चालान को तत्काल प्रभाव से निरस्त या संशोधित किया जायेगा।

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (यातायात) को मिली निवारण अधिकारी की कमान :

ई-चालान से जुड़ी आपत्तियों की निष्पक्ष पड़ताल और तय समय में पारदर्शी सुनवाई सुनिश्चित करने के लिये पुलिस प्रशासन ने शीर्ष स्तर पर प्रशासनिक जवाबदेही तय की है। इस विशेष दायित्व के निर्वहन के लिये अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (यातायात) को अधिकृत शिकायत निवारण अधिकारी (जीआरओ) के रूप में पदस्थ किया गया है।

वे न केवल नागरिकों से प्राप्त होने वाली आपत्तियों की व्यक्तिगत रूप से दैनिक निगरानी करेंगे, बल्कि यातायात नियंत्रण कक्ष के डिजिटल रिकॉर्ड तथा आवेदक द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों की तुलनात्मक समीक्षा कर अंतिम निर्णय भी पारित करेंगे। इस उच्चस्तरीय पहल से वाहन चालकों को अनुचित जुर्माने से राहत मिलेगी, आम नागरिकों को बेवजह सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से स्थायी मुक्ति मिलेगी और समूची यातायात व्यवस्था के प्रति जनता का विश्वास भी सुदृढ़ होगा।

ऑनलाईन पोर्टल और ऑफलाईन दोनों माध्यमों से आपत्ति दर्ज कराने का विकल्प :

नागरिकों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए पुलिस कमिश्नरेट द्वारा शिकायत दर्ज कराने के लिये बहुआयामी विकल्प उपलब्ध कराये गये हैं। जो वाहन स्वामी डिजिटल माध्यम से समाधान चाहते हैं, वे भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के आधिकारिक ‘नेक्स्टजेन ई-चालान’ (NextGen e-Challan) पोर्टल अथवा संबंधित विभागीय वेबसाईट पर जाकर घर बैठे कुछ ही मिनटों में अपनी आपत्ति व आवश्यक दस्तावेज दर्ज करा सकते हैं।

इसके अतिरिक्त, जो नागरिक डिजिटल माध्यम के बजाय व्यक्तिगत रूप से मिलकर अपना आवेदन देना चाहते हैं, उनके लिये भी सुगम व्यवस्था की गई है। ऐसे नागरिक कालीबाड़ी चौक स्थित यातायात मुख्यालय में शिकायत निवारण अधिकारी यानी अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (यातायात) के कार्यालयीन कक्ष में उपस्थित होकर प्रत्यक्ष रूप से अपना पक्ष रख सकते हैं।

त्वरित मार्गदर्शन और समाधान के लिये दूरभाष व मोबाईल हेल्पलाईन सक्रिय :

ई-चालान व्यवस्था से संबंधित किसी भी संशय के समाधान, दिशा-निर्देश अथवा दर्ज कराई गई आपत्ति की अद्यतन स्थिति जानने के लिये यातायात पुलिस ने विशेष दूरभाष व मोबाईल हेल्पलाईन नंबर भी सार्वजनिक किये हैं। किसी भी असुविधा से बचने के लिये आम नागरिक दूरभाष नंबर 0771-4247108 अथवा मोबाईल नंबर 9479299814 पर सीधे संपर्क स्थापित कर सकते हैं।

इस हेल्पलाईन डेस्क पर तैनात अधिकारी नागरिकों को शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया और आवश्यक साक्ष्यों के संबंध में विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। पुलिस प्रशासन ने सभी वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे ‘वाहन’ पोर्टल पर अपना चालू मोबाईल नंबर अवश्य अद्यतन रखें ताकि चालान की सूचना समय पर मिल सके, और किसी भी त्रुटिपूर्ण चालान के विरुद्ध निर्धारित 45 दिनों की समयावधि का विशेष ध्यान रखें ताकि नियमों के अनुरूप उन्हें समय पर राहत प्रदान की जा सके।