नई दिल्ली : मोदी-शाह की जोड़ी अक्सर चौकाने वाले फैसले लेती है, इस बार भी भाजपा ने यह तय किया है कि तीनों राज्यों में नए चेहरों को प्रदेश की कमान सौंपी जा सकती है। इन तीन राज्यों के नाम छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान है। जहां भाजपा ने जीत हासिल की है। बीते दिनों संपन्न हुए तीन राज्यों में सीएम फेस को लेकर बड़ी खबर आ गई है। दिल्ली से इस वक्त की बड़ी खबर यह है कि भाजपा जिन तीन राज्यों में विजय हासिल की है उनमें नए चेहरों को मौका मिलेगा। कहा जा रहा है कि भाजपा ने यह तय किया है कि तीनों राज्यों में नए चेहरों को प्रदेश की कमान सौंपी जा सकती है। इन तीन राज्यों के नाम छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान है। जहां भाजपा ने जीत हासिल की है। भाजपा के निर्णय चौकाने वाले होते है, जैसे की भाजपा हिंदूवादी विचारधारा को मानती है तो उसी के अंतर्गत कोई नया चेहरा सामने आ सकता है। हो सकता है किसी नये हिंदूवादी चेहरे को आगे लाकर उसे फिर से उपचुनाव के जरिये निर्वाचित किया जाये। यदि जीते हुये चेहरों में से पार्टी को कोई उपयुक्त चेहरा समझ नहीं आता तो वो ऐसा निर्णय ले सकती है।
इस विषय में दिल्ली में लगातार मंथन जारी है, भाजपा ने अभी तक पर्यवेक्षकों की नियुक्ति नहीं की है। कहा जा रहा है कि दिल्ली में संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा है ऐसे में भाजपा हाईकमान को दो से तीन दिन का वक्त और लग सकता है, इस प्रकार का फैसला लेने में। लेकिन जो बातें सूत्रों के हवाले से निकलकर आ रही है उनमें से यह तय हो गया है कि भाजपा इस बार तीनों राज्यों में नए चेहरों को सीएम पद की कमान देने जा रही है। पार्टी में मोदी-शाह की जोड़ी के निर्णय को समझना बड़ा मुश्किल है। वहीँ मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान को सीएम ना बनाना जनता को नागवार गुजर सकता है, इसके उलट छत्तीसगढ़ और राजस्थान में सीएम पद के लिये कोई भी हिंदूवादी चेहरा चल सकता है। हालाँकि इस पर पार्टी का मंथन जारी है, तीनों राज्यों में सांसद प् से विधायक बने नेताओं ने इस्तीफा दे दिया है, जनता को अभी तीनों राज्यों में सीएम मिलने में थोड़ी देर हो सकती है, इसके लिये अभी इंतजार करना होगा।