पूरा छत्तीसगढ़ बंद : इस दौरान रायपुर के मैग्नेटो मॉल में तोड़फोड़, क्रिसमस थीम को लेकर की गई थी सजावट। दूसरी तरफ कांकेर के आमाबेड़ा में फिर खड़ा हुआ विवाद।

रायपुर : बंद के आव्हान के बीच आज पूरा छत्तीसगढ़ स्वस्फूर्त बंद रहा, जिसमें मारवाड़ी, जैनी, सिक्ख, सिन्धी, ब्राम्हण वर्ग ने अपना पूर्ण समर्थन दिया उन्होंने अपनी दुकानें भी बंद रखी और हर जगह को बंद भी करवाया। कांकेर जिले के आमाबेड़ा में हुई हिंसा और धर्मांतरण के विरोध में छत्तीसगढ़ सर्व समाज ने आज छत्तीसगढ़ बंद का आह्वान किया गया था। जिसके पूरे प्रदेशभर में बंद का असर दिखा। वाहीन रायपुर, दुर्ग और जगदलपुर में दुकानें सुबह से बंद रही। वहीं छत्तीसगढ़ बंद के बीच राजधानी में कुछ लोगों ने तेलीबांधा स्थित मैग्नेटो मॉल और कटोरा तालाब के ब्लिंकिट गोदाम में उत्पात मचाते हुए जमकर तोड़फोड़ की, जिसके बाद वहां विवाद का माहौल बन गया।

प्रदर्शनकारियों ने मैग्नेटो मॉल में क्रिसमस की तैयारी को लेकर हुई सजावट को तोड़ दिया है। वहीँ मॉल के अंदर भी तोड़फोड़ की गई है। वहीं बंद के दौरान ब्लिंकिट सेवा चालू करने के विरोध में कर्मचारियों से मारपीट भी की गई है। इस मामले में तेलीबांधा थाना प्रभारी अविनाश सिंह ने बताया कि रायपुर बंद के लिए समर्थन लेने निकले कुछ लोगों ने तोड़फोड़ की है, लेकिन अब तक प्रबंधन की तरफ से कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर पूरे मामले की जांच कर वैधानिक कार्यवाही की जायेगी।

छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स चैम्बर्स ने भी बंद को अपना समर्थन दिया है। आज सुबह कई व्यापारी राजधानी के प्रमुख मार्गों में दुकानें बंद कराने निकले थे। उनके साथ बजरंग दल के कार्यकर्ता भी साथ रहे। चैंबर ऑफ कॉमर्स के साथ ट्रांसपोर्ट चैंबर का भी बंद को समर्थन मिला है। वहीँ बंद के चलते प्रदेश के अधिकांश इलाकों में दुकानें, सब्जी मंडियां, ट्रांसपोर्ट सेवाएं और अन्य व्यापारिक गतिविधियां बंद रही। राजधानी रायपुर के अलावा अन्य शहरों में भी बंद का असर देखने को मिला।

धर्मांतरित महिला का ग्रामीणों ने किया विरोध, घर में की तोड़फोड़ :

छत्तीसगढ़ बंद के बीच कांकेर जिले के आमाबेड़ा में फिर से विवाद होने की जानकारी सामने आई है। धर्मांतरित महिला से मूल हिंदू धर्म में वापसी करने की बात कही गई, जिसको लेकर महिला के मना करने पर ग्रामीण भड़क गए, और उन्होंने महिला के घर में जमकर तोड़फोड़ की। शांति बहाल होने के बाद फिर से क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बन गई है। जहाँ पहले आदिवासी समाज विरोध नहीं करता था तो सब ठीक था, वहीँ अब आदिवासी समाज जाग गया है तो लोग जबरिया बवाल का आरोप लगा रहे है।

वहीँ मामले में इस गांव में रहने वाली धर्मांतरित महिला को ग्रामीणों ने शव दफन विवाद के बाद मूल धर्म में वापसी करने की बात कही। लेकिन महिला ने ऐसा करने से मना कर दिया। उसने कहा कि अगर वह वापस मूलधर्म में लौटेगी तो फिर बीमार पड़ जायेगी, इस तरह का डर धर्मान्तरित लोगों में बैठा दिया जाता है। इस डर से उसने कहा वह मूल धर्म में वापस नहीं आएगी। जिसके बाद ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। उन्होंने महिला के घर में जमकर तोड़फोड़ करना शुरू कर दिया। सामने आई घटना की तस्वीरों में दिख रहा है कि घर की छत को नुकसान पहुंचा गया है। साथ ही कई हिस्सों को क्षति पहुंचाया गया। बता दें कि बड़े तेवड़ा गांव के चर्च के प्रमुख महेंद्र बघेल ने मंगलवार को हिंदू धर्म में वापसी की थी। वहीँ हिंदूवादी संगठनों ने धर्मान्तरण को गन्दा खेल कहा है, जो लगातार हिन्दुओं को लालच और डर दिखाकर धर्मान्तरण के लिये मजबूर कर रहा है।