फर्रुखाबाद (उ.प्र.) जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों की मर्यादा और एक महिला की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं, हर बार यही सवाल उठता है कि महिला को प्रताड़ित क्यूँ किया जाता है? मामले के अनुसार चार बच्चों की मां ने अपने शौहर और उसके दो भाइयों पर संगीन इल्जाम लगाए हैं। महिला का कहना है कि उस पर अपने ही देवर के साथ मियां-बीवी की तरह रहने का दबाव बनाया गया था और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट कर घर से बाहर निकाल दिया गया है, जिससे वह काफी पीड़ित और प्रताड़ित है।
यह मामला फर्रुखाबाद जिले के फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के हाथीखाना इलाके का है, जहाँ पीड़ित महिला तरन्नुम (बदला हुआ नाम) ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया है कि उसका निकाह साल 2015 में मऊदरवाजा क्षेत्र के रहने वाले मोहम्मद शकील से हुआ था, जिसके बाद इस शादी से उनके चार बच्चे भी हैं।
महिला का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही उसका शौहर उस पर दबाव बनाने लगा था, उसका कहना है कि शौहर चाहता था कि वह उसके भाई शोएब के साथ भी बीवी की तरह से रहे। वहीँ पीड़ित महिला के मुताबिक, उसने इस बात का लगातार विरोध किया, लेकिन उस पर दबाव बनाया जाता रहा, जिससे महिला काफी परेशान रही।
पीड़िता ने बताया है कि जब उसने शौहर की इस मांग को मानने से इंकार किया तो उसे तीन तलाक का डर दिखाया गया, इसके साथ ही महिला का आरोप है कि उसके शौहर ने उसे देवर शोएब के साथ संबंध बनाने के लिए प्रताड़ना की सारी हदें पार कर दी। महिला के मुताबिक, बीते 10 मई को हालात और बिगड़ गये, उसने आरोप लगाया कि उसके शौहर और उसके दो भाइयों सिद्दीक और शफीक ने उसके साथ मारपीट की। इतना ही नहीं, मारपीट करने के बाद उसे जबरन घर से बाहर निकाल दिया गया।
पीड़िता ने बताया कि घटना के कुछ दिनों बाद, 23 मई को उसके पति ने एक वकील के माध्यम से उसे तीन तलाक का नोटिस भी भिजवा दिया। यह मामला सामने आने के बाद इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसके बाद महिला ने पुलिस से इंसाफ की गुहार लगाई है। उसकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने उसके शौहर और उसके दो भाइयों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और उस पर कार्यवाही की जा रही है।
पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण अधिनियम समेत अन्य संबंधित धाराओं के तहत मुकद्दमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष तरीके से जांच की जा रही है और जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
वहीं, पीड़िता का कहना है कि वह सिर्फ अपने और अपने बच्चों के लिए इंसाफ चाहती है। उसका आरोप है कि उसे लंबे समय से मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा और जब उसने इसका विरोध किया तो उसे घर से निकाल दिया गया है, अब वो न्याय के लिये भटक रही है।



