सूदखोर मामा-भांजा इरफ़ान और सलमान की खुलेआम गुंडागर्दी : शिकायत करने पर सरेराह रोका पीड़ित का रास्ता, दी जान से मारने की धमकी।

कोरबा : ऊर्जानगरी कोरबा के सिविल लाईन थाना क्षेत्र अंतर्गत अवैध सूदखोरी और दबंगई का एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है। क्षेत्र में लम्बे समय से ब्याज का अवैध धंधा संचालित करने वाले कुख्यात मामा-भांजा की जोड़ी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने से बौखलाकर एक पीड़ित का बीच रास्ते में रास्ता रोक लिया और उसे खुलेआम जान से मारने की धमकी दे डाली। आरोपियों की इस दुस्साहसिक हरकत के बाद पीड़ित और उसका पूरा परिवार भारी दहशत में आ गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल लाईन पुलिस ने प्रार्थी की शिकायत पर मुकद्दमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों के विरुद्ध विधिसम्मत कड़ी कार्यवाही की जा रही है।

बीच रास्ते में रोका रास्ता, दी जान से खत्म करने की धमकी :

नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) प्रतीक चतुर्वेदी से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, प्रार्थी गजानंद राठौर ने थाने में उपस्थित होकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है। प्रार्थी ने बताया कि सूदखोर इरफान कुरैशी और उसका भांजा सलमान कुरैशी बीते काफी समय से उसे मानसिक एवं आर्थिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। जब उसने इस अवैध उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाई और पुलिस की शरण ली, तो दोनों आरोपी आगबबूला हो उठे।

शिकायत के मुताबिक, पीड़ित जब अपने किसी निजी कार्य से जा रहा था, तभी दोनों आरोपियों ने दुर्भावनापूर्वक उसका मार्ग अवरुद्ध कर दिया। आरोपियों ने आक्रामक रुख अपनाते हुए पीड़ित को धमकाया कि वह बार-बार पुलिस में शिकायत दर्ज कराकर उनके रास्ते में रोड़ा अटकाने का दुस्साहस न करे। इस दौरान आरोपियों ने उसे और उसके परिजनों को गंभीर अंजाम भुगतने तथा जान से खत्म कर देने की खुली चेतावनी दी। सरेराह हुए इस विवाद और धमकियों के बाद पीड़ित बेहद सहम गया। सिविल लाईन पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेते हुए विभिन्न धाराओं के तहत मुकद्दमा दर्ज कर विस्तृत कार्यवाही शुरू कर दी है।

आतंक के साये में जीने को मजबूर पीड़ित परिवार ने लगाई सुरक्षा की गुहार :

इस खौफनाक घटना के बाद से पीड़ित गजानंद राठौर और उनके परिजन गहरे सदमे में हैं। थाने के बाहर अपनी पीड़ा साझा करते हुए गजानंद राठौर ने बताया, “इरफान कुरैशी और सलमान कुरैशी बेखौफ होकर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने खुलेआम मुझे जान से मारने की धमकी दी है, जिससे मैं और मेरा पूरा परिवार अत्यंत भयभीत है। हमें हर क्षण किसी अनहोनी की आशंका सता रही है।”

राठौर ने जिला पुलिस प्रशासन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से जान-माल की रक्षा के लिये गुहार लगाई है। उन्होंने निवेदन किया है कि पुलिस इस मामले को अत्यंत संवेदनशीलता और गंभीरता से ले, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से पहले उनके निर्दोष परिवार को समुचित सुरक्षा मिल सके और दबंगों को उनके किये की सख्त सजा दी जा सके।

सरकारी मुलाजिमों को निशाना बनाता है सूदखोर गिरोह; पूर्व में भी हो चुकी है बड़ी कार्यवाही :

सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि मुख्य आरोपी इरफान कुरैशी का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। उसके विरुद्ध पूर्व में भी अवैध सूदखोरी, ब्लैकमेलिंग और एक्सटॉर्शन (जबरन वसूली) से जुड़े अनेक गंभीर मुकद्दमे दर्ज किये जा चुके हैं। वह आदतन अपराधी है जो संगठित रूप से भोले-भाले लोगों को अपने चंगुल में फंसाता है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, इरफान कुरैशी और उसके गिरोह के निशाने पर मुख्य रूप से शासकीय विभागों में पदस्थ कर्मचारी रहते हैं। यह गिरोह पैसों की आकस्मिक जरूरत वाले कर्मचारियों को झांसे में लेकर शुरुआत में कुछ रकम, जैसे एक लाख रुपये तक, उधार देता है। इसके बदले में गिरोह पीड़ितों से उनके बैंक खाते के एटीएम कार्ड, पासबुक, हस्ताक्षरित ब्लैंक चेक बुक और सादे स्टांप पर एग्रीमेंट पेपर बंधक के तौर पर जब्त कर रख लेता है।

एक बार जाल में फंसने के बाद पीड़ितों पर अमानवीय रूप से ब्याज पर ब्याज लाद दिया जाता है। मूलधन का कई गुना ब्याज वसूलने के बाद भी यह गिरोह पीड़ितों के मूल दस्तावेज वापस नहीं करता और उनके खातों से प्रतिमाह वेतन की पूरी राशि स्वयं आहरित कर लेता है। इस प्रकार एक लाख रुपये के एवज में कई लाख रुपयों की खुली डकैती की जाती है। पूर्व में भी कोरबा पुलिस ने व्यापक स्तर पर छापेमारी कर इरफान कुरैशी के कब्जे से भारी तादाद में शासकीय कर्मियों के एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक, चेक बुक और कानूनी एग्रीमेंट दस्तावेज बरामद किये थे।

सीएसपी का दो टूक संदेश, किसी भी हाल में बख्शे नहीं जायेंगे सूदखोर :

मामले की जांच कर रहे अधिकारियों का कहना है कि पूर्व में की गई कार्यवाहियों के बावजूद आरोपी की गतिविधियों में कोई सुधार नहीं आया है। इस बार पीड़ित को सरेराह धमकी देने और कानून को हाथ में लेने के कृत्य को पुलिस ने बेहद गंभीरता से लिया है।

सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने स्पष्ट किया कि शहर में सूदखोरी, गुंडागर्दी और आम नागरिकों को भयभीत करने वाले तत्वों के खिलाफ शून्य सहिष्णुता (जीरो टॉलरेंस) की नीति अपनाई जायेगी। पुलिस प्रशासन द्वारा आरोपियों के पुराने सभी मामलों और बैंक लेन-देन की पड़ताल की जा रही है। बहुत जल्द इस संगठित गिरोह के सभी सहयोगियों पर शिकंजा कसते हुए ठोस कानूनी कार्यवाही को अंजाम दिया जायेगा।