ठगों के जाल में फंसते गये पंजाब के पूर्व IG अमर सिंह, खुद को मारी गोली, मामला करोड़ों रूपये का, लिया था बड़ा उधार, खुला दर्दनाक मामला।

पटियाला (पंजाब) :  यूँ तो ठगों के लिये पैसे ठगना मात्र रकम है, लेकिन उस रकम को कमाने और जुगाड़ करने में कितनी मेहनत और भावना लगती है, कितने प्रयास लगते है, वोन इन ठगों को नहीं मालूम, या फिर इन ठगों में इंसानियत नाम की चीज नहीं है, कानून की नजर में भी आर्थिक अपराध गंभीर अपराध की श्रेणी में नहीं आता, वहीँ पैसों की ठगी या नुकसान लोगों को मौत के मुंह तक ले जाता है। ऐसे ही ठगी के एक मामले में पंजाब के पूर्व IPS अधिकारी अमर सिंह चहल ने कथित तौर पर आत्महत्या का प्रयास किया है। वे पटियाला स्थित अपने घर में गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले है। उन्होंने खुद को गोली मार ली, फिलहाल उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने मौके से एक सुसाइड नोट बरामद किया है, जिसमें ऑनलाइन फ्रॉड से हुई भारी आर्थिक हानि और परेशानी का जिक्र है। 

मामले मिली जानकारी के अनुसार पटियाला में पूर्व आईपीएस अधिकारी अमर सिंह चहल ने सोमवार को रिवॉल्वर से खुद को गोली मारकर आत्महत्या करने की कोशिश की है। वह आईजी पद से रिटायर हुए थे। इस दर्दनाक घटना के बाद नाजुक हालात में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिसके बाद अमर सिंह को गोली छाती के पास लगी जिससे उनका लीवर क्षतिग्रस्त हुआ है। डॉक्टरों ने तुरंत उनका ऑपरेशन किया और उन्हें निगरानी में रखा गया है। वहीं, पुलिस ने घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया है जिसमें एक ऑनलाइन फ्रॉड से हुए वित्तीय नुकसान का जिक्र है। 12 पेज के इस सुसाइड नोट को पंजाब के डीजीपी के नाम से भी भेजा गया था। पुलिस फिलहाल सुसाइड नोट की असली वजह पता लगाने में जुटी हुई है।

12 पन्नों के सुसाइड नोट पर लिखा – अर्जेंट आखिरी अपील :

इस सुसाइड नोट में लिखा है, ”अत्यंत दुख और निराशा के साथ मैं आपके संज्ञान में यह लाना चाहता हूं कि मुझे कुछ साईबर ठगों द्वारा धोखा दिया गया, जो खुद को वेल्थ इक्विटी एडवाईजर बताकर 8 करोड़ 10 लाख रुपए की ठगी कर चुके हैं।” ये लाइनें पंजाब पुलिस के पूर्व आईजी की डीजीपी के नाम लिखी 12 पेज की चिट्ठी का हिस्सा है जिसमें पूर्व आईजी अमर सिंह चहल ने उनके साथ हुए ऑनलाईन फ्रॉड की सनसनीखेज कहानी बयां की है जिसके बाद पूर्व आईजी अमर सिंह ने अपने सुरक्षाकर्मी की रिवॉल्वर से पेट में गोली मार ली है। इस घटना के बाद आनन फानन में घर वालों ने उन्हें पटियाला के पार्क अस्पताल में भर्ती कराया है। इस घटना से उनके परिजन स्तब्ध है। बताया जा रहा है कि उन्होंने लगभग डेढ़ करोड़ की रकम अपनी दी थी, जबकि 6 करोड़ के लगभग की रकम उन्होंने दूसरों से लेकर दी थी, जिसके बाद वो बड़ी ठगी के शिकार हो गये, जिससे उन पर मानसिक दबाव इतना बढ़ गया कि उन्होंने अपनी आत्महत्या का यह खौफनाक कदम उठा लिया।

वहीँ घटना के बाद पूर्व आईजी ने खुद को गोली क्यों मारी, इसकी जांच पटियाला पुलिस ने शुरू कर दी है। हालांकि अमर सिंह ने 12 पेज का डीजीपी के नाम जो सुसाइड नोट खिला है उसमें उन्होंने सीधे खुद को ऑनलाईन फ्रॉड का शिकार बताया है जिसमें 8 करोड़ 10 लाख रुपये के ऑनलाइन फ्रॉड का जिक्र है। 12 पेज के सुसाइड नोट में उन्होंने बताया है कि-

  • उनके साथ निवेश के नाम पर ठगी की गई है।
  • वेल्थ इक्विटी एडवाइजर बताकर पैसे ठगे है।
  • ठग ने खुद को DBS बैंक का CEO बताया है।
  • IPO और OTC ट्रेड में मुनाफा का झांसा दिया है।
  • 3 खातों से 8 करोड़ से ज्यादा रुपए ट्रांसफर किये।
  • डेशबोर्ड पर दिखा रहा मुनाफा फर्जी निकला।
  • पैसे निकालने की कोशिश पर शुरू हुई उगाही।

ना दोस्तों को पता था, ना परिवारवालों को :

इस मामले में अमर सिंह के दोस्तों का कहना है कि उनके साथ इस तरह की ठगी हुई है इसकी किसी को जानकारी नहीं थी। अमर सिंह के सुसाइड नोट की मानें तो उनके साथ निवेश के पैसे निकालने की कोशिश के बाद उगाही शुरू हुई। 5 करोड़ रुपये निकालने की कोशिश की तो उससे 1.5% सर्विस फीस और 3% टैक्स के नाम पर 2.25 करोड़ रुपए वसूल लिये गये। इसके बाद भी पैसे नहीं दिये गये और दोबारा 2 करोड़ रुपये लिये। इसके बाद 20 लाख रुपए प्रीमियम मेंबरशिप फीस के नाम पर मांगे गए। पूर्व आईजी के साथ ठगी के बारे में ना तो उनकी करीबियों को पता था ना ही उनके पड़ोसियों को। यहां तक कि उनके परिवारवालों को इस ठगी की कोई जानकारी नहीं थी। ऐसे ही अधिकतर मामलों में कोई फंस जाता है तो वो अपने परिजनों को बता पाने की स्थिति में भी नहीं होता।

कैसे ठगों ने ट्रैप करके वारदात को दिया अंजाम?

वहीं, अमर सिंह चहल अपने सुसाइड नोट में बताया कि कैसे ठगों ने ट्रैप करने उनके साथ ठगी की वारदात को अंजाम दिया, यह पूरी जानकारी भी सामने आई है :

  1. एक शख्स उनको खुद को DBS का CEO डॉ. रजत वर्मा बताकर रोजाना शेयर बाजार, IPO और ट्रेडिंग से जुड़े टिप्स देने लगा।
  2. उसकी प्रोफाईल में CEO की फोटो लगी थी इससे निवेशकों का भरोसा मजबूत होता गया।
  3. ग्रुप में सवाल पूछने की छूट थी और जवाब तुरंत मिलते थे।
  4. कुछ समय बाद निवेशकों को एक ऑनलाईन डेशबोर्ड दिखाया गया।
  5. इसमें चार तरह की स्कीम बताई गईं। डेली ट्रेड स्टॉक्स, ओटीसी ट्रेड, IPO, क्वांटिटेटिव फंड्स के बारे में जानकारी दी जाती रही।
  6. हर स्कीम में पिछले से ज्यादा रिटर्न दिखाया जाता था।
  7. ग्रुप ने दावा किया कि DBS ग्रुप को IPO में डिस्काउंटेड रेट पर शेयर मिलते हैं।
  8. OTC ट्रेड में 30-40% और क्वांटिटेटिव फंड्स में 50% से ज्यादा रिटर्न दिखाया गया।

3 बैंक खातों से 8 करोड़ से ज्यादा की रकम ट्रांसफर की :

वहीँ मामले में सामने आया है कि सुसाइड नोट के मुताबिक अमर सिंह को ठगों ने इस तरह फंसाया था जिससे वो निकल ही नहीं पा रहे थे, वो लगातार फसंते ही चले जा रहे थे। मजबूरी में अमर सिंह ने 3 बैंक खातों से 8 करोड़ से ज्यादा की रकम ट्रांसफर की। ये खाते एक्सिस, HDFC और ICICI बैंक में थे, इसमें से 7 करोड़ रुपये पूर्व आईजी ने उधार लिए थे। सुसाइड नोट में अमर सिंह ने बैंक डिटेल्स, IFSC कोड, ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड दिखाये हैं। इस तरह वो इस मामले में चारों तरफ से फंसे हुये थे।

फिलहाल पुलिस अब पूरे मामले की जांच में जुटी है। साथ ही पूर्व आईजी के साथ जो ठगी हुई वो रकम किन खातों में गई इसकी भी जांच की जा रही है। अमर सिंह चहल का परिवार अभी कुछ भी बोलने की हालत में नहीं है। हालांकि पुलिस को उम्मीद है कि एक दो दिन में जब परिवार वाले बोलने की हालत में होंगे तो इस मामले में और सबूत मिल सकते हैं। वहीँ पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है।