सागर(म.प्र.) : बेटी की बारात आने वाली थी। स्वागत के लिए पकवान बनाए जा रहे थे। पंडाल से लेकर वरमाला के लिए स्टेज तैयार था। तेल, मेहंदी, हल्दी की रस्म पूरी हो गई थी। दुल्हन सज-धज कर दूल्हे का इंतजार कर रही थी। इसी बीच अचानक पुलिस की एंट्री हो गई और दुल्हन के पिता बेहोश हो गए। सागर की इस शादी में गजब का ट्विस्ट आया।
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दरअसल, दुल्हन नाबालिग थी. पुलिस ने जब दस्तावेज चेक किए तो इस बात का पता चला। उन्होंने शादी रोकने की बात कही, जिस पर दुल्हन के माता-पिता बिफर गए. वह तरह-तरह की धमकियां देने लगे, इसी दौरान जब बात नहीं बनी तो पिता घबरा कर बेहोश हो गए। लोगों ने उन्हें संभाला, तब तक दूल्हा पक्ष भी वहां पहुंच चुका था। दोनों पक्षों को पुलिस ने समझाया। इसके बाद दूल्हे राजा बिना दुल्हन के लौट गए।
मंदिर में होना था विवाह
बाल विवाह रोकने का यह मामला सागर के सनोदा थाना क्षेत्र का है, जहां इछावर गांव के पास स्थित हरसिद्धि मंदिर में बाल विवाह करने की तैयारी की जा रही थी। महिला किशोर विशेष पुलिस इकाई की टीम को इसकी सूचना मिली थी, जिसके बाद महिला बाल विकास विभाग, चाइल्ड लाइन और पुलिस की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की।
दुल्हन के पिता ने दी आत्महत्या की धमकी
पुलिस किशोर इकाई की प्रभारी ज्योति तिवारी ने बताया कि शादी में पहुंचने और बाल विवाह रोकने की बात पर दुल्हन की मां धमकी देने लगी कि हम विधायक से बात कर लेंगे, पिता बोले हम आत्महत्या कर लेंगे, तब उन्हें बैठकर करीब 2 घंटे तक समझाया गया। तब जाकर परिजन माने लड़की की उम्र 18 साल होने में साढ़े 3 महीने कम थी।
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पुलिस को देख दूल्हा छिपा
साथ ही एक विवाह पामाखेड़ी में भी रोका गया, जिसमें लड़के की उम्र 16 साल 5 महीने थी। जब टीम शादी वाले घर पहुंची तो उन्होंने दूल्हे को छिपा लिया। पंचनामा कार्रवाई कर उन्हें भी समझाया गया। उस विवाह को भी रुकवाया गया।
लड़का 21 साल, लड़की की उम्र 18 साल हो
ज्योति तिवारी ने बताया कि कानून के हिसाब से लड़के की उम्र 21 साल पूरे होने के बाद ही वह विवाह करने योग्य होता है। इसी तरह लड़की की उम्र 18 साल होनी चाहिए। तय उम्र पूरी होने के बाद परिजनों को अपने बच्चों की शादी करनी चाहिए।



