रायपुर : छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर दिखाई देने लगा है। पिछले दो दिनों से आसमान में बादल छाए रहने और सूरज की आंख-मिचौली के बाद बुधवार दोपहर जिले में तेज बारिश शुरू हो गई। देर रात से ही मौसम में ठंडक महसूस की जाने लगी थी। वहीं, दिनभर बादलों की आवाजाही के बीच दोपहर होते-होते तेज हवाओं के साथ बारिश होने लगी, जिससे मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया।
बारिश और गिरते तापमान को लेकर जिले में यलो अलर्ट :
अचानक बदले मौसम के कारण लोगों की दिनचर्या प्रभावित होने की संभावना है। मौसम में आई ठंडक के चलते सर्दी, खांसी और अन्य मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। वहीं, आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट आने से ठंड बढ़ने के आसार जताए जा रहे हैं। हालांकि, बारिश और तापमान में गिरावट को लेकर मौसम विभाग के द्वारा जिले को यलो अलर्ट में रखा गया है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में जिले में ठंड और बढ़ने की आशंका है।
3 दिन अति भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी :
बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव को देखते हुए जिले में मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 28, 29 और 30 अक्टूबर 2026 को जिले में कुछ स्थानों पर अति भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके साथ ही 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद :
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए जिले के नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। संभावित खराब मौसम को देखते हुए जनहानि, पशुहानि और फसलों को नुकसान से बचाव के लिये आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सतर्क रहें और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें। रात के अंधेरे में शुरू हुआ बारिश का सिलसिला सुबह तक जारी रहने से क्षेत्र में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। लगातार हो रही वर्षा के बीच लोगों की नजरें अब मौसम की स्थिति पर टिकी हुई हैं। वहीं, चक्रवात के संभावित प्रभाव को देखते हुए खेती-किसानी से जुड़े लोगों की चिंता भी बढ़ सकती है।
लगातार वर्षा होने से सामान्य जनजीवन, आवागमन और रोजमर्रा के कामकाज पर असर पड़ने की संभावना है। बारिश का दौर आगे भी जारी रहता है तो लोगों को दैनिक गतिविधियों में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में लोगों के लिये मौसम की ताजा स्थिति और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों पर ध्यान देना जरूरी है।
किसानों के सामने फसल सुरक्षित रखने की बड़ी चुनौती :
इस समय बारिश का असर किसानों के लिये विशेष चिंता का विषय बन सकता है। जिन किसानों की फसल खेतों में तैयार है या कटाई की तैयारी चल रही है, उनके लिये मौसम का अचानक बदलना परेशानी बढ़ा सकता है। लगातार बारिश होने से खेतों में खड़ी फसल, काटकर रखी गई उपज और खुले स्थानों पर रखे कृषि उत्पादों को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है।
ऐसे में किसानों को सलाह दी जाती है कि कटी हुई फसल को सुरक्षित और ढके हुए स्थान पर रखें तथा खेतों में पानी जमा होने की स्थिति पर नजर बनाये रखें। मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए कृषि संबंधी निर्णय लेने में स्थानीय कृषि विभाग की सलाह उपयोगी हो सकती है।
मौसम पर टिकी नजरें: खुले मैदान और पेड़ों के नीचे न जाने की हिदायत
केशकाल सहित आसपास के क्षेत्रों में हो रही बारिश के बीच आगामी घंटों के मौसम को लेकर लोगों में उत्सुकता बनी हुई है। हालांकि, केवल बारिश होने के आधार पर इसे चक्रवात का प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं माना जा सकता। इसके लिये मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनी और स्थानीय मौसम संबंधी आंकड़ों की पुष्टि आवश्यक है।
फिलहाल क्षेत्रवासियों को सावधानी बरतने, अनावश्यक रूप से खराब मौसम में बाहर निकलने से बचने तथा नदी-नालों और जलभराव वाले स्थानों से दूर रहने की जरूरत है। बारिश के दौरान तेज हवा या बिजली चमकने की स्थिति में खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े होने से भी बचना चाहिए। केशकाल में रात 2 बजे से जारी बारिश के बीच अब सभी की नजरें मौसम के अगले रुख पर हैं। यदि वर्षा का सिलसिला लंबा खिंचता है, तो इसका असर जनजीवन के साथ-साथ किसानों की कृषि गतिविधियों पर भी पड़ सकता है।



