जानिये GST से जुड़े नियम नही तो पड़ सकते है मुसीबत में, आपके साथ हो सकता है ये….।

 रायपुर : जीएसटी लागू करने का उद्देश्य देश में एक देश, एक बाज़ार, एक टैक्‍स के विचार को बनाना था। जीएसटी लागू होने से सर्विस टैक्‍स, वैट, क्रय कर, एक्‍साइज ड्यूटी और अन्‍य कई टैक्‍स समाप्‍त हो गए है। इनकी जगह जीएसटी ने ले ली। जीएसटी लागू होने पर सभी राज्यों में लगभग सभी सामान एक ही मूल्य पर मिलता है। अगर इसका लाभ व्यापारियों को हुआ है तो, उपभोक्ताओं को भी इसका लाभ मिला है, लेकिन इससे व्यापारियों पर टैक्स चोरी को लेकर शिकंजा कास गया है। अगर आपको भी 50 हजार रुपये के जुर्माने से बचना है तो जीएसटी के इन नियमों के बारे में जान लें। जीएसटी के नियमानुसार अगर आप जीएसटी में रजिस्टर्ड है तो अपने दुकान या गोदाम के बाहर जीएसटी नंबर व सर्टिफिकेट लगाना बहुत आवश्यक है, अगर आपने ऐसा नहीं किया है तो आपको 50 हजार रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ेगा। इस जुर्माने से बचना है तो आपको नियमों का पालन करते हुए अपनी दुकान व गोदाम के बाहर जीएसटी नंबर व सर्टिफिकेट लगाना आवश्यक है।

मांग सकते हैं आईडी कार्ड और आइएनएस 01 फार्म :

अगर आपने जीएसटी रजिस्ट्रेशन में दिए गए पते को बदल दिया है तो भी आपको अपने व्यावसायिक परिसर में जीएसटी नंबर व सर्टिफिकेट लगाना होता है। ऐसा नहीं होने पर जीएसटी अफसरों द्वारा कार्यवाही की जा सकती है। कर विशेषज्ञों का कहना है कि सभी को जीएसटी के इन नियमों का पालन करना होगा। उपभोक्ता के पास यह अधिकार है कि जब जीएसटी अफसर आयें तो वह उनसे पहचान पत्र व आइएनएस 01 फार्म मांग सकता है।

इसे भी जानना है जरुरी :

राम से बड़ा है राम का नाम , रोज सुने यह धुन , लिंक पर करें क्लिक : https://www.youtube.com/watch?v=TIkGGHYTb_Y

कर विशेषज्ञ से मिली जानकारी के अनुसार अगर आपकी वार्षिक बिक्री 40 लाख से ज्यादा है और सर्विस प्रोवाइडर है और वार्षिक टर्नओवर 20 लाख से ज्यादा है तो जीएसटी में रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी है। इसके साथ ही टर्नओवर 2 करोड़ है तो वार्षिक रिटर्न की जरूर नहीं है। वार्षिक टर्नओवर पांच करोड़ है तो 3बी और आर 1 फाइल करना होगा,5 करोड़ से ज्यादा है तो मासिक भी कर सकते है। कुल मिलाकर आपको अपने दुकान और गोदाम पर GST की जानकारी दिखानी है अन्यथा आप पर 50 हजार का जुर्माना भरना पड़ सकता है।