शिक्षिका नम्रता साहू ने सातवीं कक्षा के छात्र को मारा जोरदार थप्पड़, सुनने की शक्ति खत्म, दो शिक्षिकाओं के खिलाफ मामला दर्ज।

राजनांदगांव : कई बार कुछ ऐसे हादसे हो जाते है जो जिंदगीभर की तकलीफ दे जाते है, ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिसमें डोंगरगढ़ के खालसा पब्लिक स्कूल में कक्षा सातवीं में पढ़ाई कर रहे छात्र सार्थक सहारे को उसकी शिक्षिका प्रियंका सिंह द्वारा जोरदार थप्पड़ मारने से गंभीर शारीरिक नुकसान पहुंचा है। इस घटना में छात्र के कान की सुनने की शक्ति पूरी तरह से समाप्त हो गई है। सार्थक के माता-पिता ने इस मामले में स्कूल प्रशासन और शिक्षिका के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। जिसके बाद डोंगरगढ़ थाने में दो शिक्षिकाओं के खिलाफ एफआईआर की गई है। मामले में धारा 117/2 और 3 (5) के तहत जांच हो रही है।

यह घटना 2 जुलाई को उस समय हुई थी जब सार्थक सहारे ने अपनी किताब निकालने में थोड़ी देर की। इस पर उसकी क्लास टीचर नम्रता साहू ने गुस्से में आकर उसे डांटा और शिक्षिका प्रियंका सिंह से शिकायत की है। प्रियंका ने सार्थक के दोनों कानों के पास थप्पड़ मारे, जिससे छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया था। कुछ समय बाद उसके कान में दर्द हुआ और उसको सुनाई देना कम होने लगा, जिसके बाद उसने इसकी जानकारी अपने परिजनों को दी।

स्कूल प्रशासन पर दबाव का आरोप :

जिसके बाद सार्थक के माता-पिता ने घटना की जानकारी स्कूल प्रशासन को दी, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने इस मामले को पुलिस में दर्ज कराने से बचने के लिए उन पर दबाव डाला। स्कूल के प्रिंसिपल शिवप्रीत ने पहले इस घटना को स्वीकार किया, लेकिन बाद में परिवार को मामले को आगे न बढ़ाने की सलाह दी। इसके बाद 14 अगस्त को सार्थक के पिता ने पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई और मामले की जांच की मांग की। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की पूरी जांच की जायेगी और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जायेगी।

इसके सार्थक के पिता सुधाकर सहारे ने इस मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत उसे अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने चेकअप के बाद यह पुष्टि की कि सार्थक के कान की नसें गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई हैं। ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉ. अश्विनी शेट्टी और डॉ. मिथलेश शर्मा ने उसे अस्पताल में भर्ती किया और इलाज शुरू किया। इस मामले में छात्र के परिजनों ने बताया कि वह रेलवे का कर्मचारी है। 13 वर्षीय छात्र सार्थक ने इस घटना की जानकारी हम लोगों को नहीं दी थी। बस कान में दर्द को लेकर बच्चा शिकायत कर रहा था। सर्वप्रथम हम लोगों ने जुलाई में घटना के समय बम्लेश्वरी अस्पताल में उसका इलाज करवाया। वहां डॉक्टर इलाज के दौरान यह सब बातें सामने आई थी, जिसमें अब जाकर मामला दर्ज हुआ है।