नई दिल्ली : बांग्लादेश में राजनीतिक तख्तापलट के बाद हिंदू अल्पसंख्यकों पर लगातार अत्याचार हो रहे हैं। अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही घटनाओं पर भारत समेत पूरी दुनिया से आवाजें उठ रही हैं। इसी बीच अब कर्नाटक में कांग्रेस के एक विधायक ने पीएम मोदी से बड़ी मांग की है। कांग्रेस विधायक रिजवान अरशद ने पीएम मोदी को एक पत्र लिखकर मांग की है कि 1971 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की तरह ही बांग्लादेश में सैन्य कार्यवाही जैसा कदम उठाने में संकोच नहीं करना चाहिए। वर्तमान में बांग्लादेश में हिन्दुओं पर काफी अत्याचार हो रहे है।
बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार से मन व्यथित – MLA
बेंगलुरु के शिवाजीनगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक रिजवान अरशद ने पीएम मोदी को एक पत्र लिखकर कहा कि मैं आज आपको भारत के एक चिंतित नागरिक के रूप में यह पत्र लिख रहा हूं। उन्होंने बताया कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार की खबरों से उनका मन व्यथित है। रिजवान अरशद ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और कल्याण सर्वोच्च चिंता का विषय होना चाहिए। ऐसी मांग करने वाले ये पहले नेता है, जिन्होंने भारत सरकार से बांग्लादेश में कार्यवाही की मांग की है, जबकि आम आदमी लगातार आन्दोलन कर रहा है।
निर्णायक सैन्य कार्यवाही में संकोच न करें – कांग्रेस MLA
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कांग्रेस विधायक रिजवान अरशद ने पीएम मोदी को लिखे पत्र में आग्रह किया कि प्रधानमंत्री बांग्लादेशी में नयी सरकार के साथ यह सुनिश्चित करें कि अल्पसंख्यकों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए तत्काल और प्रभावी उपाय किए जाएं। विधायक ने पत्र में कहा है कि हमारे प्रधानमंत्री के रूप में आपको 1971 में इंदिरा गांधी की तरह निर्णायक सैन्य कार्यवाही करने में संकोच नहीं करना चाहिए। मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि इस कठिन समय में बांग्लादेश में हमारे हिंदू भाइयों और बहनों की मदद के लिए अपने सम्मानित पद का उपयोग करें। यह मांग कांग्रेस विधायक रिजवान अरशद ने प्रधानमंत्री से की है।
सम्मानित पद का उपयोग करने की अपील :
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उक्त घटना के सम्बन्ध में अरशद ने पीएम मोदी से कहा है कि भारत के लोग हमेशा न्याय, शांति और मानवाधिकारों की सुरक्षा के पक्ष में खड़े रहे हैं। इस कठिन समय में बांग्लादेश में हमारे हिंदू भाइयों और बहनों की मदद के लिए अपने सम्मानित पद का उपयोग करें। मुझे विश्वास है कि आपके नेतृत्व में भारत न केवल बांग्लादेश में बल्कि भारत में भी अल्पसंख्यकों की चिंताओं को दूर करने के लिए निर्णायक कार्यवाही करेगा।’’ कई बंगलादेशी हिन्दू भारत – बांग्लादेश की सीमा पर भूखे प्यासे खड़े हुये है।



