शिमला (हिमाचल प्रदेश) : हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला की बहुचर्चित संजौली मस्जिद को लेकर काफी बवाल हुआ था, जिसके निर्माण को तोड़ने को लेकर लोगों का हुजूम सड़कों पर आ गया था। वहीँ अब इस मस्जिद में चल रही कार्यवाही अब अंतिम चरणों में पहुंच गई है। जिसके बाद मस्जिद की ऊपरी मंजिल को गिराने का काम शुरू कर दिया गया है। इससे पहले मस्जिद की दो मंजिलों को हटाया जा चुका था, जबकि एक मंजिल को गिराया जाना बाकी थी। एक ऐसा ही मामला देहरादून जिले से भी सामने आया है, जहां मस्जिद की दूसरी और तीसरी मंजिल को सील कर दिया गया है।
मस्जिद गिराने के बजट को मिली मंजूरी :
संजौली मंजिल गिराने के लिए प्रस्तावित बजट को संबंधित विभाग से मंजूरी मिल चुकी है। कागजी कार्यवाही के चलते यह एक्शन लंबे समय से लंबित था, लेकिन अब सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ध्वस्तीकरण का काम शुरू हो गया है। मामले में बताया गया है कि मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद लतीफ ने कहा है कि वक्फ बोर्ड के जरिए अवैध घोषित की गई मस्जिद की तीनों मंजिलों को एक महीने के भीतर हटाने का टारगेट रखा गया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन और संबंधित विभागों के सहयोग से तय समय सीमा के अंदर इस काम को पूरा करने की केशिश की जा रही है।
उत्तराखंड की मस्जिद पर भी गिरी गाज :
इधर, उत्तराखंड के देहरादून जिले के थानो स्थित कंडोगल गांव में भी अवैध मस्जिद निर्माण को लेकर प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। मामला है मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) और जिला प्रशासन ने बिना पंजीयन और बिना नक्शा पास कराए बनाए जा रहे मस्जिद के पहले फ्लोर को सील कर दिया है। यहाँ जांच में सामने आया कि एक आवासीय जगह के पहले और दूसरे फ्लोर पर बिना इजाजत मस्जिद का संचालन किया जा रहा था। यह कार्यवाही पुलिस बल की मौजूदगी में की गई है। इसके अलावा मस्जिद के निचले तल पर लोगों के निवास को देखते हुए उन्हें कुछ दिनों का समय दिया गया है।
एमडीडीए के मुताबिक जांच में यह भी पाया गया कि इन्तजामिया कमेटी जामा मस्जिद के जरिए करीब 20 बाई 40 फीट क्षेत्रफल में बिना नक्शा पास कराये और बिना किसी वैधानिक इजाजत के कंस्ट्रक्शन किया जा रहा था। यह मामला सामने आने पर उत्तराखंड नगर एवं ग्राम नियोजन एवं विकास अधिनियम के तहत कारण बताओ नोटिस जारी कर निर्माण और विकास कार्य पर पहले ही रोक लगा दी गई थी। संबंधित पक्ष न तो संतोषजनक जवाब दे सका और न ही कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत कर पाया। जिसके बाद यह कार्यवाही की गई है।



