स्काई वॉक को लेकर सामने आया साय सरकार का बड़ा फैसला, अब होगा ऐसा….।

रायपुर : स्काई वॉक को लेकर शुरू से ही आम जनता ने भी विरोध किया है, सबका यही कहना है कि स्काई वॉक की जरूरत क्या है, जहाँ राजधानी मुंबई की तर्ज पर इतनी विकसित नहीं है और यहाँ ट्रैफिक को लेकर ही जगह नहीं मिल रही है वहां इसकी उपयोगिता क्या है? जबसे स्काई वॉक का निर्माण शुरू हुआ है तब से लेकर अब तक आम जनता ने इसके निर्माण लेकर परेशान रही है। अब खबर है कि आधे-अधूरे पड़े स्काई वॉक का निर्माण पूरा किया जायेगा। विष्णुदेव साय सरकार ने जनहित में इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का निर्णय लिया है। 2018 में राज्य में कांग्रेस सरकार ने स्काई वॉक को अनुपयोगी बताकर इसके निर्माण पर रोक लगा दी थी, लेकिन अब सरकार के निर्देशों के बाद लोक निर्माण विभाग की सेतु निगम ने रिपोर्ट दी है कि स्काई वाक का ढांचा मजबूत है। इसे दोबारा तैयार किया जा सकता है, अब इसको लेकर नई योजना बनाई जायेगी और इसे पूरा किया जायेगा।

पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की सामान्य सुझाव समिति ने भी स्काई वॉक को तोड़ने के बजाय जनहित में इसके उपयोग का सुझाव दिया था। बावजूद इसके सरकार ने निर्माण कार्य रोके रखा था। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक बारिश के बाद सितंबर-अक्टूबर में निर्माण कार्य जारी किया जा सकता है। नगरीय निकाय चुनाव के आचार संहिता के पहले टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली जायेगी। 5 साल की विगत कांग्रेस सरकार के समय विकास के नाम पर राज्य में कोई भी कार्य नहीं हो पाया है।

सीसीटीवी से लैस होगा :

सब्सक्राईब करें हमारा यूट्यूब चैनल : https://www.youtube.com/@MachisFilmProduction/

स्काई वॉक का उपयोग मुख्यतौर पर फुटओवर ब्रिज के रूप में होगा। स्काई वॉक के अलग-अलग स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाएं जाएंगे। टेंडर के की समय-सीमा महत्वपूर्ण होगी, अब इसका बजट भी बढ़ चुका है। पुराना खराब स्ट्रक्चर को हटाया जाएगा। पूर्व में स्वीकृत ड्राइंग-डिजाइन में जरूरतों के हिसाब से संशोधन किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग मंत्री अरुण साव ने कहा, जनहितों के मद्देनजर स्काई वॉक प्रोजेक्ट पर विचार किया जा रहा है। पिछली सरकार ने इस पर राजनीति की। स्ट्रक्चर रिपोर्ट के आधार पर निर्माण कार्य होगा। स्काई वॉक आम जनता के गले की हड्डी बन गया है, जिसको लेकर आम जनता विगत कई वर्षों से परेशान रही है।

स्काइ वॉक पर अब तक ऐसा हुआ :

भगवान राम को अपना अपना राम – राम भेजें, हनुमान चालीसा अनुवाद सहित सुने , लिंक पर क्लिक करें : https://www.youtube.com/watch?v=rJDZQ4R9fYs

1. 2016-17 में भाजपा ने निर्माण कार्य शुरु किया, लखनऊ के मेसर्स जीएस एक्सप्रेस को काम सौंपा गया।

2. आठ माह में निर्माण कार्य पूरा करना था। 42 करोड़ के प्रोजेक्ट की लागत 77 करोड़ रुपये पहुंच गई।

3. 2018 में कांग्रेस सरकार के आते ही प्रोजेक्ट पर रोक लगाई गई व जांच समिति गठित की। वर्ष 2020 में सामान्य सुझाव समिति ने स्काई वॉक का ढांचा तोड़ने पर सहमति नहीं जताई।