दुर्ग रेल्वे स्टेशन पर ईसाई धर्म के प्रचार पर यात्रियों ने जताई आपत्ति, गौसेवक ओमेश बिसेन ने बताया धर्म का धंधा।

दुर्ग/भिलाई : ईसाई मिशनरियों की हरकतों से ये दिन राज्य में जगह – जगह बवाल की स्थिति पैदा हो रही है, फिर भी इनके कार्य बेरोकटोक चल रहे है। राज्य में अवैध धर्मान्तरण को लेकर लगभग 100 से ज्यादा मिशनरी जेल की हवा खा रहे है, फिर भी कहीं ना कहीं इनके खड़े किये बवाल सुर्ख़ियों में बने रहते है। ऐसे ही दुर्ग रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म को भी ईसाई धर्म के प्रचार माध्यम बना लिया गया है। स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक-2 और 3 पर कई स्थानों पर ईसाई धर्म के प्रचार वाला पाम्पलेट चिपका दिया गया है। स्टेशन परिसर में इस तरह की पाम्पलेट चिपकाये जाने को लेकर कई लोगों ने सवाल उठाए, वहीं इस ओर रेल प्रशासन का ध्यान नहीं होने पर नाराजगी जताई है। जब इस संबंध में जिम्मेदारों से सवाल किया गया तब हरकत में आए रेलवे अधिकारियों ने इसे तुरंत हटवाया।

बता दें कि मतांतरण के प्रयास के लिए मानव तस्करी का मामला दुर्ग रेलवे स्टेशन पर बीते दिनों सामने आया था। ऐसे ही कांकेर क्षेत्र की तीन युवतियों को दो नन एवं एक स्थानीय युवक के साथ स्टेशन पर पकड़ा गया था। हिंदूवादी संगठनों ने इसकी जानकारी शासकीय रेल पुलिस को दी थी। इसके बाद यह मामला राष्ट्रीय स्तर तक उठा था। इस पूरे मामले में रेल पुलिस भी कटघरे में आ गई थी। वहीं अब फिर से रेलवे स्टेशन को ईसाई धर्म के प्रचार प्रसार का माध्यम बनाने का मामला सामने आया है।

दुर्ग रेलवे स्टेशन पर फुट ओवर ब्रिज को सपोर्ट देने लगाए गए लोहे के पाेल एवं बैठने के लिए बनाए गए स्थान पर पांच छह स्थानों पर ईसाई धर्म के लिए प्रेरित करने वाला पाम्पलेट चिपकाया गया है। स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो एवं तीन के बीच रैंप वाले स्थान पर यह लगा हुआ है। जिसको लेकर वहां गुजर रहे यात्रियों ने नाराजगी जताई है।

रेलवे स्टेशन प्रशासन पर उठ रहे सवाल :

यात्रियों ने इसे लेकर नाराजगी जताई, वहीं लोगों का यह भी कहना था कि इस संबंध में रेल प्रशासन को गंभीर होना चाहिए जिससे इस तरह स्टेशन परिसर का उपयोग ईसाई धर्म के प्रचार प्रसार के लिए न किया जा सके। यह पाम्पलेट कब से लगा हुआ था इसकी जानकारी नहीं है। परंतु रेलवे के अधिकारी एवं सफाई कर्मियों द्वारा इसे अब तक न देखना और हटाए न जाने को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। जिससे इस कृत्य को लेकर रेल्वे अधिकारियों पर भी सवालिया निशान खड़े होते है।

स्टेशन परिसर में ऐसा नहीं होना चाहिए। इसे चेक कराने के साथ ही पंपलेट को तत्काल हटवा दिया गया है। दोबारा इसका ध्यान भी रखा जाएगा। – हिमांशु कुमार, स्टेशन अधीक्षक, दुर्ग रेलवे स्टेशन

ईसाई मिशनरियों को हिन्दू धर्म के गरीब और बीमार लोगों को धर्मान्तरण के लिये उकसाना उनका व्यापार बन चुका है, जिसकी उन्हें फंडिंग होती है, यूँही नहीं वो दिनरात ईसाई धर्म के प्रचार के लिये विविध तरीके अपना रहे है। इनका पूरा सिंडिकेट फंडिंग के जरिये प्रार्थना सभा करवाने और लोगों को जुटाने का खर्च उठा रहा है। : ओमेश बिसेन (गौसेवक)