बिलासपुर : आज जहाँ पुरुष और महिला को सामान अधिकार है तो वहीँ महिलायें आज भी प्रताड़ना कि शिकार हो रही है। तीन तलाक की प्रथा पर भले ही सरकार ने रोक लगाने के लिए कानून बना दिया हो, लेकिन मुस्लिम समुदाय आज भी इससे छुटकारा नहीं पा सका है। इसका ताजा उदाहरण न्यायधानी में देखने को मिला, जहां बीवी को दहेज के लिए प्रताड़ित करने के बाद शौहर ने तीन बार तलाक, तलाक, तलाक कहकर उसे घर से बाहर निकाल दिया। जिससे पीड़िता दर-दर ठोकरें खाने को मजबूर होने लगी है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने शौहर सहित अन्य के खिलाफ मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण एक्ट, दहेज प्रताड़ना व अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है।
यह मामला शहर के तारबाहर थाना क्षेत्र का है। जहां पीड़िता का निकाह दिसंबर 2022 में सुपेला भिलाई निवासी नासिर अली से हुआ था। पीड़िता के परिजनों ने तब दहेज के रूप में नासिर के परिवार की हर मांग को पूरा किया था, लेकिन निकाह के 10 – 15 दिन बाद ही उसे प्रताड़ित किया जाने लगा। पति नासिर और सास उसे कम दहेज लाने, दहेज में बाइक लाने और चारित्रिक आरोप लगाकर प्रताड़ित करने लगे। शादी के बाद महिला कि जिन्दगी नर्क जैसे हो गई।
इसी बीच ससुराल में अनबन को लेकर पीड़िता के परिवार वालों ने नासिर और उसके परिजनों को समझाने की कोशिश की। सामाजिक जमात की बैठक भी हुई। लेकिन उसके बावजूद शौहर नासिर और सास पीड़िता को प्रताड़ित करते रहे। पति और ससुराल वालों की प्रताड़ना के बाद भी पीड़िता सबकुछ झेलकर रिश्ते को बचाने में लगी रही। लेकिन कुछ दिन ठीक रहने के बाद फिर से पीड़िता को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया गया। महिला लगातार परेशान होने लगी। अंततः पति नासिर ने एक दिन तीन तलाक बोलकर पीड़िता को घर से निकाल दिया, जिसके बाद परिजनों के साथ पीड़िता ने इसकी शिकायत बिलासपुर में महिला थाने में दर्ज कराई है।
पीड़िता और परिजनों के बयान के आधार पर पुलिस ने पति नासिर, सास सहित अन्य के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। मामले में मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण एक्ट 2019, दहेज प्रताड़ना व अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।मामले में जांच के साथ पुलिस अग्रिम कार्यवाही कर रही है। वहीँ इस घटना से महिला के लिये मुसीबत खड़ी हो गई, भविष्य को लेकर उसे चिंता सताने लगी है।



