रायपुर : छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति को नुकसान पहुँचाने के बाद काफी विरोध हुआ और जल्द ही नई मूर्ति स्थापित कर दी गई, और आरोपी को जल्द ही पकड़ लिया गया, विश्वस्त सूत्रों के अनुसार छत्तीसगढ़ के 25 वें स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री के आने का कार्यक्रम बना हुआ है, जिसको लेकर सरकार सावधानी बरत रही है। जिसके कारण मामले को जल्द ही सुलझा लिया गया, लेकिन तथाकथित क्षेत्रिय नेता ने इसके बावजूद सिन्धी, मारवाड़ी, जैनी समाज के देवताओं पर अनुचित टिप्पणी कर माहौल को गर्मा दिया। वहीँ फिर जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी और छत्तीसगढ़ क्रांति सेना (CKS) ने 31 अक्टूबर को रायपुर बंद का आह्वान किया था, लेकिन इसका खास असर राजधानी में नहीं दिखा। आम लोगों और व्यापारियों ने इसको कोई समर्थन नहीं दिय।
जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी और CKS के बंद को छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स का समर्थन नहीं मिला। चैम्बर ने कहा 48 घंटे पहले आवेदन लेकर बैठक बुलाई जाती है, जिसके कारण इस पर निर्णय नहीं हो सका। इस वजह से राजधानी रायपुर के मार्केट पूरी तरह से खुले दिखे। हालांकि राजधानी के आउटर में कुछ जगहों पर दुकानदारों ने अपनी दुकान बंद की लेकिन वह भी कुछ देर के लिए ही बंद थी। देखादेखी सबने दुकानें खोल ली।
वहीँ सुबह से कार्यकर्ता शहर के दुकानदारों से दुकान बंद रखने की अपील कर रहे है थे। जोहार पार्टी छत्तीसगढ़ के प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्रकांत यदु ने बताया कि, सुबह से पुलिस ने हमारे कार्यकर्ता और पदाधिकारी को हाउस अरेस्ट करके रखा हुआ है। कार्यकर्ता और पदाधिकारी को रायपुर के डंगनिया के मंगल भवन को अस्थाई जेल बनाकर अरेस्ट किया गया है। जिसमें पुरुषों के साथ ही महिलाएं भी शामिल हैं।
इसके साथ ही बंद को देखते हुए पुलिस ने दूसरे जिलों में भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये, तो वहीँ छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी को रायपुरा स्थित चंद्राकर हॉस्टल में भी अरेस्ट करके रखा गया। पुलिस ने हॉस्टल के दरवाजे पर ताला लगाया हुआ था। क्रांति सेना के अध्यक्ष अमित बघेल, प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्रकांत यदु भी हाउस अरेस्ट हुए हैं। इनको भी बंद करके रखा गया था। जिससे माहौल खराब ना हो सके।
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के अध्यक्ष अमित बघेल ने अपने भाषण में कई विवादित बयान भी दिया था। छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा खंडित करने के बाद अमित बघेल ने बयान जारी किया था। इस दौरान सिंधी और अग्रवाल के आराध्य देव झुलेलाल साईं और महाराजा अग्रसेन के खिलाफ भी उसने गलत टिप्पणी की थी। इसके साथ ही पंडित दीनदयाल उपाध्याय के खिलाफ अपशब्द कहे जिसे लेकर अमित बघेल का विरोध भी हो रहा है।
इस मामले में छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल के खिलाफ कोतवाली थाने में FIR भी दर्ज की गई है। जल्द ही उसे भी गिरफ्तार किये जानकारी है। छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति को 23 अक्टूबर को तोड़े जाने के बाद प्रशासन की ओर से 26 अक्टूबर को नई प्रतिमा स्थापित की गई है। इसके साथ ही उसी दिन मूर्ति तोड़े जाने वाले आरोपी जो कि मानसिक रूप से विक्षिप्त था उसे भी गिरफ्तार किया गया था। फिर भी कुछ लोग राज्य में माहौल ख़राब करने की कोशिश कर रहे है।



