रिटायर्ड महिला प्रोफेसर से 1.04 करोड़ की साईबर ठगी, इस तरह ठगी को दिया अंजाम….।

बिलासपुर : ठगबाजी के मामले थम नहीं रहे है, वहीँ सामने आया मामला है, जहाँ शहर में रिटायर्ड महिला प्रोफेसर को “डिजिटल अरेस्ट” के जाल में फंसाकर साइबर ठगों ने 1 करोड़ 4 लाख 80 हजार रुपए की बड़ी ऑनलाइन ठगी कर ली। ठगों ने उन्हें टेरर फंडिंग में शामिल होने का झूठा आरोप लगाकर मानसिक रूप से डराया गया और फिर दबाव में लेकर रकम ट्रांसफर करा ली। इस पूरे मामले में पीड़िता की शिकायत पर रेंज साईबर थाना पुलिस ने अपराध दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी गई है।

जानकारी के अनुसार, मुंबई निवासी प्रशांत श्रीवास्तव ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। वे एचआर कंसलटेंसी प्राइवेट लिमिटेड में डायरेक्टर हैं। उनकी मां रमन श्रीवास्तव वर्ष 2005 में डीपी विप्र कॉलेज से प्रोफेसर पद से सेवानिवृत्त हुई थीं और वर्तमान में सिविल लाइन थाना क्षेत्र के रियल हैवेन, शांति नगर, मंगला चौक में रहती हैं, जिससे 1 करोड़ से ज्यादा रकम की ठगी की गई है।

प्रशांत श्रीवास्तव के अनुसार, 27 अप्रैल को उनकी मां रमन श्रीवास्तव ने फोन पर बताया कि 20 अप्रैल 2026 को दोपहर लगभग 1:30 बजे उन्हें एक अज्ञात व्यक्ति ने व्हाट्सएप पर संदेश भेजा, जिसमें “संजय पीएसआई” नाम लिखा था। इसके बाद ठगों ने वीडियो कॉल कर उन्हें धमकाना शुरू किया और कहा कि वे एक टेररिस्ट ग्रुप से जुड़ी हैं तथा अवैध धन लेन-देन में शामिल हैं, जिसके कारण उन्हें जेल हो सकती है।

इसके बाद करीब 3:10 बजे दोबारा वीडियो कॉल कर परिवार, बैंक खातों और वित्तीय जानकारी लेकर लगभग 2 घंटे 16 मिनट तक उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। ठगों ने डराते हुए कहा कि गिरफ्तारी से बचना है तो बताए गए बैंक खातों में सभी पैसे ट्रांसफर करने होंगे। साथ ही धमकी दी गई कि यदि उन्होंने किसी परिजन से संपर्क किया तो उन्हें भी केस में फंसा दिया जायेगा और उनके बेटे-पोतों की भी निगरानी हो रही है। ऐसे में महिला घबरा गई।

लगातार धमकियों से डरकर पीड़िता ने आरटीजीएस के माध्यम से पहले 20 लाख 20 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिये। इसके बाद विभिन्न बैंक खातों में अलग-अलग किश्तों में कुल 1 करोड़ 4 लाख 80 हजार रुपए जमा करा लिए गए। ठगों ने आगे 50 लाख रुपए की अतिरिक्त मांग भी की। जब पीड़िता ने अपने बेटे से 50 लाख रुपए मांगे, तब पूरे मामले का खुलासा हुआ। बेटा तुरंत बिलासपुर पहुंचा और उन्हें बताया कि वे साईबर ठगी का शिकार हो चुकी हैं।

इस मामले की शिकायत के आधार पर रेंज साईबर थाना पुलिस ने अज्ञात मोबाइल धारक के खिलाफ बीएनएस की धारा 66C, 66D, 308, 318 समेत अन्य धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर लिया है और जांच जारी है। वहीँ इस घटना से महिला स्तब्ध और काफी दुखी है।