सिन्धी समाज के कारोबारियों पर बुलडोजर कार्यवाही से भड़की महापौर, निगम के अधिकारियों को लगाई फटकार।

बिलासपुर । छत्तीसगढ़ के बिलासपुर नगर निगम में महापौर और अधिकारियों के बीच आपसी समन्वय की कमी देखी गई है, अधिकारियों पर हमेशा अपनी मनमर्जी करने के आरोप लगते रहे है। निगम द्वारा किए गए बुलडोजर कार्यवाही की जानकारी महापौर को दिए बिना ही कर दी गई है। इस बुलडोजर कार्यवाही से प्रभावित व्यापारियों ने जब महापौर से शिकायत की, तो महापौर ने अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। इसके साथ ही उन्होंने निगम में अफसरशाही चलाए जाने पर नाराजगी जाहिर की है। दरअसल, जवाली नाला रोड पर सोमवार को नगर निगम ने बुलडोजर कार्यवाही करते हुए कई व्यापारियों के दुकानों को हटा दिए। इस कार्सेयवाही ने सिन्धी समुदाय में भारी आक्रोश भड़काया। प्रभावित व्यापारियों ने मेयर पूजा विधानी के कार्यालय का रुख कर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए और अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।

इस मामले कि शिकायत मिलने पर महापौर पूजा विधानी ने बिलासपुर नगर निगम की भवन शाखा के मुख्य अधिकारी को तलब किया और कार्यवाही के पीछे की कारण-विवरण पूछे। जब अधिकारी संतोषजनक जवाब देने में असफल रहे, तो महापौर ने निगम में बढ़ती अफसरशाही पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि सिंधी समाज के व्यापारियों को बिना कोई पूर्व सूचना या वैकल्पिक व्यवस्था बताए निशाना बनाया गया है, जो कि निंदनीय है।

महापौर ने स्पष्ट रूप से कहा कि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने निर्देश दिए कि भविष्य में किसी भी अतिक्रमण हटाने की कारवाही से पहले जनप्रतिनिधियों को सूचित करना अनिवार्य होगा तथा मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाए। इसके बाद पूजा विधानी खुद प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने पहुंची। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निगम अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि मनमानी और बिना समन्वय के कोई भी कदम दोहराया नहीं जाएगा। वहीँ समाज के लोगों ने समाज को टारगेट करके कार्यवाही का आरोप भी लगाया है।