हापुड़ (उ.प्र.) : जहाँ अधिकतर लोग साम्रदायिक सद्भाव को लेकर चिंतित है तो कुछ इसे बिगाड़ने पर तुले है। निजी विवादों को भी सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास किया जाता है। मामला है हापुड़ जिले की पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र के परतापुर गांव में मंगलवार देर शाम तीन युवकों पर हुए हमले से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मामले में आरोप है कि पिलखुवा से लौटते समय ग्रामीणों ने रास्ते में रोककर तीनों युवकों के नाम पूछकर उन्हें जमकर पीटा। इस दौरान दो युवक मौका पाकर भाग गए. आरोपियों ने फिर वसीम को पकड़ कर उसकी जमकर पिटाई कर दी। इस घटना की जानकारी लगते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और घायल वसीम को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
भोजपुर थाना क्षेत्र के कलछीना गांव निवासी आमिर ने बताया कि वह मंगलवार दोपहर अपने दो दोस्तों वसीम और एक अन्य साथी के साथ बाइक से पिलखुवा किसी काम से गया था। शाम को लौटते समय जैसे ही वे परतापुर गांव के पास पहुंचे, कुछ ग्रामीणों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया और मारपीट शुरू कर दी। आमिर का आरोप है कि हमले के दौरान उनसे उनकी पहचान और नाम पूछा गया। इसके बाद उनके साथ मारपीट की घटना को अंजाम दिया गया। साथ में आरोप यह भी है कि युवकों से जबरन ‘जय श्रीराम’ के नारे भी लगवाए गए। जबकि पुलिस ने धार्मिक नारेबाजी के आरोप को निराधार बताया है। स्थानीय लोगों ने इसे निजी विवाद बताया है। फिलहाल पुलिस ने इस मामले में चार नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज कर लिया है और जल्दी ही आरोपियों की गिरफ्तारी की बात कह रही है।
इस मामले में एएसपी विनीत भटनागर ने कहा कि, ‘युवकों ने पिलखुवा से बाइक खरीदी थी। वापस लौटते समय रास्ते में रील बनाने लगे थे। स्थानीय युवकों ने इनका एड्रेस, नाम, पता पूछा, जिससे इस बात को लेकर विवाद हो गया। स्थानीय चार युवकों द्वारा मारपीट की गई है। एक व्यक्ति को चोटें आई हैं। धार्मिक नारेबाजी वाली बात पूरी तरह से असत्य है। जबकि मामला सामान्य जानकारी लेने से था, जो की विवाद में बदल गया। इस मामले में चार नामजद अभियुक्तों के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने उन्हें जल्द ही गिरफ्तार करने की बात कही है।’



