रायपुर : राजधानी में एक महिला डॉक्टर ने अपने पति और ससुराल पक्ष के सदस्यों पर दहेज प्रताड़ना, मारपीट और गंभीर आर्थिक शोषण का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि शादी के महज दो दिन बाद से ही उसे पुरानी कार और कम सोना लाने का ताना दिया जाने लगा था तथा मायके से और सोना व नकदी लाने का लगातार दबाव बनाया जाता था। विरोध करने पर पति गाली-गलौज और मारपीट करता था। इस मामले में महिला थाना पुलिस ने कार्यवाही करते हुए पति शुभ शर्मा, ससुर संजय शर्मा, सास स्मृति शर्मा और पति के नाना दशरथलाल तिवारी के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज किया है।
हनीमून के दौरान मारपीट और विवाद :
एफआईआर के अनुसार, महिला की शादी 27 नवंबर 2024 को रामटेक (महाराष्ट्र) में हुई थी। शादी में पिता ने आई-20 कार और सोने-चांदी के जेवर दिये थे। महिला का आरोप है कि दिसंबर 2024 में वियतनाम हनीमून के दौरान जब उसने पति द्वारा अन्य लड़कियों से मसाज कराने पर आपत्ति जताई, तो उसके साथ मारपीट की गई। पति ने उससे केवल पैसों के लिये शादी करने की बात भी कही थी।
मोबाईल यूपीआई से चुकाये क्रेडिट कार्ड के बिल, मंगवाये महंगे सामान :
महिला ने आरोप लगाया कि पति दिसंबर 2024 से मार्च 2025 तक उसकी जानकारी और सहमति के बिना मोबाईल यूपीआई से अपने क्रेडिट कार्ड के बिल चुकाता रहा और महंगे सामान मंगवाये। विरोध करने पर वह फिर मारपीट करता था। प्रताड़ना से तंग आकर अप्रैल 2025 में वह मायके चली गई। इसके बाद वह बैंगलुरू में नौकरी करने लगी, जहां उसकी मासिक आय ढाई से तीन लाख रुपये थी। आरोप है कि पति ने वहां भी यूपीआई का दुरुपयोग और प्रताड़ना का सिलसिला जारी रखा।
गंभीर रूप से बीमार नवजात को देख छोड़ा साथ :
महिला के मुताबिक, गर्भावस्था के दौरान जब बच्चे को गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं होने की जानकारी मिली, तब पति ने उसका साथ छोड़ दिया। सात जून 2026 को बैंगलुरु में बच्चे का जन्म हुआ, जिसे गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं के कारण आईसीयू में रखना पड़ा। महिला का आरोप है कि पति और ससुराल वालों ने मां-बेटे की कोई सुध नहीं ली। 27 सितंबर को महिला थाने में आवेदन देने के बाद काउंसलिंग कराई गई, लेकिन उसके असफल रहने पर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।



