रायपुर : वैसे तो लोग सरकारी अस्पतालों में इलाज का भरोसा नहीं करते है, लेकिन नीजी अस्पतालों में भी इलाज की कोई गारंटी नहीं है, जिसके कारण कई बार मरीज को मौत का सामना भी करना पड़ जाता है। ऐसा ही एक मामला राजधानी रायपुर में पचपेड़ी नाका स्थित श्रीशंकरा अस्पताल से सामने आया है, जहाँ ओडिशा से घुटने के इलाज के लिए आए मरीज की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा मचाया। अस्पताल प्रबंधन ने बीजा कार्ड से इलाज के दौरान मरीज की छाती का आपरेशन किया।
घटना को लेकर परिजनों ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन से पहले अनुमति नहीं ली गई। उन्हें किसी भी तरह की कोई सूचना भी नहीं दी गई। ऑपरेशन के बाद मरीज की तबियत बिगड़ी, फिर उसकी मौत हो गई। परिजनों ने इसका विरोध किया तो डॉक्टर और स्टाफ ने मिलकर उनके साथ मारपीट भी की। साथ ही उनका फोन भी तोड़ दिया। परिजनों ने इसकी शिकायत पुलिस से की। पुलिस ने डॉक्टर और स्टाफ के खिलाफ एफआइआर दर्ज किया है। अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस घटना से परिजन सकते में आ गये , वहीँ डॉक्टरों की लापरवाही के बाद बदसुलूकी भी समझ के परे है।
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घटना को लेकर राजेंद्र नगर पुलिस ने बताया कि ओडिशा निवासी गेंदलाल सोनी को घुटने में तकलीफ थी। उसे चलने फिरने में दिक्कत हो रही थी। ओडिशा का एजेंट उन्हें इलाज के लिए पचपेड़ी नाका स्थित एक निजी अस्पताल लाया और यहां भर्ती कराया। यहां उनके घुटने का इलाज चल रहा था। अचानक डॉक्टरों ने उनके छाती का ऑपरेशन कर दिया। इसकी परिजनों को जानकारी नहीं दी। ऑपरेशन से मरीज की तबियत बिगड़ गई। फिर उन्हें वेंटीलेटर पर रख दिया गया। इसके बाद मरीज की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि गेंदलाल को घुटने के इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था। जबकि डॉक्टरों की लापरवाही ने मरीज की जान ले ली



