बालोद : छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में राजनांदगांव मार्ग पर एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया, जहां यात्रियों से भरी एक चलती निजी यात्री बस में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तीव्र गति से फैली कि देखते ही देखते पूरी गाड़ी आग के विकराल गोले में तब्दील हो गई और कुछ ही पलों में जलकर पूरी तरह राख के ढेर में बदल गई। इस रूह कंपा देने वाली घटना के समय बस में लगभग 10 से 15 यात्री सवार थे। गनीमत यह रही कि यात्रियों ने अदम्य साहस और त्वरित सूझबूझ का परिचय देते हुये समय रहते बस की खिड़कियों और दरवाजों से बाहर छलांग लगा दी, जिसके चलते एक भीषण जनहानि टल गई और सभी यात्री सुरक्षित बच निकलने में सफल रहे।
मालीघोरी क्षेत्र के पास धधक उठी बस :
प्राप्त विस्तृत जानकारी के अनुसार, ‘सुपर आनंद’ ट्रेवल्स की यह यात्री बस राजनांदगांव से यात्रियों को लेकर बालोद की तरफ आ रही थी। यात्रा के दौरान जैसे ही बस बालोद जिले के ग्राम मालीघोरी क्षेत्र के निकट मुख्य मार्ग पर पहुंची, अचानक उसके निचले हिस्से से संदिग्ध धुआं उठने लगा। इससे पहले कि चालक या परिचालक कुछ समझ पाते, लपटें तेजी से केबिन और पूरी बस में फैलने लगीं। देखते ही देखते आग ने प्रचंड रूप धारण कर लिया और पूरी बस धू-धू कर जलने लगी।
बस में रखे पटाखों में हुए भीषण विस्फोट, मची भगदड़ :
हादसे के संबंध में प्रत्यक्षदर्शियों और यात्रियों से मिली जानकारी के मुताबिक, बस के भीतर भारी मात्रा में त्यौहारी सीजन के पटाखे अवैध रूप से रखे हुये थे। आग की लपटें जैसे ही इन पटाखों के संपर्क में आईं, बस के अंदर एक के बाद एक कई जोरदार धमाके होने लगे। इन लगातार विस्फोटों की आवाज से पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई तथा यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। स्थिति की भयावहता को भांपते हुये यात्रियों ने अपनी जान बचाने के लिये असाधारण तत्परता दिखाई और गाड़ी के पूरी तरह भस्म होने से पहले ही बाहर छलांग लगाकर सुरक्षित स्थान पर पनाह ली।
दमकल और ग्रामीणों के प्रयास रहे नाकाम, पूरी बस जलकर हुई खाक :
सड़क पर जलती हुई बस और धमाकों की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण व राहगीर फौरन मदद के लिये मौके पर पहुंचे। स्थानीय ग्रामीणों ने आग पर काबू पाने के लिये पानी और मिट्टी डालकर भरसक प्रयास किये, किंतु आग का फैलाव इतना तीव्र और भयानक था कि ग्रामीणों के तमाम प्रयास विफल साबित हुये। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम भी वाहनों सहित घटनास्थल पर पहुंची। दमकलकर्मियों द्वारा आग बुझाने के लिये लगातार पानी की बौछारें की गईं, परंतु तब तक अत्यधिक लपटों के कारण बस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी और केवल लोहे का ढांचा ही शेष बचा।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर पुलिस की सख्त जांच और कार्यवाही :
इस सनसनीखेज घटना की सूचना मिलते ही बालोद पुलिस प्रशासन का अमला मौके पर पहुंचा। पुलिस बल ने सबसे पहले घटनास्थल पर अवरुद्ध हुये यातायात को व्यवस्थित कराया ताकि मार्ग पर वाहनों का आवागमन ठप्प न रहे। पुलिस ने इस पूरे मामले की गहन तकनीकी एवं कानूनी जांच शुरू कर दी है। यात्री बस में विस्फोटक व ज्वलनशील पटाखे किस आधार पर लोड किये गये थे, इसकी पड़ताल की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों के जीवन को संकट में डालने की इस गंभीर लापरवाही पर जिम्मेदारों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकद्दमा दर्ज कर सख्त दंडात्मक कार्यवाही की जायेगी।



