राजधानी में आया स्कूली बच्चों के धर्मान्तरण का मामला, 3 महिलायें गिरफ्त में।

रायपुर : ऐसा नहीं है कि सिर्फ रायपुर में ही बल्कि, राज्य में भी हर जगह धर्मान्तरण का गंदा खेल लगातार जारी है, ये कृत्य देशभर में अलग-अलग तरीके से जारी है। ऐसे ही राजधानी रायपुर में जबरन धर्मांतरण का एक और मामला सामने आया है। जहां स्कूली बच्चों को बरगलाकर ईसाई धर्म को मानने के लिए कहा जा रहा था। ऐसा करने वाली 3 महिलाओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। इस मामले में सामने आया है कि शुक्रवार को सुबह माधवराव सप्रे उच्चतर माध्यमिक शाला के बाहर तीन महिलाएं पहुंचीं और बच्चों से पूछा कि कौन-कौन चर्च जाता है। जो नहीं जाते, उन्हें चर्च जाना चाहिए। साथ ही महिलाओं ने कहा कि हिंदू देवी -देवता से ज्यादा श्रेष्ठ प्रभु यीशु हैं। ऐसा कहकर महिलाएं बच्चों को बरगला रही थीं। चर्च जाने के लिए दबाव बनाने वाली तीन महिलाओं ममता चौहान, नम्रता चौहान और विभा मसीह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इसी तरह से धर्मान्तरण को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है।

बच्चों को दिया प्रलोभन :

जानकारी के अनुसार, थाने में महिलाओं के खिलाफ शिकायत की गई है कि वे प्रभु यीशु मसीह को श्रेष्ठ बताते हुए हिंदू देवी देवताओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणी कर रही थीं। चर्च जाने और प्रभु यीशु को मानने के लिए प्रलोभन दे रहीं थीं। महिलाएं, बच्चों से कह रहीं थी कि हिंदू देवी देवताओं को मानने वालों को कष्ट भोगना पड़ता है। इस तरह उन्होंने बच्चों को डराया।

हिंदू देवी देवता को कहा अपशब्द :

इस मामले में जानकारी सामने आई है कि स्कूल के चार दोस्त उदय भान सिंह, भावेश फुटान, राकेश धीवर और सत्यम फुटान स्कूल से अपने घर जाने को निकले थे। हनुमान मंदिर के पास तीनों महिलाएं पहुंची और कहने लगी कि इसाई धर्म से जुड़ जाओ। महिलाओं ने हिंदू देवी देवता के बारे में अपशब्द कहा। उदयभान सिंह को यह सुनकर बुरा लगा और उसने अपने भाई पंकज फुटान को फोन किया। इसके बाद हिंदू संगठन के युवा पहुंचे और थाने में शिकायत की। शिकायत पर सिटी कोतवाली पुलिस ने महिलाओं को हिरासत में लिया गया है।

गौरतलब है कि प्रदेश की राजधानी सहित अलग-अलग हिस्सों से आए दिन जबरन या बहलाफुसला कर धर्मांतरण की कोशिश के मामले सामने आ रहे हैं। जिसके खिलाफ हिंदू संगठनों की ओर से लगातार विरोध किया जा रहा है। साथ ही ऐसे मामलों की शिकायत पर पुलिस भी आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही कर रही है।

इस तरह धर्मान्तरण के लिये करते है आकर्षित :

1. चंगाई सभा: सभा में अपाहिज लोगों को चंगा करने के दावे किए जाते हैं। गुमराह करने के लिए लोग व्हील चेयर पर आते हैं व मंच पर दौड़ाए जाते हैं। सोशल मीडिया पर चमत्कार के दावे।

2. अंधविश्वास: बीमारों को ठीक करने के दावे किए जाते हैं। आंध्र प्रदेश के विजयनगर में लड़की बीमार पड़ी। परिवार वाले चर्च ले गए, भूखा रखकर प्रार्थना करवाई तो बालिका की मौत।

3. संगीत दावत के नाम पर आयोजन के जरिये। बीमारी बेरोजगारी के बहाने से पीड़ित परिवार को टारगेट करते है। धर्म परिवर्तन के लिए डर और प्रलोभनों से लेकर बीमारियां ठीक करने जैसे अंधविश्वास का भी सहारा लिया जा रहा है।