रायपुर : छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर लगातार दूसरे दिन भी देखने को मिल रहा है। प्रदेश के कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं के चलते जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने पांच जिलों में ऑरेंज और कई अन्य जिलों के लिये येलो अलर्ट जारी कर सतर्क रहने की सलाह दी है। संभावित खराब मौसम को देखते हुए रायपुर जिले में गुरुवार को सभी स्कूलों और कॉलेजों में अवकाश घोषित किया गया है।
अर्नब चक्रवात को लेकर कई क्षेत्रों में अलर्ट जारी :
चक्रवात अर्नब के प्रभाव को देखते हुए मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के लिये ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। नारायणपुर, कोंडागांव, बीजापुर, बस्तर और दंतेवाड़ा में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। इन जिलों में मौसम की स्थिति को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। वहीं, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, मुंगेली, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा, बेमेतरा, बलौदाबाजार, महासमुंद, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर, बालोद, धमतरी, गरियाबंद, बलरामपुर, कोरिया, सूरजपुर, जशपुर, सरगुजा और सुकमा के लिये येलो अलर्ट जारी किया गया है।
विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर रायपुर में स्कूल-कॉलेजों की छुट्टी :
चक्रवाती तूफान अर्नब के मद्देनजर रायपुर जिले में विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गुरुवार को सभी स्कूलों और कॉलेजों में एकदिवसीय अवकाश घोषित किया गया है। जिला प्रशासन ने संभावित भारी बारिश, तेज हवाओं और प्रतिकूल मौसम की आशंका को देखते हुए यह एहतियाती कदम उठाया है। प्रशासन का उद्देश्य खराब मौसम के दौरान विद्यार्थियों को किसी भी संभावित खतरे से बचाना है। मौसम की स्थिति को देखते हुए आम लोगों को भी पूर्ण सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
बालोद में लगातार बारिश से धान की फसलों पर संकट :
चक्रवात अर्नब का असर बालोद जिले में भी दिखाई दे रहा है। यहां लगातार दूसरे दिन बारिश का सिलसिला जारी है और पिछले 24 घंटों से जिले में हल्की हवाओं के साथ रुक-रुककर बारिश हो रही है। मौसम बिगड़ने के कारण शिक्षा विभाग ने जिले के सभी शासकीय और निजी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। लगातार बारिश का असर अब किसानों की फसलों पर भी नजर आने लगा है। खेतों में पककर तैयार हो रही धान की फसलें बारिश और हवा के चलते जमीन पर गिरने लगी हैं। खेतों में दोबारा पानी भरने से गिरी हुई धान की बालियों के खराब होने की आशंका भी बढ़ गई है। फिलहाल किसानों की चिंता बढ़ गई है और उनकी मेहनत पर पानी फिरने का खतरा मंडरा रहा है।
मौसम खुलने के बाद किया जायेगा फसल नुकसान का आकलन :
मौसम के पूर्वानुमान के मुताबिक, बालोद जिले में गुरुवार शाम तक बारिश थमने की संभावना जताई गई है। हालांकि, आसमान पूरी तरह साफ होने में एक दिन और लग सकता है। मौसम सामान्य होने के बाद किसान जब अपने खेतों में पहुंचेंगे, तब फसलों की वास्तविक स्थिति सामने आयेगी। इसके बाद ही बारिश और तेज हवाओं से हुए नुकसान का आकलन किया जायेगा। किसानों को अब इस बात की चिंता है कि यदि धान की फसल को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचता है, तो उसकी भरपाई कैसे होगी। ऐसे में फसल नुकसान की स्थिति स्पष्ट होने के बाद प्रशासन की ओर से राहत के लिये उठाए जाने वाले कदमों पर भी नजर रहेगी।
बस्तर संभाग में तेज हवाओं का दौर जारी, ओड़िशा व आंध्र प्रदेश ज्यादा प्रभावित :
जगदलपुर सहित बस्तर संभाग में भी चक्रवात अर्नब का असर देखने को मिल रहा है। देर रात बारिश होने के बाद गुरुवार सुबह बारिश थम गई, लेकिन तेज हवाएं चलने और आसमान में घने बादल छाए रहने से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। तूफान के प्रभाव को देखते हुए बस्तर में भी गुरुवार को स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वैज्ञानिकों के अनुसार, चक्रवात के केंद्र की दिशा में बदलाव के कारण इसका ज्यादा प्रभाव आंध्र प्रदेश और ओड़िशा में देखने को मिल रहा है। हालांकि, छत्तीसगढ़ के पूर्वी हिस्सों में भी इसका असर पड़ सकता है। कांकेर, गरियाबंद, कोंडागांव, रायपुर और दुर्ग सहित कुछ जिलों में मौसम प्रभावित होने की आशंका है। प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग के अलर्ट व दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।



