मुंगेली : सरकारी विभागों में बिना रिश्वत दिये काम करवाना नामुमकिन सा काम है, लोगों को सरकारी नौकरी चाहिये लेकिन काम उन्हें करना नहीं है, सरकारी स्कूल में नौकरी करेंगे , लेकिन अपने बच्चों को नहीं पढ़ायेंगे, सरकारी अस्पताल में नौकरी करेंगे लेकिन अपने परिजनों का ईलाज निजी अस्पताल में करवायेंगे, तो ऐसे में आम आदमी क्या करे? मामला है छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के रामगढ़ में पदस्थ पटवारी और उसके सहयोगी को 1 लाख की रिश्वत लेते ACB की टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। पटवारी और आरआई ने जमीन सीमांकन के नाम पर 5 लाख की रिश्वत मांगी थी। आरआई की संलिप्तता की जांच हो रही है। मामला कोतवाली थाना रामगढ़ पटवारी हल्का का है।
इस मामले में मिली जानकारी के अनुसार, पटवारी सुशील जायसवाल के खिलाफ पीड़ित विभाष सोनी ने रिश्वत मांगने की शिकायत की थी। शिकायत में बताया था कि, पिता शेखर सोनी के नाम की कृषि भूमि ग्राम रामगढ़ में स्थित है। जिसमें लगभग 12 खसरे की कुल 26 एकड़ जमीन के सीमांकन करवाना था। जिससे लिए मुंगेली आरआई नरेश साहू, रामगढ पटवारी अमलीडीह सुशील जायसवाल ने 5 लाख की रिश्वत मांगी थी, जिसे पीड़ित देना नहीं चाहता था।
संदेही आरआई की भूमिका की जा रही जांच :
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पीड़ित प्रार्थी द्वारा एसीबी बिलासपुर में 11 नवंबर को रिश्वत मांग की शिकायत करने पर सत्यापन कराया गया था। जिस पर शिकायत सही पाई गई है। सत्यापन के दौरान पटवारी सुशील जायसवाल ने 4 लाख रुपए पर सहमति दी गई थी। गुरूवार को प्रार्थी ने पटवारी सुशील जायसवाल को रुपए देने के लिए गया था। तभी पटवारी ने अपने सहायक गुलाब दास मानिकपुरी को रिश्वत रकम ने लेने के लिए कहा। ठीक इसी दौरान एसीबी टीम द्वारा आरोपी गुलाब दास और आरोपी पटवारी सुनील जायसवाल को रंगे हाथ पकड़ लिया गया है। गुलाब दास मानिकपुरी से रिश्वत की रकम एक लाख को बरामद कर लिया गया है। आरोपी पटवारी सुशील जायसवाल और सहायक गुलाब दास मानिकपुरी के खिलाफ धारा 712 पीसी एक्ट 1988 के तहत कार्यवाही की जा रही है। वहीं एक संदेही आरआई नरेश साहू की भूमिका की जांच की जा रही है। रिश्वतखोरी सरकारी विभागों में अपने चरम पर है, और इसका समाधान दूर – दूर तक नहीं है।



