बलौदाबाजार-भाटापारा : राज्य में अपराध लगातार बढ़ रहे है, जिसमें अधिकांश संगठित अपराधी है, ऐसे ही जिले में एक सप्ताह से लगातार हो रही लूट, चाकूबाजी और मारपीट की घटनाओं का पुलिस ने खुलासा कर दिया हिया, यहाँ सिटी कोतवाली, पलारी और कसडोल क्षेत्र में लोगों को चाकू से डराकर लूटने वाले छह युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार, याशुदास, प्रवीण भाट और ऋतुराज यादव इस गैंग के मुख्य आरोपी हैं और आठों वारदातों में शामिल रहे है, जो अब पुलिस की गिरफ्त में है।
पुलिस ने पहले एक संयुक्त टीम बनाकर पूरे क्षेत्र में जांच शुरू की। घटनास्थलों से सबूत जुटाए गये, आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मोटरसाइकिल की हल्की झलक, दो युवकों के हेलमेट, एक ही जैसा पहनावा और भागने का तरीका दोहराता नजर आया। इसके बाद पुलिस ने उनके घरों और ठिकानों पर दबिश देकर 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
जानकारी के अनुसार 13 नवंबर को एक रात में 3 वारदात हुई. रोहांसी–खपरी नाला, घोटिया और कुसमी के बीच की मेन रोड पर लूट, चाकूबाजी की शिकायत मिली। वहीँ पीड़ितों के अनुसार, अचानक दो मोटरसाइकिलों में सवार 5–6 युवक आए। उन्होंने तेज आवाज में गाली-गलौज शुरू की और कुछ समझ पाते उससे पहले ही चाकू निकाल लिए। पीड़ितों का कहना है कि लुटेरों ने किसी तरह का मौका नहीं दिया। इसके साथ ही विरोध करने पर ताबड़तोड़ वार भी किया।
सूनसान सड़क पर खड़े हुए लोग टारगेट :
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे एक ही तरीका अपनाते थे, सुनसान सड़क पर किसी को रुकता देखते ही बाइक रोकते और गाली-गलौज करते हुए चाकू दिखाकर लूट की वारदात करते थे। पुलिस ने इनके पास से दो चाकू, चार मोबाइल, एक मोटरसाइकिल और 3,720 रु भी बरामद किए हैं। इसके अलावा 13 और 15 नवंबर की रात कई जगह हमले हुए। लोग रात में रुकने से डरने लगे थे। कई पीड़ित पुलिस तक जाने से भी घबरा रहे थे कि कहीं आरोपी फिर उनके पीछे न पड़ जायें, जिसके बाद आरोपियों का हौंसला बढ़ता ही गया। बाद में पुलिस खुद पीड़ितों तक पहुंची, तब जाकर FIR दर्ज हो पाईं।
गांवों में राहत, लेकिन डर अभी भी बाकी :
आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली, पर डर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। लोग कहते हैं कि कुछ दिन पहले तक वे रात में सड़क पर रुकने से भी डरते थे, क्योंकि बदमाश बिना कुछ सोचे चाकू निकाल लेते थे। गिरोह को लेकर पुलिस ने बताया कि यह कोई बड़ा अपराधी नेटवर्क नहीं था, बल्कि स्थानीय युवकों का एक अचानक बना समूह था। जिसमें उम्र 18 से 22 वर्ष, कुछ मजदूरी करते थे, कुछ बेरोजगार थे। कुछ पहले भी छोटे अपराधों में पकड़े जा चुके थे। आसान कमाई के लालच में इन्होंने आपराधिक गतिविधियां शुरू कर दीं थी, जिससे क्षेत्र में खौफ का माहौल बन गया था।
इन सभी घटनाओं का खुलासा हो चुका है। आरोपियों पर संगठित अपराध की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। जिलाबदर की प्रक्रिया शुरू हो गई है। लोगों से अपील है कि किसी भी घटना की तुरंत सूचना पुलिस को दें। : भावना गुप्ता, SP
गिरफ्तार आरोपी :
- याशुदास मानिकपुरी, 22 वर्ष, कोसमसरा
- प्रवीण भाट, 18 वर्ष, मगरचबा
- ऋतुराज यादव, 19 वर्ष, मगरचबा
- राहुल ध्रुव, 19 वर्ष, गोडपारा
- कुलेश्वर धींवर, 21 वर्ष, गोडपारा
- ऋषभ पैकरा, 21 वर्ष, मगरचबा
वहीँ कार्यवाही के बाद पुलिस का दावा है कि आठों वारदातें इसी गैंग ने की थीं। इसलिए इनके पकड़े जाने के बाद घटनाएं थम जाएंगी। ग्रामीण क्षेत्रों में रात की पेट्रोलिंग बढ़ाई गई है और अतिरिक्त मोबाईल टीमें लगाई जा रही हैं।



