दीपावली के बाद सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, सामने आई ये जानकारी….।

नई दिल्ली : सोने चांदी की बढ़ती कीमतों ने मध्यमवर्गीय परिवारों को मुश्किल में डाल दिया है, कीमतें लगातार बढ़ती ही जा रही है। वहीँ अब वैश्विक बाज़ार में बुधवार को भी सोने की कीमतों में गिरावट देखी जा रही है। मंगलवार को सोने की कीमतों में 5 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट दर्ज की गई थी, जो अगस्त 2020 के बाद 5 साल की अवधि में सबसे बड़ी इंट्राडे गिरावट थी। बुधवार को हाजिर सोना 0.4% गिरकर 4,109.19 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है। सोमवार को हाजिर सोना 4,381.21 डॉलर प्रति औंस के हमेशा के उच्चतम शिखर पर पहुंच गया था और अब ये अपने हमेशा के उच्चतम शिखर से 6% से ज्यादा की गिरावट के साथ 4109.19 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है। आज घरेलू सराफा बाजार में भी भारी बिकवाली की संभावनाएं हैं, जिससे सोने के स्थानीय भाव में भी गिरावट देखी जा सकती है। धीरे – धीरे अभी सोने में थोड़ी – बहुत गिरावट की और संभावना है।

132,294 रुपये प्रति 10 ग्राम के लाइफटाइम हाई तक पहुंचा था सोना :

घरेलू बाजार में सोने की कीमतें ₹132,294 प्रति 10 ग्राम के अपने हमेशा के उच्चतम शिखर से 4294 रुपये यानी 3 प्रतिशत से भी ज्यादा की गिरावट के साथ ₹128,000 प्रति 10 ग्राम पर आ गई हैं। हालांकि, सोने की कीमतों में ये ताजा गिरावट सराफा बाजार में रिकॉर्ड तेजी के बीच निवेशकों द्वारा की गई मुनाफावसूली के बाद आई है। इस साल सोने ने लगभग 60% रिटर्न दिया है, जो ज्यादातर प्रमुख परिसंपत्ति वर्गों से ज्यादा है। इसके अलावा, अमेरिका और चीन के बीच व्यापार संबंधों में सुधार के संकेत के साथ-साथ भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता में संभावित सकारात्मक परिणाम से भी कीमतों में गिरावट आई है। वहीँ इसके बाद भी अगले वर्ष के मध्य तक सोने में बड़ी वृद्धि होने की सम्भावना है। सोना दो लाख तक पार होगा इसके साथ ही वह वर्ष के अंत तक ढाई तक भी पहुंच सकता है।

21 अक्टूबर को चांदी की कीमतों में 8 प्रतिशत की बड़ी गिरावट :

घरेलू सराफा बाजार में चांदी की कीमतों में 2 दिनों में 8100 रुपये की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है और अभी इसका मौजूदा भाव 1,63,900 रुपये के आसपास है। अमेरिका में 21 अक्टूबर को चांदी की कीमत 8% गिरकर 48.11 डॉलर प्रति औंस पर आ गई, जो 2021 के बाद से एक दिन में सबसे बड़ी गिरावट है। 17 अक्टूबर को चांदी की कीमतें 54.47 डॉलर प्रति औंस के लाइफटाइम हाई से करीब 12 प्रतिशत गिर चुकी हैं। मजबूत अमेरिकी डॉलर, फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती में देरी की अटकलें और इलेक्ट्रॉनिक्स तथा सोलर एनर्जी सेक्टरों में इंडस्ट्रियल डिमांड में कमी के कारण ये गिरावट आई है। हालांकि, इस बड़ी गिरावट के बावजूद, चांदी की कीमतें काफी ऊपरी स्तर पर बनी हुई हैं। चांदी के भाव भी लगातार बढ़ते ही जायेंगे, इसकी भी गिरावट अस्थायी रहेगी।