रायपुर : छत्तीसगढ़ के कुख्यात नक्सली नेता और 1 करोड़ का इनामी माड़वी हिड़मा एनकाउंटर में मारा गया है। आज सुबह हुए मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने हिड़मा की पत्नी राजे उर्फ रजक्का समेत 6 नक्सलियों को मार गिराया। इस मामले में छत्तीसगढ़ पुलिस ने शव बरामद करने के बाद इसकी पुष्टि की है। जवानों ने घटना स्थल से भारी मात्रा में एके-47 और गोला-बारूद भी बरामद किया है। देश में माओवादी विद्रोह को एक और बड़ा झटका लगा है। नक्लसली नेता माडवी हिडमा और उनकी पत्नी सहित छह माओवादियों का एनकाउंटर किया गया है। यह अभियान मंगलवार सुबह आंध्र प्रदेश के मारेदुमिली इलाके में हुआ। माडवी हिडमा एक करोड़ का इनामी था। उसका मारा जाना इलाके में नक्सलवाद का कमर तोड़ने जैसा है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, पुलिस मुठभेड़ में, सीसीएम के दक्षिण बस्तर बटालियन के सदस्य हिडमा और उनकी पत्नी के अलावा, सुबह 6.30 से 7 बजे के बीच चार अन्य सुरक्षा गार्डों को भी मार गिराया गया।
बरदार ने बताया कि अल्लूरी जिले में हुई मुठभेड़ में छह माओवादी मारे गए। इसी बीच सुरक्षाबलों ने दक्षिणी राज्य की विशेष जांच शाखा ने आंध्र प्रदेश-छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर माओवादी गतिविधि की सूचना मिलने पर यह अभियान चलाया गया था। पुलिस ने बताया कि माड़वी हिडमा को छत्तीसगढ़, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के त्रि-जंक्शन के पास घने जंगलों में एक भीषण मुठभेड़ के दौरान मारा गया है। उसे ग्रेहाउंड्स, डीआरजी और सीआरपीएफ कोबरा यूनिट्स के संयुक्त अभियान में मार गिराया गया।
बस्तर आईजी पी सुंदरराज ने मुठभेड़ की जानकारी दी। बताया कि “आज 18 नवंबर को आंध्र प्रदेश सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ के बाद सुरक्षा बलों ने छह माओवादियों के शव बरामद किए। उनमें से एक माओवादियों की केंद्रीय समिति का सदस्य माड़वी हिड़मा था, जो पूर्व में पीएलजीए बटालियन का कमांडर था और आतंकवाद का चेहरा माना जाता है। उसका शव भी बरामद किया गया है।
76 जवानों की हत्या का मास्टरमाइंड :
देश के सबसे खतरनाक नक्सल कमांडरों में शामिल माड़वी हिड़मा बस्तर में कई बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया है। इनमें दंतेवाड़ा में 2010 में 76 जवानों की हत्या का मास्टरमाइंड हिड़मा था। यह नक्सल इतिहास का सबसे बड़ा हमला था। इस बड़ी वारदात के बाद भी सरकार ने हिड़मा को आत्मसमर्पण करने और जीवन की मुख्यधारा से जुड़ने की अपील की थी। गृहमंत्री विजय शर्मा हिडमा के गांव पहुंचकर परिवार जनों से मुलाकात कर हालचाल भी जाना था।
गृहमंत्री ने फोटो सोशल मीडिया में जारी किया था। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा था – माड़वी हिड़मा तथा बारसे देवा की माताओं को प्रणाम किया। उन्होंने ने भी पुनर्वास हेतु अपील की। साथ भोजन किए और माताओं ने बड़े ही स्नेह से सभी से बात की। साथ ही नक्सल संगठन में सक्रिय लोगों के परिजनों से भेंट कर पुनर्वास हेतु प्रेरित करने आग्रह किया था।
जिसके बाद नक्सली नेता हिड़मा और बरसेदेवा की माताओं ने एक वीडियो जारी कर दोनों से आत्मसमर्पण करने और घर वापसी की मार्मिक अपील की थी। दो मिनट के वीडियो में मां ने अपने बेटे से नए जीवन की शुरुआत करने की अपील की थी। लेकिन बेटे ने मां की एक नहीं मानी। आखिरकार इस अपील के 1 सप्ताह बाद सुरक्षबलों ने मुठभेड़ में मार गिराया।
शाह ने दी थी डेडलाइन
इस मामले में गृहमंत्री अमित शाह हर बार नक्सलियों को बंदूक छोड़ जीवन की मुख्यधारा में शामिल होने की अपील करते आ रहे हैं। वहीं इस बार उन्होंने हिड़मा को खत्म करने के लिए 30 नवंबर तक की डेडलाइन दी थी। इस फैसले के बाद भी हिड़मा नहीं माना और सुरक्षाबलों ने खोजकर मार गिराया। आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमा पर स्थित पुल्लागांडी के घने जंगलों में एक बड़ा ऑपरेशन के तहत जवानों को यह सफलता मिली है। नक्सल उन्मूलन अभियान में यह इस साल पुलिस की दूसरी सबसे बड़ी कामयाबी मानी जा सकती है।
45 वर्षीय हिडमा पर कुल मिलाकर 1 करोड़ रुपये से अधिक का इनाम था। उसके ऊपर केंद्र ने 45 लाख रुपये का इनाम रखा था। वहीं छत्तीसगढ़ ने 25 लाख रुपये और अन्य राज्यों ने भी उस पर इनाम रखा था। छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र के एक आदिवासी परिवार से ताल्लुक रखने वाला हिडमा वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) या नक्सलवाद से अत्यधिक प्रभावित क्षेत्र में पला-बढ़ा। वह कथित तौर पर 1990 के दशक के अंत में एक किशोर के रूप में नक्सल आंदोलन में शामिल हो गया था, शुरुआत में एक संघम (स्थानीय मिलिशिया) सदस्य के रूप में काम कर रहा था।



