रायपुर : विगत कांग्रेस सरकार ने नगर पालिका चुनाव में सीधा महापौर चुनने का अधिकार जनता से छीन लिया था, जिसके कारण जनता काफी नाराजगी थी, वहीं अब फिर से वर्तमान सरकार ने वह अधिकार लौटाने की बात कही है, महापौर चुनाव प्रणाली को लेकर नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने कहा, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का ऐतिहासिक निर्णय है कि अब अपना नेता जनता को चुनने का सीधा अधिकार होगा। शहर का अपने क्षेत्र का प्रथम नागरिक चुनने का अधिकार लोगों को मिले, जिसके तहत अब राज्य में महापौर चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से होंगे। श्री साव ने कहा कि कांग्रेस ने हार के डर से चुनाव प्रणाली बदल दी थी। सभी निगमों में महापौर होने के बाद भी शहर की दुर्दशा होती चली गई। अब फिर से प्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव होगा। विष्णुदेव साय के साथ भाजपा के महापौर शहरों का विकास करेंगे। इससे जनता अब सीधा अपना नेता चुन सकेगी।
निकायों का कार्यकाल 6 माह बढ़ाने की अधिसूचना :
छत्तीसगढ़ सरकार नगरीय निकाय चुनाव के नियमों में संशोधन करते हुए छत्तीसगढ़ शासन ने छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम (संशोधन) अध्यादेश प्रकाशित कर दिया है। नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में कार्यकाल पूरा होने से पहले ही नया चुनाव करवाना अनिवार्य था। अब नए संशोधन के बाद 6 महीने के समय के लिए राज्य सरकार व्यवस्था बनाकर कार्य का संचालन कर सकती है। अब जिसके बाद पुराने तरीके से चुनाव संपन्न करवाये जायेंगे।
निकाय-पंचायत चुनाव एक साथ कराने की तैयारी :
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छत्तीसगढ़ सरकार ने नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव एक साथ कराने के लिए आईएएस ऋचा शर्मा की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया था। कमेटी ने राज्य सरकार को पंचायत और निकाय चुनाव एक साथ कराए की सिफारिश की थी। कमेटी ने रिपोर्ट में कहा कि इससे धन की बचत के साथ ही विकास कार्यों में तेजी आएगी। दोनों चुनाव अलग-अलग कराने से आचार संहिता भी दो बार लगानी पड़ेगी, इससे विकास के काम प्रभावित होंगे, मैन पॉवर भी ज्यादा लगेगा। चुनाव काफी मेहनत और खर्च की सम्भावना को भी बताया गया है। वहीँ 13 नवम्बर को रायपुर दक्षिण के उप चुनाव में भी राजधानी में जनता अपना वोट करेगी।



