स्वास्थ्य : वर्तमान में खानपान की अनियमितता एवम् गुणवत्ताहीन खाद्य पदार्थो के कारण शरीर में विभिन्न विटामिन्स की कमी हो रही है, जिससे नई नई समस्यायें खड़ी हो रही है। ऐसे में सर्दियों में जहाँ सूरज की रोशनी कम मिलने से लोग विटामिन डी की कमी के शिकार हो जाते हैं। विटामिन डी की कमी को लोग काफी हल्के में लेते हैं लेकिन इसके दूरगामी परिणाम गंभीर हो सकते हैं। विटामिन डी की कमी से हड्डियों में दर्द और मांसपेशियों में कमजोरी से लेकर जोड़ों में अकड़न और फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए सर्दियों में शरीर में विटामिन डी का स्तर सही बनाये रखना जरूरी हो जाता है। सर्दियों में विटामिन डी की कमी को पूरा करने के लिए इन चीजों का सेवन जरूर करें। इसके साथ ही धूप में ज्यादा से ज्यादा बैठने का प्रयास करें, कम से कम बीस मिनट।
सर्दियों में विटामिन डी की कमी :
सर्दियों में धूप कम होने से कई लोगों में विटामिन डी का स्तर भी घटने लगता है। डॉक्टर बताते हैं कि सर्दियों में अक्सर ऐसे मरीज देखने को मिलते हैं जो घुटनों में दर्द, पीठ दर्द और मांसपेशियों में थकान की शिकायत करते हैं, नसों में खिंचावट। कई मामलों में इसकी वजह विटामिन डी की कमी होती है, जो धूप न मिलने से और बढ़ जाती है। ऐसे में कैल्शियम के अवशोषण और हड्डियों के खनिजीकरण के लिए विटामिन डी जरूरत होती है। इसके लिए विटामिन डी से भरपूर कुछ चीजों को आहारमें जरूर शामिल करें। हड्डियों की कमजोरी से कोई चोट लगने पर लम्बे समय तक यह समस्या बनी रहती है, ऐसे सावधानी जरुर बरतें।
विटामिन डी बढ़ाने के लिए क्या खाएं?
फैट वाली मछलियां – मछली को विटामिन डी का अच्छा श्रोत माना जाता है। सैल्मन, मैकेरल, सार्डिन और टूना फिश विटामिन डी के सबसे बड़े प्राकृतिक श्रोत हैं। अगर आप नॉनवेज खाते हैं तो इन मछलियों को अपनी डेली डाइट में शामिल करें। कम से कम सप्ताह में दो से तीन बार तो जरूर खाएं। इससे हड्डियों के घनत्व और मांसपेशियों की मजबूती को बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
अंडे – अंडे की जर्दी अक्सर लोग खाने से बचते हैं, लेकिन इसमें फैट के अलावा विटामिन डी भी अच्छी मात्रा में पाया जाता है। सर्दियों में अंडा शरीर को गर्म भी रखता है और इसे खाने से विटामिन डी की भी कमी पूरी होती है। अंडा खाना हड्डियों के लिए और ओवरऑल हेल्थ के लिए अच्छा माना जाता है। अंडे की जर्दी पोषक तत्वों से भरपूर होती है और आहार में बड़े बदलाव किए बिना विटामिन डी की मात्रा बढ़ाने में मदद करती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता और मांसपेशियों और हड्डियों को स्वस्थ रखने में अंडा मदद करते हैं। ऐसे में अंडा खाना भी बेहतर विकल्प हो सकता है।
पोषक तत्वों से भरपूर खाना – अगर आप फोर्टिफाइड दूध, दही, अनाज और पौधों से बने दूध के ऑप्शन अपनी आहार में शामिल करते हैं तो इससे विटामिन डी की कमी को पूरा किया जा सकता है। खासकर शाकाहारियों के लिए सर्दियों में इन चीजों का सेवन हेल्दी होता है। इससे विटामिन डी की कमी को भी पूरा किया जा सकता है। जो लोग घर के अंदर ही रहते हैं या ऑफिस में काम करते हैं उन्हें इन चीजों को आहार में बढ़ा देना चाहिए। रोजाना के खानपान का एक चार्ट भी तैयार करना चाहिये।
मशरूम – पराबैंगनी किरणों के संपर्क में आने वाले और धूप में सुखाए गए मशरूम भी विटामिन डी का अच्छा सोर्स हैं। इससे प्राकृतिक रूप से विटामिन डी उत्पन्न होता है। मशरूम विटामिन डी का एक और बेहतरीन स्रोत हैं। धूप में सुखाए गए मशरूम को करी, सूप और फ्राई में इस्तेमाल किया जा सकता है। ये उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प है जो वीगन है और पशु उत्पादों का इस्तेमाल नहीं करते हैं।
कॉड लिवर ऑयल और कुछ डेयरी प्रोडक्ट – कॉड लिवर ऑयल में सबसे ज्यादा विटामिन डी पाया जाता है। इसके अलावा पनीर और मक्खन में भी विटामिन डी की मात्रा होती है। इन चीजों को डाइट में शामिल करने से विटामिन डी के स्तर को सही रखने में मदद मिलती है। इसके साथ ही कुछ सब्जियों को मिलाकर उनका रोजाना जूस पीने से भी शरीर को आवश्यक विटामिन मिल जाते है।



