रायपुर : उम्र बहुत सारे अनुभवों के साथ धीरे-धीरे बढ़ती है। इनमें कुछ मीठे अनुभव होते हैं, तो कुछ खटास भरे। जिनका असर किसी के भी मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। यदि आपकी मां मन से बीमार हैं, यानी किसी काम को करने का उन्हें मन में वहम बैठ गया है, या किसी पर वे शक करने लगी हैं, तो ये संकेत है कि उनके मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दिए जाने की जरूरत है। अगर इसमें लापरवाही की जाए तो ये भविष्य में हताशा, मानसिक कमजोरी जैसी समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकता है। इन समस्याओं से बचने के लिए जरूरी है कि आप उनके साथ समय बिताएं, जो आमतौर पर आज की भागदौड़ और तनाव भरी जिन्दगी में कोई कर नहीं पाता , उसी समस्याओं के निराकरण के लिये अवन्ति विहार की महिलायें ममता अग्रवाल, सरोज पुरोहित, ज्योति गुप्ता, रुक्मिणी रामटेके और गीता हाटे चौपाल का आयोजन करती है, जो आनंद निकेतन कॉलोनी में आयोजित हुआ,
आयोजन कर्ता महिलाओं ने ने बताया की 40 से ऊपर की उम्र के बाद जीवन के उतार चढ़ाव से जूझने वाली महिलाओं को पूरे उत्साह से जीना सिखाना, यही हमारी चौपाल का उद्देश्य है, 13 दिसंबर की चौपाल मे संगीत, गेम, काव्यपाठ का सभी ने मनोरंजन किया और मस्ती। डॉ गौरा चांडक जी ने एक्यूप्रेशर थेरेपी से घर पर ही स्वस्थ रहने के बारे मे छोटी छोटी जानकारी दी जो सभी के लिए फायदेमंद रहेगी।



