रामपुर (उ.प्र.) : 15 जून को गुलअफ्शा की बारात आनी थी। घर पर शादी की तैयारी चल रही थी। इसी बीच पुलिस को उसके मंगेतर कि लाश मिली थी। इस मामले में काफी खोजबीन के बाद जब कुछ पता न चला तो परिजनों ने गंज थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। साथ ही मंगेतर गुलअफ्शा और उसके प्रेमी का इस घटना में हाथ होने की आशंका जताई थी। निहाल के भाई नायाब शाह की तहरीर पर मंगेतर गुलअफ्शा, प्रेमी सद्दाम, फरमान और अनीस के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने प्रेमी सद्दाम और फरमान को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं, मंगेतर गुलअफ्शा और अनीस फरार बताये गये थे।
अब इस मामले में रामपुर की जिस गुलअफ्शा पर आरोप लगा था कि उसने प्रेमी के लिए अपने ही मंगेतर की हत्या कर डाली है, अब उस गुलअफ्शा की पूरी कहानी ही पलट गई है। अब इसकी जो कहानी सामने आई है, उसने सभी को हैरान कर दिया है।
पलट गया गुलअफ्शा का केस :
रामपुर के थाना गंज में 14 जून को एक शव मिला था। मृतक की 15 जून को शादी होने वाली थी। सीसीटीवी फुटेज में उसे साथ ले जाने वाला हत्यारा उसकी मंगेतर का एकतरफा आशिक निकला। ये देख मृतक के परिजनों ने मृतक की मंगेतर गुलअफ्शा के खिलाफ केस दर्ज करवा दिया था, इस मामले में आरोप लगा था कि युवती ने प्रेमी के साथ मिल अपने ही मंगेतर को मरवा डाला है। बता दें कि पुलिस इस मामले की जांच कर रही थी। वहीँ इस घटना से परिजन सकते में आ गये थे अब जांच में सामने आया है कि इस हत्याकांड में युवती गुलअफ्शा का कोई हाथ नहीं है। पुलिस को उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है। ऐसे में पुलिस ने हत्या के केस से गुलअफ्शा का नाम हटा दिया है।
गुलअफ्शा ने ये कहा :
होने वाले पति के हत्याकांड से अपना नाम हटने पर गुलअफ्शा ने कहा, मेरी शादी 15 जून के दिन थी। मगर मेरे होने वाले पति को किसी ने मार डाला। जांच में मेरे ही गांव के रहने वाले सद्दाम का नाम सामने आया। उसने ही मेरे होने वाले पति निहाल को मारा था। निहाल के परिजनों ने मेरा नाम भी केस में जोड़ दिया और मेरे खिलाफ आरोप लगा दिए। मगर रामपुर पुलिस की जांच में मेरा कोई हाथ सामने नहीं आया है। इस मामले में गुलअफ्शा ने आगे बताया कि, सद्दाम मेरे पीछे पड़ा हुआ था। वह शादी करना चाहता था। उसने मुझे और मेरे माता-पिता को भी जान से मारने की धमकी दी थी। लेकिन उसने निहाल को मार दिया। गुलअफ्शा का कहना है कि सद्दाम को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए।
रामपुर एसपी ने ये बताया :
इस पूरे मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक (रामपुर) विद्यासागर मिश्र ने बताया, हत्याकांड में युवती का नाम सामने आया था। युवती के साथ मृतक की शादी होने वाली थी। जब मामले की जांच की गई तो युवती के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है। अब उसका नाम केस से हटा दिया गया है। वहीँ अब मामले में आगे कि कार्यवाही की जा रही है।
वहीँ इस मामले में एएसपी अतुल श्रीवास्तव ने बताया था कि निहाल के परिजनों की तहरीर पर सद्दाम पुत्र साद हुसैन, फरमान पुत्र महबूब, अनीस पुत्र अखलाक हसन और युवती यानी होने वाली दुल्हन गुलफशा पुत्री आशिक अली निवासी धनुपुरा रामपुर के खिलाफ अपहरण कर हत्या करने की एफआईआर लिखी गई थी।



