ईश्वर साहू की बदली किस्मत, मजदूर से बने विधायक, ईश्वर साहू ने विधानसभा की चौखट पर टेका मत्था, और भी जाने इनके बारे में।

रायपुर : ईश्वर साहू छत्तीसगढ़ में जीते हुये एक ऐसे प्रत्याशी है जो मजदूर से सीधा विधायक बने है। पहली बार विधानसभा चुनाव जीतने के बाद नवनिर्वाचित विधायक विधानसभा पहुंचने लगे हैं। कई ऐसे विधायक हैं, जो पहली बार विधानसभा की सीढ़ी चढ़ रहे हैं, वे गेट पर पहुंचते ही मत्था टेक रहे हैं। बुधवार को मजदूर से विधायक बने साजा के ईश्वर साहू ने विधानसभा भवन के मुख्य गेट पर पहुंचते ही मत्था टेका। साथ ही सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो भी जीत के बाद नाम दर्ज कराने विधानसभा पहुंचे। जानकारी के अनुसार विधानसभा में अब तक करीब 40 विधायक अपनी हाजिरी लगा चुके हैं। विधायक लगातार विधानसभा पहुँच रहे है।

जानिए कौन है ईश्वर साहू ?

ईश्वर साहू को लेकर आम लोगों में खासा उत्साह है, वो ईश्वर साहू की जीत को आम आदमी की जीत से जोड़ रहे है। छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में भाजपा से साजा विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी ईश्वर साहू, भुवनेश्वर साहू के पिता है। भुवनेश्वर साहू हत्याकांड के बाद भाजपा ने ईश्वर साहू को न्याय दिलाने साजा से उम्मीदवार घोषित किया गया था। बता दें कि, कांग्रेस से साजा के उम्मीदवार मंत्री रविंद्र चौबे थे। ईश्वर साहू ने रवींद्र चौबे को चुनाव में 5 हजार से अधिक वोटों से मात दी है। यही ईश्वर साहू अपने बेटे के न्याय के लिये रवींद्र चौबे के दरवाजे तक गये थे लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिल पाया। अब वो खुद विधायक है, जिन पुलिस अधिकारियों ने इन्हें दुत्त्कारा था, अब वो ही अधिकारी ईश्वर साहू का आदेश मानने के लिये बाध्य होंगे।

जीत के बाद ईश्वर साहू ने ट्विट किया :

विधानसभा चुनाव में सफलता हासिल करने के बाद ईश्वर साहू ने कहा कि वो किसी के घर का चिराग नहीं बुझने देंगे। छत्तीसगढ़ भाजपा ने ईश्वर साहू के बयान को शेयर किया है। “आगे किसी घर के चिराग को बुझने नहीं दूंगा”
श्री ईश्वर साहू जी
माननीय विधायक, साजा विधानसभा