रायपुर :राज्य में ‘अल नीनो’ के प्रभाव से दक्षिण-पश्चिम मानसून कमजोर पड़ सकता है, 15 जून तक मानसून छत्तीसगढ़ में सक्रिय हो जाता है, लेकिन अभी तक इसका कोई अत-पता नहीं है, जिससे अब राज्य में सामान्य से कम बारिश और सूखे जैसे हालात बनने की आशंका बन गई है। इसका सीधा असर खरीफ फसलों और कृषि अर्थव्यवस्था पर पड़ता है, जो किसानों के लिये मुश्किल खड़ी करने वाला है। वहीँ छत्तीसगढ़ में मानसून के प्रवेश से पहले तापमान में बढ़ोत्तरी का दौर जारी है। इस बीच मंगलवार को राजधानी रायपुर के कुछ क्षेत्रों में अंधड़ के साथ बारिश तो कहीं बूंदाबांदी हुई है तो इसके बाद तेज धूप के कारण रात तक उमस से लोग परेशान होते रहे है। बिलासपुर में पारा 42 डिग्री तक पहुंच गया है।
मौसम विभाग ने जानकारी दी कि उत्तरी क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 2 डिग्री तक बढ़ा है। संभावना है कि अगले 5 दिनों तक हलकी से मध्यम बारिश, बादल गरजने और तेज हवा चल सकती है। मंगलवार को कुछ स्थानों पर बारिश हुई है, लेकिन लोकल सिस्टम के कारण बस्तर में 5 सेमी पानी गिरा। इसके अलावा 3 सेमी करपावंड, जशपुरनगर, रामानुजनगर और दरभा में 2 सेमी और सक्ती, मनोरा, कोंडागांव में 1 सेमी वर्षा दर्ज की गई है। राजधानी में कल चार घंटे तक हल्की से मध्यम बारिश हुई है। वहीँ राजधानी में लोग उमस से खासे परेशान है।
मंगलवार के बाद बुधवार को भी रायपुर में बारिश हो सकती है। आज सुबह से आसमान में बादल छाये हुये हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अंधड़ और बारिश हो सकती है। वहीं अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने के आसार है।
मौसम विभाग ने बलौदा बाज़ार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा मरवाही, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सुरगुजा, सूरजपुर और कोरिया में बादल गरजने, आकाशीय बिजली, तेज हवा और बारिश को लेकर संभावना जताई है। इन सभी क्षेत्रों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीँ आपको बता दें कि प्रदेश में आज एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही गरज चमक के साथ वज्रपात और 50 किमी की रफ्तार से हवा चल सकती है। दो दिन बाद भी इसी तरह का मौसम रहने का अनुमान है।
अल नीनो ने दस्तक दे दी है और यह 1950 के बाद से सबसे ताकतवर अल नीनो में से एक हो सकता है। माना जा रहा है कि इससे दुनिया भर में मौसम चक्र प्रभावित होगा। इसके प्रभाव से भारत में मानसून कमजोर पड़ सकता है साथ ही देश के कई हिस्सों में सूखे जैसे भी हालात बन सकते हैं। सरकार ने भी पहले से तैयारी करते हुए देश भर में 197 ऐसे जिलों की पहचान की है जो अल-नीनो के असर से सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं।



