अमेठी (उ.प्र.) : हिजबुल्लाह की नींव ईरान ने इजराईल को पछाड़ने के लिए अस्सी के दशक में रखी थी। यह एक शिया संगठन है, जो लेबनान में बेहद ताकतवर है। इसे दुनिया के सबसे ताकतवर गैर-सरकारी सैन्य ताकत की तरह भी देखा जाता रहा, जिसका काम इजराईल और उसके सहयोगियों को परेशान करना है। सामान्यतया इसका काम इजराईल जैसे देशों में आतंक फैलाना है। वहीँ इजराइल अब जब हिजबुल्लाह को मार गिराया है तो, उसको लेकर शिया समुदाय प्रदर्शन कर रहा है, इसी के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के अमेठी में हिजबुल्लाह चीफ नसरुल्लाह के समर्थन में कैंडल मार्च निकालने वालों पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। उन्होंने बिना अनुमति के कैंडल मार्च निकालकर प्रदर्शन करने वाले आयोजक सहित 8 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जायस कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत कंचाना मोहल्ले में मंगलवार शाम नसरुल्लाह के समर्थन में सैकड़ो लोगों ने कैंडल मार्च निकाला था। इस दौरान इजराईल मुर्दाबाद के नारे भी लगे थे। वहीँ इजराईल से भारत के अंतराष्ट्रीय कूटनीतिक सम्बन्ध भी है।
मंगलवार को मुस्लिमों ने किया था प्रदर्शन :
अभी हाल में ही इजराईल ने आतंकी संगठन हिजबुल्लाह चीफ नसरुल्लाह को मौत के घाट उतार दिया था। इस घटना के विरोध में शिया मुसलमानों ने कश्मीर से लेकर लखनऊ तक प्रदर्शन कर अपनी नाराज़गी जाहिर की थी। अमेठी में भी मंगलवार देर शाम बड़ी संख्या में मुसलमानों ने हाथों में हसन नसरुल्लाह का पोस्टर लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। इसका कई भारतीय लोगों ने विरोध भी किया था।
जिले में लागू है धारा 144 :
इधर जिले में त्यौहारों को लेकर धारा 144 लागू है। बिना किसी परमिशन के किसी भी प्रकार के जुलूस या प्रदर्शन पर पूरी तरह से रोक है। इसके बावजूद पुलिस को सूचना दिए बगैर लोगों ने प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। सूचना मिलते ही जायस कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची प्रदर्शनकारियों को शांत कराया। इसके थोड़ी देर बाद पुलिस ने इस मामले में मुकद्द्मा दर्ज कर आयोजक को हिरासत में ले लिया गया है। अमेठी के तिलोई इलाके के क्षेत्राधिकारी अजय कुमार सिंह का कहना है कि बिना अनुमति के जुलूस निकाला गया था। इस संबंध में मुकदमा दर्ज किया गया था।
सुल्तानपुर में भी निकाला गया था जुलूस :
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अमेठी से सटे सुलतानपुर में में सैकड़ों लोगों ने जुलूस निकाला था। अंजुमन पंजतनी तुराबखानी के नेतृत्व में गांव के बड़े इमाम बाड़ा से जुलूस निकाला गया था। माइनॉरिटी एडवोकेट वेलफेयर ट्रस्ट के वकील एमएच खान ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन इजराइल द्वारा उत्पीड़न के खिलाफ निकाला गया था।
छत्तीसगढ़ में भी शिया समुदाय निकल चुका है कैंडल मार्च :
दो पूर्व राजधानी रायपुर में हिजबुल्ला चीफ नसरल्लाह की मौत पर शिया समुदाय ने कैंडल मार्च निकाल कर मातम मनाया। शिया समुदाय के लोगों ने काले कपड़े पहनकर विरोध प्रदर्शन करने के साथ मातम में अपनी व्यापारिक प्रतिष्ठानें बंद रखीं।इजराइली हमले में नसरुल्लाह की मौत पर शिया समुदाय से जुड़े लोगों ने इजराइल, अमेरिका और सऊदी अरब के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कैंडल मार्च का आयोजन किया।
शुक्रवार को मारा गया था नसरुल्लाह :
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नसरल्लाह को इजराइल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) ने शुक्रवार को लेबनान के बेरूत में एक बड़े हवाई हमले में मार गिराया था। शिया प्रदर्शनकारियों ने रविवार रात हाथों में हसन नसरल्लाह की तस्वीर लेकर नारे लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया था। आक्रोशित शिया मुसलमानों ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का पोस्टर भी जला दिया था, इसके कारण कई लोगों ने इस कृत्य का विरोध भी किया था, भारत इजराइल के अच्छे सम्बन्ध है।



