रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र स्थित लक्ष्मी नगर में सनसनीखेज और पारिवारिक रिश्तों को तार-तार कर देने वाली चोरी का बड़ा खुलासा हुआ है। ऑनलाईन जुआ और सट्टेबाजी की लत में डूबे एक युवक ने अपना भारी-भरकम कर्जा चुकाने के लिये किसी अन्य स्थान पर नहीं, बल्कि अपने ही सगे जीजा के सूने मकान को सुनियोजित तरीके से निशाना बना लिया। आरोपी ने पूर्व में जीजा के घर पर रहकर बाकायदा पूरे मकान और लॉकर की रेकी की और फिर मौका पाते ही ग्राइंडर मशीन से दरवाजे की कुंडी तथा अलमारी का लॉकर काटकर सोने, चांदी तथा हीरे के बेशकीमती जेवरातों सहित नकदी पर हाथ साफ कर दिया। टिकरापारा पुलिस तथा एंटी क्राइम एंड साईबर यूनिट की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्यवाही करते हुए तकनीकी साक्ष्यों व सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल के आधार पर शातिर आरोपी को धर दबोचा। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने करीब 37 लाख रुपये मूल्य के 25 तोला सोने के जेवरात बरामद करने में शत-प्रतिशत सफलता प्राप्त की है।
त्यौहार से पहले सूने मकान में सेंधमारी, लॉकर तोड़कर साफ किये गहने :
पीड़ित अनिल शर्मा मूलतः कृषि विभाग में तकनीकी विशेषज्ञ के पद पर कार्यरत हैं और वर्तमान में कोंडागांव जिले में पदस्थ हैं। वह सपरिवार कोंडागांव में ही निवासरत हैं। रायपुर के लक्ष्मी नगर स्थित उनके तीन मंजिला मकान के भूतल तथा प्रथम तल पर उनके वृद्ध माता-पिता और बड़े भाई का परिवार रहता है, जबकि तीसरी मंजिल पर अनिल शर्मा का स्वयं का आवास है। 28 अक्टूबर की दोपहर मकान की नियमित साफ-सफाई करने वाली घरेलू सहायिका सारा काम निपटाकर मुख्य द्वार पर ताला लगाकर उसकी चाबी अनिल शर्मा की माता सुमित्रा शर्मा को सौंपकर गई थी। इसके उपरांत तीसरी मंजिल पूरी तरह बंद थी।
30 अक्टूबर की सुबह जब सुमित्रा शर्मा ऊपर पहुंचीं, तो मुख्य प्रवेश द्वार का ताला टूटा मिला। अनहोनी की आशंका पर उन्होंने तत्काल अपने पुत्र अनिल शर्मा को दूरभाष पर सूचना दी। अनिल शर्मा जब कोंडागांव से रायपुर पहुंचे और कमरे का मुआयना किया, तो अंदर रखी अलमारी का लॉकर टूटा मिला और उसमें रखे पुश्तैनी सोने, चांदी, हीरे के जेवरात और नकदी पूरी तरह नदारद थे।
बीएनएस की धाराओं में मुकद्दमा दर्ज, एंटी क्राइम और साईबर यूनिट ने संभाला मोर्चा :
घर के भीतर से लाखों के आभूषणों की चोरी की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पीड़ित की लिखित शिकायत पर टिकरापारा थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 331(4) और धारा 305 के तहत मुकद्दमा दर्ज कर तफ्तीश तेज कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए टिकरापारा पुलिस और एंटी क्राइम एंड साईबर यूनिट की एक संयुक्त विशेष टीम गठित की गई। जांच दल ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया, परिजनों से गहन पूछताछ की और क्षेत्र में लगे विभिन्न सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले।
सीसीटीवी फुटेज में दीवार फांदता दिखा संदिग्ध, साले के रूप में हुई पहचान :
जांच के दौरान एक फुटेज में संदिग्ध युवक रात के समय मकान की चहारदीवारी फांदकर भीतर दाखिल होता और सीढ़ियों के सहारे तीसरी मंजिल की ओर बढ़ता दिखाई दिया। जब इस फुटेज की जांच की गई, तो आरोपी की पहचान अनिल शर्मा के सगे साले प्रियंक उर्फ शुभम पाण्डेय (उम्र 31 वर्ष), पिता देवेंद्र पाण्डेय, निवासी प्रिंस कॉलोनी, टिकरापारा के रूप में हुई।
संदेह के आधार पर पुलिस ने प्रियंक पाण्डेय को हिरासत में लिया। प्रारंभिक पूछताछ के दौरान आरोपी लगातार पुलिस को गुमराह करता रहा और अपने बयान बदलकर चोरी में शामिल होने से साफ इंकार करता रहा। किंतु जब साईबर यूनिट और पुलिस अधिकारियों ने उसके सामने सीसीटीवी फुटेज, मोबाईल लोकेशन सहित अन्य तकनीकी साक्ष्य प्रस्तुत किये, तो उसने टूटकर अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
दो दिन पूर्व बहन के घर रुककर की थी रेकी, ऑनलाईन जुए के कर्ज ने बनाया गुनहगार :
आरोपी प्रियंक पाण्डेय ने पुलिस को बताया कि उसे ऑनलाईन गेमिंग और ऑनलाईन सट्टेबाजी के जरिए जुआ खेलने की बुरी लत लग चुकी थी, जिसके चलते उस पर लाखों रुपये का कर्ज चढ़ गया था। लेनदार रकम वापस मांगने के लिये लगातार दबाव बना रहे थे। कर्ज से छुटकारा पाने के लिये उसने अपने जीजा के घर चोरी की पूरी योजना तैयार की थी।
वारदात से कुछ दिन पहले वह अपनी बहन के साथ उनके रायपुर स्थित मकान पर दो दिनों तक रुका था। इसी दौरान उसने नजर रखी कि अलमारी में सोने, चांदी और हीरे के जेवर कहां रखे हैं। जब उसे पुख्ता जानकारी हो गई कि उसकी बहन कोंडागांव लौट चुकी है और तीसरी मंजिल पूरी तरह खाली है, तब उसने वारदात को अंजाम दिया।
ग्राइंडर मशीन से काटा ताला, जांच भटकाने के लिये अलमारी में छोड़ दिये कुछ जेवर :
वारदात की रात आरोपी अपने साथ एक छोटी ग्राइंडर मशीन और औजार छिपाकर लाया था। वह दीवार फांदकर तीसरी मंजिल पर पहुंचा और ग्राइंडर से ताला काटकर अंदर घुसा। अलमारी का लॉकर काटकर उसने जेवरात अपनी थैली में भरे। पुलिस जांच को भटकाने और परिजनों को भ्रम में रखने के लिये उसने कुछ आभूषण वहीं छोड़ दिये तथा अलमारी में रखे कपड़ों को दोबारा व्यवस्थित कर दिया ताकि किसी को तुरंत शक न हो। इसके बाद वह मौके से फरार हो गया।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर उसके ठिकाने से चोरी किये गये करीब 37 लाख रुपये मूल्य के 25 तोला सोने के जेवरात बरामद कर लिये हैं। आरोपी के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्यवाही पूरी कर उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। पुलिस द्वारा मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है।



