जशपुरनगर : जशपुर जिले के सन्ना थाना क्षेत्र अंतर्गत लोढ़ेनापाठ गांव में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां अंधाधुंध दौलत कमाने की सनक में एक कलयुगी रिश्तेदार ने चार साल के मासूम बालक की गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी। रूह कंपा देने वाली इस वारदात में आरोपी ने बच्चे के शव से दोनों आंखें, फेफड़े और दोनों किडनियां तक बाहर निकाल लीं। पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए आरोपी बासुदेव उर्फ टेंगनू को धर दबोचा है। पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी ने मानव अंगों को बेचने और शरीर से अंग निकालने की पूरी तकनीक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और इंटरनेट मीडिया के माध्यम से सीखी थी।
एआई और ऑनलाईन दुनिया से अमीर बनने का चढ़ा था भूत :
पुलिस अनुसंधान में सामने आया है कि पांचवीं कक्षा तक पढ़ा आरोपी बासुदेव चलनी गांव में कृषि मजदूरी का कार्य करता था। वह अपनी सीमित दैनिक आय से बिल्कुल संतुष्ट नहीं था और महंगे शौक तथा लग्जरी बाईक खरीदने के लिये कम समय में करोड़पति बनने के ख्वाब देख रहा था। उसके पास एक स्मार्ट मोबाईल फोन था। उसने बीते लगभग दो वर्षों से ऑनलाईन माध्यमों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और एआई टूल्स पर ‘जल्दी अमीर कैसे बनें’ जैसे विषयों को लगातार सर्च किया। इसी दौरान उसने अवैध मानव अंग तस्करी के काले कारोबार के बारे में जानकारी जुटाई और मासूमों के अंग निकालकर बेचने की खौफनाक साजिश रची। उसने इंटरनेट के जरिये यह भी सीखा कि मानव शरीर से अंगों को कैसे काटा और निकाला जाता है।
पिता को पिलाई शराब, फिर मासूम को बनाया शिकार :
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉक्टर लाल उम्मेद सिंह ने पूरे मामले का विस्तृत खुलासा करते हुए बताया कि लोढ़ेनापाठ निवासी रामजीत राम (36 वर्ष) ने शनिवार, 7 नवंबर को अपने चार वर्षीय बेटे जितेंद्र के अचानक रहस्यमय परिस्थितियों में लापता होने की लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। रामजीत के अनुसार, 5 नवंबर की सुबह लगभग 9 बजे उसका ममेरा भाई बासुदेव घर आया और उसे बहला-फुसलाकर शराब पिलाने के बहाने बस स्टैंड की ओर ले गया।
पिता को शराब के नशे में धुत्त करने के उपरांत बासुदेव वापस गांव लौटा, जहां उसे अकेला खेलता हुआ मासूम जितेंद्र मिल गया। आरोपी ने बच्चे को प्यार से पुचकारा और घुमाने के बहाने गुलाम अंसारी के खेत की तरफ ले गया। इसके बाद वह बच्चे को खूंटाटांगर ले गया, जहां उसने उसे चिकन खिलाया और शराब भी पिलाई। जब मासूम बच्चा पूरी तरह बेसुध होकर सो गया, तब बासुदेव ने अपने पास रखे धारदार चाकू से उसका गला रेतकर उसे मौत के घाट उतार दिया।
बर्बरता की पराकाष्ठा : आंखें और अंग निकालकर बाल्टी में भरे
हत्या की इस नृशंस वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने इंटरनेट पर सीखी गई पद्धति के अनुसार मासूम के शरीर को क्षत-विक्षत किया। उसने बच्चे की दोनों आंखें निकाल लीं और फिर सीना व पेट चीरकर दोनों किडनियां तथा फेफड़े बाहर निकाल लिये। इन सभी महत्वपूर्ण अंगों को उसने सुरक्षित रखने के उद्देश्य से एक बाल्टी में भरकर रख लिया, जबकि बच्चे के क्षत-विक्षत शव को कंबल और गोदरी में लपेटकर गांव के ही एक खेत के सुनसान गड्ढे में फेंक दिया।
अगली सुबह जब परिजनों और ग्रामीणों ने खोजबीन शुरू की, तो खेत के गड्ढे से मासूम जितेंद्र का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। शव की वीभत्स स्थिति देखकर पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश और सनसनी फैल गई। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर वैज्ञानिक साक्ष्य संकलित किये और शव को विधिवत परीक्षण के लिये भिजवाया।
दिल्ली के खरीदार का था इंतजार, न आने पर गड्ढे में दबा दिये अंग
जांच में यह अत्यंत विचित्र और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि आरोपी बासुदेव सोशल मीडिया पर किसी अज्ञात प्रोफाइल से हुई चैटिंग को दिल्ली के किसी बड़े अंग तस्कर गिरोह की बातचीत समझ बैठा था। उसे पूरा यकीन था कि दिल्ली से कोई व्यक्ति लाखों रुपये लेकर इन अंगों को खरीदने सीधे उसके पास आयेगा। वह दो दिनों तक बाल्टी में रखे अंगों के साथ खरीदार की प्रतीक्षा करता रहा।
जब दो दिन बीत जाने के बाद भी कोई खरीदार नहीं पहुंचा और अंगों से दुर्गंध आने लगी, तो पकड़े जाने के भय से उसने बांस के झुरमुट के पास फावड़े से गड्ढा खोदकर उन अंगों को जमीन में गाड़ दिया।
पुलिस का त्वरित एक्शन : जंगल की झोपड़ी से दबोचा गया हत्यारा
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सन्ना थाना क्षेत्र में सघन घेराबंदी की। मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 137(1)(बी), 103(1) और 238(ए) के अंतर्गत संगीन मुकद्दमा दर्ज किया गया। जांच के दौरान एक ग्रामीण ने पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग देते हुए बताया कि उसने 5 नवंबर को जितेंद्र को बासुदेव के साथ जंगल की दिशा में जाते हुए देखा था।
संदेह के आधार पर पुलिस दल ने तत्काल दबिश दी और आरोपी को जंगल के समीप स्थित एक खेत की झोपड़ी में सोते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। कड़ी पूछताछ में आरोपी टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त धारदार चाकू, फावड़ा, प्लास्टिक की बाल्टी, जमीन में छिपाये गये अंग और उसका मोबाईल फोन विधिवत जब्त कर लिया है।
साईबर व फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर होगी कड़ी कार्यवाही :
पुलिस प्रशासन ने इस जघन्य हत्याकांड को अत्यंत गंभीरता से लिया है। जब्त किये गये मोबाईल फोन को विस्तृत डेटा विश्लेषण के लिये राज्य की स्टेट साईबर फॉरेंसिक लैब भेजा गया है, ताकि उसकी ब्राउजिंग हिस्ट्री, एआई चैट रिकॉर्ड्स और कथित खरीदारों के संपर्कों की सूक्ष्म जांच कराई जा सके। इसके साथ ही निकाले गये अंगों और बच्चे के पार्थिव शरीर का डीएनए मिलान भी कराया जा रहा है ताकि न्यायालय में पुख्ता साक्ष्य प्रस्तुत किये जा सकें। आरोपी को सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
“पांच वर्ष के मासूम बच्चे की यह निर्मम हत्या और शव से अंगों को निकालना अत्यंत नृशंस, घृणित और निंदनीय कृत्य है। पुलिस इस मामले में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरतेगी। डीएनए प्रोफाइलिंग, फॉरेंसिक साक्ष्य और मोबाईल कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स सहित सभी तकनीकी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। बहुत जल्द इस जघन्य कांड की चार्जशीट तैयार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की जायेगी। हमारी पूरी कोशिश होगी कि अभियोजन पक्ष ऐसे दरिंदे को न्यायालय से कठोरतम सजा दिलाये ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जाये।” — डॉक्टर लाल उम्मेद सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी), जशपुर



