6000 करोड़ के महादेव एप में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ FIR दर्ज।

रायपुर : जैसे – जैसे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का नाम घोटालों में आना जारी था, वहीँ से कार्यवाही तय थी, अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने छह हजार करोड़ के महादेव बेटिंग एप मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को आरोपी बनाया गया है। भूपेश बघेल का नाम छठवें नंबर पर है। एफआईआर में महादेव बेटिंग एप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल समेत 21 आरोपियों के नाम हैं। ईओडब्ल्यू से केस सीबीआई को सौंपा गया था। इसके आधार पर अब सीबीआइ ने अपराध दर्ज किया है। वहीँ चुनावी माहौल में शुभम सोनी नामक युवक ने भी अपने विडियो में भूपेश बघेल का जिक्र किया था।

पूर्व सीएम समेत 60 के यहां छापेमारी :

  • हाल ही में सीबीआई ने देशभर में भूपेश बघेल समेत 60 जगहों पर छापेमारी की थी।
  • ये छापेमारी कई राजनेता, नौकरशाह और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ की गई थी।
  • यह छापेमारी छत्तीसगढ़, भोपाल, कोलकाता और दिल्ली में की गई थी।
  • इस दौरान कई राजनेताओं, वरिष्ठ नौकरशाहों, पुलिस अधिकारियों, महादेव बुक के प्रमुख पदाधिकारियों और अन्य निजी व्यक्तियों के परिसरों पर तलाशी ली गई थी। ऐसे ही कईयों पर गाज गिरी है।

राजनेताओं को दी जाती थी प्रोटेक्शन मनी :

सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल विदेश में बैठकर बेटिंग एप चलाते हैं। इन पर आरोप है कि रवि उप्पल और सौरभ चंद्राकर बेटिंग एप से कुल आय का कुछ हिस्सा छत्तीसगढ़ के पुलिस अधिकारियों और राजनेताओं को बतौर प्रोटेक्शन मनी देते थे। वहीं इस मामले में भूपेश और नजदीकियों का नाम भी सामने आ चुका है। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा ईडी के बाद प्रतिवेदन के बाद एफआइआर दर्ज की थी। बाद में राज्य सरकार ने इस केस को सीबीआई को सौंप दिया था ताकि मामले की गहन जांच हो सके और इसमें शामिल वरिष्ठ अधिकारियों व अन्य आरोपियों की भूमिका उजागर हो सके।

छापेमारी में क्या मिला :

  • सीबीआई द्वारा की गई छापेमारी में बड़ी मात्रा में डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य मिले हैं, जिन्हें जब्त कर लिया गया है।
  • इनमें वित्तीय लेन-देन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल रिकार्ड शामिल हैं।
  • छापेमारी अब भी जारी है, और जांच एजेंसी जल्द ही और खुलासे कर सकती है।

इनका नाम प्रमुख रूप से आया है सामने :

खास ख़बरों के लिये सब्सक्राईब करें हमारा यूट्यूब चैनल :  https://www.youtube.com/@MachisMediaNews/

रवि उप्पल, शुभम सोनी, चंद्रभूषण वर्मा, असीम दास, सतीश चंद्राकर, भूपेश बघेल, नीतिश दीवान, सौरभ चंद्राकर, अनिल कुमार अग्रवाल उर्फ अतुल अग्रवाल, विकास छापरिया, रोहित गुलाटी, विशाल आहुजा, धीरज आहुजा, अनिल दम्मानी, सुनील दम्मानी, भीम सिंह, यादव, हरीशंकर तिबरवाल, सुरेंद्र बागड़ी, सूरज चोखानी।

क्राइम ब्रांच पहुंची सीबीआई की टीम :

  • मंगलवार की सुबह गंज स्थित एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट के दफ्तर में सीबीआई की एक टीम पहुंची।
  • तीन पुलिस जवानों के बारे में पूछताछ की गई है। उन्हें सीबीआई के दफ्तर भी बुलाया गया है।
  • इसके अलावा पूर्व में महादेव सट्टा संबंधित जितने अपराध दर्ज किए गए हैं, उसके दस्तावेज अपने साथ लेकर गई है।
  • वहीं, जिन-जिन जिलों के थानों में महादेव सट्टा के मामले दर्ज है, उसकी जांच की जा रही है।

जांच का दायरा बढ़ाया :

  • सीबीआई की टीम ने महादेव सट्टा प्रकरण में जांच का दायरा बढ़ा दिया है।
  • देशभर के चार राज्यों में छापेमारी करने के बाद अब इसमें मध्य प्रदेश के कटनी, अनूपपुर, आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तम, गोवा, महाराष्ट्र के पुणे और ओडिशा के कुछ जिलों को जांच में शामिल किया गया है।
  • उक्त सभी राज्यों की सीबीआइ दफ्तर से जानकारी जुटाई जा रही है।

पूर्व सीएम और आइपीएस के घर पड़ा था छापा :

  • सीबीआई ने 26 मार्च को रायपुर, भिलाई, दुर्ग, राजनांदगांव के साथ ही मध्य प्रदेश के भोपाल, दिल्ली और पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित 60 ठिकानों में छापामारा गया था।
  • इसमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, भिलाई विधायक देवेंद्र यादव, पूर्व सीएम के तत्कालीन सलाहकार विनोद वर्मा, तत्कालीन ओएसडी आशीष वर्मा, मनीष बंछोर, आइपीएस आनंद छाबड़ा, अभिषेक पल्लव, आरिफ शेख, प्रशांत अग्रवाल, अभिषेक माहेश्वरी, संजय ध्रुव, जेल भेजे गए सेवानिवृत आईएएस अनिल टुटेजा, राज्य सेवा की निलंबित अधिकारी सौम्या चौरसिया, सहित राज्य पुलिस के आरक्षक नकुल सहदेव और अन्य पुलिसकर्मी के 26 ठिकाने शामिल थे।

भूपेश बोले – हम डरने और झुकने वालों में से नहीं :

भक्ति संगीत के लिये सब्सक्राईब करें हमारा यूट्यूब चैनल :  https://www.youtube.com/@MachisFilmBhakti

एक्स पर लिखा कि सात साल पुराने केस में, जिसमें मैंने गिरफ़्तारी तक दी थी। जब उस केस में कोर्ट ने मुझे CBI के आरोपों से डिस्चार्ज कर दिया तो अब नया खेल शुरू किया गया है। पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव बनना और पंजाब का प्रभारी बनना, इन लोगों को खटक रहा है। लेकिन हम डरने और झुकने वालों में से नहीं हैं। आगे कहा कि ये सारी रचना इस प्रकार रची जा रही है कि भूपेश बघेल को गिरफ़्तार किया जा सके। भूपेश बघेल न पहले डरा था, न अब डरेगा। मैंने पहले भी गिरफ़्तारी दी थी। हम भागने वालों में से नहीं हैं। सत्य के मार्ग पर चल रहे थे और आगे भी चलते रहेंगे। वहीँ भूपेश ने सीबीआई जांच की कार्यवाही पर सवाल उठाते हुए लिखा कि यदि शुभम सोनी के आरोप पर मुझ पर FIR हो सकती है तो मैं भी आरोप लगा रहा हूँ कि मोदी-शाह-विष्णुदेव साय के संरक्षण में “महादेव एप” चल रहा है। क्या CBI इस पर जाँच और कार्यवाही करेगी?