रायपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दीपावली मनाने के लिये छत्तीसगढ़ के बस्तर पहुंचे। यहां प्रधानमंत्री मोदी ने करनपुर स्थित CRPF कैंप में जवानों के साथ दिवाली मनाई। प्रधानमंत्री के बस्तर आगमन पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उनका आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बस्तर आगमन पर उनका स्वागत करते हुए कहा कि बस्तर की पावन धरा पर प्रधानमंत्री का हार्दिक अभिनंदन है। उन्होंने कहा कि बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ की जनता के प्रति प्रधानमंत्री का विशेष स्नेह और आत्मीय लगाव सभी के लिये सदैव प्रेरणादायी रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी नेतृत्व और मार्गदर्शन में बस्तर भय और हिंसा के अंधकार से निकलकर शांति, विश्वास और विकास के नए उजाले की ओर बढ़ रहा है। बस्तर में शांति और विकास की दिशा में हो रहे बदलावों को उन्होंने प्रधानमंत्री के नेतृत्व का परिणाम बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी की वीर जवानों के बीच उपस्थिति उनके अदम्य साहस, त्याग और समर्पण का सम्मान है। प्रधानमंत्री का जवानों के साथ दीपावली मनाना निश्चित रूप से उनका मनोबल बढ़ाने वाला है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दीपावली की हार्दिक बधाई एवं मंगलमय शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कामना की कि प्रधानमंत्री का स्नेह, आशीर्वाद और मार्गदर्शन छत्तीसगढ़ को निरंतर मिलता रहे तथा प्रदेश शांति, समृद्धि और विकास के पथ पर आगे बढ़ता रहे।
बस्तर में वीर जवानों के बीच पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी
बस्तर। दीपावली के खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बार छत्तीसगढ़ के बस्तर में देश के वीर जवानों के बीच पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री करनपुर स्थित CRPF कैंप पहुंचकर सुरक्षाबलों के जवानों के साथ दिवाली की खुशियां मना रहे हैं। उनके आगमन से जवानों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। इस दौरान उन्होंने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि ये पहली दीवाली है, जब देश का हर जिला नक्सलवाद से मुक्त है।
‘आप सभी मेरे परिवार के सदस्य’: प्रधानमंत्री मोदी
इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज पूरे देश में और दुनिया के कोने-कोने में करोड़ों भारतीय रोशनी का यह शुभ त्यौहार मना रहे हैं। लोग दूर-दूर से अपने घरों में लौट रहे हैं। यह परिवारों और प्रियजनों के लिये एक साथ आने और जश्न मनाने का एक बड़ा अवसर है।
“मैं भी दिवाली मनाने के लिये आप सबके बीच आया हूं। जो लोग सीमाओं पर और देश के भीतर राष्ट्र की रक्षा करते हैं, राष्ट्र के रक्षक और भारत माता के वीर पुत्र-पुत्रियां, आप सभी मेरे परिवार के सदस्य हैं।”
‘साल 2026 की यह दीवाली ऐतिहासिक और विशेष’
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि साल 2026 की ये दीवाली वाकई विशेष है! ये पहली दीवाली है, जब देश नक्सलवाद-माओवादी आतंक के खिलाफ दशकों पुरानी लड़ाई जीत चुका है। ये पहली दीवाली है, जब देश का हर जिला नक्सलवाद से मुक्त है। ये पहली दीवाली है, जब करोड़ों देशवासी नक्सलवाद के भय को परास्त कर चुके हैं।
उन्होंने कहा कि 47 साल बाद पहली बार ऐसा हुआ है, जब पिछले एक वर्ष में CRPF के एक भी जवान को ड्यूटी के दौरान जान नहीं गंवानी पड़ी। ये देश की सही नीतियों और दृढ़ इच्छाशक्ति की जीत है। हमने सेवा भाव से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के जीवन को बदला। इसलिए नक्सलवाद से पीड़ित लोग भी सरकार और सुरक्षाबलों के साथ मजबूती से खड़े हुए हैं। आज एक तरफ 50 करोड़ लोग भीषण गरीबी से बाहर आए हैं, वहीं दूसरी ओर देश में नक्सली हिंसा का भी अंत हुआ है।
सोशल मीडिया पर दी जवानों संग दीवाली की जानकारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सुबह ही सोशल मीडिया पोस्ट के जरिये बस्तर में जवानों के साथ दिवाली मनाने की जानकारी साझा की थी। इसके बाद उनके बस्तर दौरे को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। बस्तर में प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी को लेकर सुरक्षा के पुख्ता और व्यापक इंतजाम किये गये हैं।
प्रधानमंत्री ने देशवासियों को दीं दीपावली की शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीपावली के पावन अवसर पर देशवासियों को भी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सुबह सोशल मीडिया पर शुभकामना संदेश साझा करते हुए लिखा, “देशभर के अपने परिवारजनों को दीपावली की असीम शुभकामनाएं।”
इससे पहले 7 नवंबर को प्रधानमंत्री ने लगभग 50 सेकंड का एक वीडियो भी साझा किया था। पारंपरिक परिधान और माथे पर तिलक लगाए प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा था कि दीपोत्सव का पावन त्यौहार अंधेरे के खिलाफ हमारे संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कामना की कि दीपावली सभी नागरिकों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए।
2014 से लगातार जवानों के साथ दीवाली मनाने की परंपरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्ष 2014 से लगातार जवानों के साथ दीपावली मनाने की परंपरा निभाते आ रहे हैं। इसकी शुरुआत उन्होंने साल 2014 में विश्व के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र सियाचिन बेस कैंप से की थी। इसके बाद विभिन्न वर्षों में वे अलग-अलग सीमावर्ती व सैन्य क्षेत्रों में पहुंचे:
- 2014: सियाचिन बेस कैंप
- 2015: अमृतसर के पास पंजाब सेक्टर
- 2016: हिमाचल प्रदेश में चीन सीमा के पास सुमदोह
- 2017: जम्मू-कश्मीर का गुरेज सेक्टर
- 2018: उत्तराखंड का हर्षिल
- 2019: नियंत्रण रेखा (LoC) पर राजौरी
- 2020: राजस्थान के जैसलमेर स्थित लोंगेवाला
- 2021: जम्मू-कश्मीर का नौशेरा
- 2022: कारगिल
- 2023: हिमाचल प्रदेश का लेप्चा
- 2024: गुजरात के कच्छ स्थित सर क्रीक
- 2025: गोवा-कारवार तट पर स्वदेशी विमानवाहक पोत INS विक्रांत पर नौसेना जवानों के साथ
इस वर्ष प्रधानमंत्री मोदी ने छत्तीसगढ़ के बस्तर को दीपावली उत्सव के लिये चुना है। नक्सलवाद से मुक्त हो चुके इस क्षेत्र में जवानों के साथ त्यौहार मनाना उनके इस दौरे को विशेष महत्व देता है।



