राज्य में शिक्षा व्यवस्था बदहाल, ‘Father’ की जगह ‘Fader’, ‘Eye’ की जगह लिखा ‘Iey’, मास्टरजी की ‘जुगाड़ू’ अंग्रेजी।

बलरामपुर : पहले ही ऐसे कई मामले सामने आ चुके है, जहाँ शिक्षक की कमी को लेकर बवाल मचा हो और शिक्षा का स्तर निम्न हो। सरकारी शिक्षकों की तनख्वाह 40,000 रूपये से लेकर 80,000 रूपये तक होती है, जबकि निजी स्कूलों में 9000, रूपये से लेकर 25,000 हजार रूपये तक। वहीँ मामला है बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर विकासखंड के कोगवार गांव का जहाँ स्थित प्राथमिक शाला मचानडांड़ में एक शिक्षक को बच्चों को गलत अंग्रेजी स्पेलिंग पढ़ाने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। यह कार्यवाही तब हुई जब शिक्षक द्वारा ब्लैकबोर्ड पर ‘Sunday’ की जगह ‘Sanday’ और ‘Wednesday’ की जगह ‘Wensday’ लिखने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मामले की जांच के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने शिक्षक प्रवीण टोप्पो के खिलाफ यह कदम उठाया है। ऐसे में सवाल उठता है, कि ऐसे शिक्षकों को नौकरी देने की प्रक्रिया आखिर इतनी खराब क्यूँ है, जो बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है।

Nose की जगह Noge :

यह घटना बलरामपुर जिले के सरकारी प्राइमरी स्कूल में शिक्षा के स्तर पर सवाल उठाती है। शिक्षक न केवल दिनों के नाम गलत पढ़ा रहे थे, बल्कि बॉडी पार्ट्स के नाम सिखाते समय भी उन्होंने ‘Nose’ की जगह ‘Noge’, ‘Ear’ की जगह ‘Eare’ और ‘Eye’ की जगह ‘Iey’ लिखा था। बच्चों को गलत स्पेलिंग रटाई जा रही थी, जिससे उनके भविष्य पर असर पड़ सकता था। छत्तीसगढ़ ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी शिक्षा का हाल सबसे ज्यादा बदहाल है।

शराब के नशे में आने के आरोप :

वहीँ ग्रामीणों की शिकायत के अनुसार, स्कूल में दो शिक्षक नियुक्त हैं, लेकिन उनमें से एक, कमलेश पण्डो, कथित तौर पर शराब के नशे में स्कूल आते थे और क्लास में सो जाते थे। दूसरे शिक्षक, प्रवीण टोप्पो, जो बच्चों को गलत अंग्रेजी पढ़ा रहे थे, की शिकायत भी विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में की गई थी। सरकारी स्कूल के शिक्षकों की कई बदतमीजीपूर्ण व्यवहार और गैरजिम्मेदाराना मामले सामने आ चुके है।

फादर-मदर की स्पेलिंग ही गलत :

वहीँ एक तरफ शिक्षक बच्चों को फादर, मदर, सिस्टर की स्पेलिंग गलत पढ़ा रहे थे। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसके बाद जांच बैठी और टीचर पर कार्यवाही हुई है। गलत स्पेलिंग पढ़ने की वजह से टीचर सस्पेंड हो गया है। जानकारी के मुताबिक पूरा मामला जिले के वाड्रफनगर विकासखंड के कोगवार गांव में स्थित प्राथमिक शाला मचानडांड़ की है। अब इस मामले में शिक्षकों की भर्ती को लेकर सरकारी प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे है।