बीजापुर : कई बार सरकारों ने शराब बंदी का वादा किया है, लेकिन सरकार हमेशा अपने वादों से मुकर जाती है, जिसके कारण आम जनता को हमेशा परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे ही एक मामले में छत्तीसगढ़ के बीजापुर में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सवालिया निशान खड़ा हो गया है। जो जिले के सबसे पुराने शासकीय इंद्रावती महाविद्यालय, भोपालपट्टनम मार्ग में स्थित शराब दुकान के कारण विद्यार्थियों को आये दिन परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यहाँ शराबी उनका रास्ता रोककर उन्हें परेशान करते हैं। शराबियों से तंग आकर आज कॉलेज के विद्यार्थियों और ABVP संगठन ने SDM कार्यालय भोपालपट्टनम पहुंच गये। उन्होंने एसडीएम से जल्द से जल्द कॉलेज के मुख्य रास्ते पर मौजूद शराब दुकान को हटाने की मांग की है। प्रशासनिक नियम होने के बावजूद यहाँ शराब दुकान बेरोकटोक चल रही है।
इस मामले में छात्रों का आरोप है कि छुट्टी के समय शराब दुकान के पास कुछ लोग खुलेआम शराब पीते हैं और राह चलते छात्राओं को रोककर छेड़छाड़ करते हैं। छात्राओं का कहना है कि कई बार रास्ते से गुजरना तक मुश्किल हो जाता है। स्थिति इतनी खराब है कि कई पेरेंट्स अपने बच्चों को कॉलेज भेजने में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कई बार परिजनों ने छात्राओं कॉलेज बंद करवाने की बात भी कही है।
इस मामले में छात्र नेताओं ने यह भी खुलासा किया है कि शराब दुकान हटाने की मांग नई नहीं है। साल 2019 में भी जिला कलेक्टर के.डी. कुंजाम को आवेदन दिया गया था, लेकिन प्रशासन ने आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिससे छात्रों में रोष और बढ़ गया है। छात्रों का कहना है कि कॉलेज जैसे संवेदनशील क्षेत्र में शराब दुकान चलना सुरक्षा के लिहाज़ से गंभीर मामला है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द कार्यवाही नहीं हुई, तो आंदोलन और उग्र किया जायेगा।
इस मामले में एसडीएम का पक्ष जानने की कोशिश की गई, लेकिन कई बार फोन करने के बावजूद अधिकारी द्वारा कॉल रिसीव नहीं किया गया है। प्रशासन की यह चुप्पी छात्रों और अभिभावकों के गुस्से को और बढ़ा रही है। लेकिन प्रशासन को कोई फर्क नहीं पड़ा है।



