बिहार चुनाव के लिये भाजपा ने जारी की दूसरी लिस्ट, 20 वर्षीय गायिका मैथिली ठाकुर को मिला टिकट, विरोध में सोशल मीडिया पर बवाल।

पटना (बिहार) : भाजपा में नये लोगों को तवज्जो देना कोई नई बता नहीं है, ऐसे में कई बार कार्यकर्ताओं में नाराजगी भी पनपती है। वहीँ अब जब बिहार विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा की दूसरी लिस्ट जारी हो गई है, तो कुछ लोगों में नाराजगी उठाना भी जाहिर है। वहीँ अब इस लिस्ट में मैथिली ठाकुर का भी नाम है, जिसकी सुगबुगाहट बीते सप्ताह से चल रही थी। भाजप ने मैथिली ठाकुर को अलीनगर से टिकट दिया गया है। भाजपा के योग्य अनुभवी और सक्रिय कार्यकर्ताओं ने इसको लेकर सवाल उठाया है, तो सोशल मीडिया पर भी लोगों ने मैथिली पर विभिन्न आरोप लगाये है। इधर भाजपा की इस लिस्ट में कुल 12 प्रत्याशियों के नाम हैं। जिसमें मुजफ्फरपुर से रंजन कुमार, छपरा से छोटा कुमारी और बक्सर से आनंद मिश्रा आईपीएस को टिकट दिया गया है। बता दें कि बीजेपी ने अब तक 83 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है। 

यहां देखें भाजपा की दूसरी लिस्ट :

विधानसभा का नामउम्मीदवार का नाम
अलीनगरमैथिली ठाकुर
हायाघाटरामचंद्र प्रसाद
मुजफ्फरपुररंजन कुमार
गोपालगंजसुभाष सिंह
बनियानपुरकेदारनाथ सिंह
छपराछोटी कुमारी
सोनपुरविनय कुमार सिंह
रोसड़ा (अजा)बीरेंद्र कुमार
बाढ़सियाराम सिंह
अगिआंव (अजा)महेश पासवान
शाहपुरराकेश ओझा
बक्सरआनंद मिश्रा, आईपीएस

बिहार चुनाव के लिए बीजेपी की पहली लिस्ट में थे इन उम्मीदवारों के नाम :

विधानसभा क्षेत्र उम्मीदवार का नाम
बेतिया रेणु देवी
परेहारगायत्री देवी
नरपतगंज देवंती यादव
किशनगंजस्वीटी सिंह
प्राणपुरनिशा सिंह
कोढ़ाकविता देवी
औराई रमा निषाद
वारसलीगंजअरुणा देवी
जमुईश्रेयसी सिंह
रक्सौल प्रमोद कुमार सिन्हा
मधुबनराणा रणधीर सिंह
मोतिहारीप्रमोद कुमार
ढाका पवन जायसवाल
रीगा बैद्यनाथ प्रसाद 
बथनाहा (अजा) अनिल कुमार राम
सीतामढ़ी सुनील कुमार पिंटू
बेनीपट्टीविनोद नारायण झा
खजौली अरुण शंकर प्रसाद
बिस्फीहरिभूषण ठाकुर बचौल 
राजनगर (अजा)सुजीत पासवान
झंझारपुरनीतीश मिश्रा 
छातापुरनीरज कुमार सिंह बबलू
फारबिसगंजविद्या सागर केसरी
सिकटीविजय कुमार मंडल
बनमनखीकृष्ण कुमार ऋषि
पूर्णियाविजय कुमार खेमका
कटिहारतारकिशोर प्रसाद
सहरसा निशा सिंह 
सहरसाआलोक रंजन झा
गौरा बौराम सुजीत कुमार सिंह 
दरभंगा संजय सरावगी
केवटीमुरारी मोहन झा 
जालेजिबेश कुमार मिश्रा
कुढ़नीकेदार प्रसाद गुप्ता 
बरुराजअरुण कुमार सिंह 
साहेबगंज राजू कुमार सिंह
बैकुण्ठपुरमिथिलेश तिवारी 
सिवानमंगल पांडेय
दरौंदाकर्णजीत सिंह 
गोरेयाकोठी देवेश कांत सिंह
तरैया जनक सिंह
अमनौरकृष्ण कुमार मंटू
हाजीपुरअवधेश सिंह
लालगंजसंजय कुमार सिंह 
पातेपुर (अजा)  लखेंद्र कुमार रौशन
मोहिउद्दीननगर राजेश कुमार सिंह
बछवारा सुरेंद्र मेहता 
तेघरारजनीश कुमार
बेगूसरायकुंदन कुमार
भागलपुर रोहित पांडेय 
बांका राम नारायण मंडल
कटोरिया (अजजा) पूरण लाल टुडू
तारापुरसम्राट चौधरी
मुंगेरकुमार प्रणय
लखीसरायविजय कुमार सिन्हा
बिहारशरीफडॉ सुनील कुमार
दीघासंजीव चौरसिया
बांकीपुर नितिन नबीन
कुम्हरारसंजय गुप्ता
पटना साहिब रत्नेश कुशवाहा 
दानापुररामकृपाल यादव
बिक्रम सिद्धार्थ सौरव 
बड़हराराघवेंद्र प्रताप सिंह
आरासंजय सिंह “टाइगर”
तरारीविशाल प्रशांत
अरवलमनोज शर्मा 
औरंगाबाद त्रिविक्रम सिंह
गुरुआउपेंद्र दांगी
गया शहरडॉ प्रेम कुमार 
हिसुआ अनिल सिंह 
वारसलीगंजअरुणा देवी

मैथिली ठाकुर कौन हैं?

मैथिली ठाकुर का जन्म बिहार के मधुबनी जिले के बेनीपट्टी में हुआ था। वह संगीत की दुनिया में एक जाना पहचाना नाम हैं। उनके पिता रमेश ठाकुर भी एक मैथिल संगीतकार और संगीत शिक्षक हैं। उनकी माता भारती ठाकुर हैं। मैथिली इसी साल जुलाई में 25 साल की हुई हैं और पारंपरिक गायन करती हैं। उन्होंने लोक गायिका के रूप में भी अपनी पहचान बनाई है। वह काफी लोकप्रिय है, 12 साल की उम्र से वो लगातार भजन गाकर लोकप्रिय हुई है। हाल ही में उनकी भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और बिहार के संगठन प्रभारी विनोद तावडे और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय से मुलाकात हुई थी। इसके बाद से ये अनुमान लगाया जा रहा था कि मैथिली भाजपा की तरफ से चुनाव लड़ सकती हैं। वहीँ पिछले वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बेस्ट यूट्यूबर का सम्मान भी दिया था।

बिहार में कब हैं विधानसभा चुनाव?

बिहार में अब विधानसभा चुनावों की घोषणा हो चुकी है। बिहार में 243 विधानसभा सीटों के लिए 2 फेजों में चुनाव होंगे। पहले फेज के लिए 6 नवंबर को वोटिंग होगी और दूसरे फेज के लिए 11 नवंबर को वोटिंग होगी। पहले चरण में 121 सीटों पर और दूसरे चरण में 122 सीटों पर वोटिंग होगी। चुनाव का रिजल्ट 14 नवंबर को जारी किया जायेगा। गौरतलब है कि बिहार में इस बार का चुनाव दिलचस्प होने वाला है क्योंकि इस बार नई पार्टी जनसुराज भी मैदान में है। ऐसे में देखना ये होगा कि बिहार की जनता नई पार्टी पर भरोसा जताती है या फिर पुरानी पार्टी को ही सत्ता की कमान सौंपती है।