मुंगेली : सरकारी कामों में भ्रष्टाचार किस हद तक होता है, इसका ताजा उदाहरण है मुंगेली की नवनिर्मित सड़क। वैसे तो एक ही सड़क को बनाकर उसे फिर से खोदा जाता है, और उसको फिर से बनाया जाता है, ये कोई नई बात नहीं है, लेकिन नई बात ये है कि सड़क को ऐसा बनाया गया है कि रात को सड़क बनी और सुबह उखड़ गई, ये जानकर आपको हैरानी होगी। मामला है मुंगेली-पंडरिया मुख्य मार्ग से बांकी गांव तक लगभग ढाई किलोमीटर लंबी सड़क के नवीनीकरण कार्य को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत इस सड़क निर्माण के लिए 67 लाख 51 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी, लेकिन सड़क बनने के महज पखवाड़ेभर में ही उसकी हालत खराब होने लगी है। जगह-जगह सड़क की परत उखड़ रही है और मटेरियल बाहर निकलने लगा है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह सड़क जब बनाई जा रही थी तभी से ग्रामीणों ने विरोध किया था, इधर सड़क बनने के दूसरे दिन से ही सड़क उखड़ने लग गई थी।
इस मामले में बांकी गांव के ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान ही सड़क में इस्तेमाल हो रहे घटिया मटेरियल को लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई थी, लेकिन ठेकेदार ने उनकी बातों को अनसुना कर दिया था। वहीँ ग्रामीणों का कहना है कि विरोध के बावजूद ठेकेदार ने रात के समय तेजी से काम पूरा कर दिया, ताकि किसी तरह की निगरानी न हो सके। अब नई सड़क की यह हालत देखकर ग्रामीणों में आक्रोश और चिंता दोनों है। सड़क निर्माण का ग्रामीणों को कोई लाभ नहीं मिला बल्कि ख़राब सड़क पर चलना भी दूभर हो गया।
सड़क उखड़ने से फिलकर गिरने का खतरा बढ़ा :
इसको लेकर ग्रामीणों का कहना है कि सड़क उखड़ने से दोपहिया और चारपहिया वाहनों के फिसलने का खतरा बढ़ गया है। आए दिन हादसे की आशंका बनी हुई है, वाहन फिसलने लगे है। गांव के लोगों ने घटिया निर्माण के लिए जिम्मेदार ठेकेदार और लापरवाही बरतने वाले विभागीय अधिकारियों पर कार्यवाही की मांग की है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसी महत्वाकांक्षी योजना के तहत बने इस मार्ग की स्थिति ने विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई है और गुणवत्ता की कोई जांच नहीं की गई है। सड़क की ऊपरी परत जगह-जगह से उखड़ रही है, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही बरती गई है।
भाजपा नेता ने की कार्यवाही की मांग :
इस पूरे मामले में भाजपा नेता शिवप्रताप सिंह ने भी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि बांकी गांव के लगभग 90 प्रतिशत लोग बीजेपी को वोट देते हैं, इसके बावजूद अगर सड़क निर्माण में इस तरह की लापरवाही हो रही है तो अन्य गांवों की स्थिति और भी चिंताजनक हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया है कि विभागीय अफसर और ठेकेदार कमीशनखोरी के चक्कर में सरकार को बदनाम करने में लगे हैं। इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्यवाही करनी चाहिए।
जांच के बाद दोषियों पर होगी कार्यवाही : ईई
सड़क निर्माण प्रधानमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत किया गया है। इस संबंध में विभाग के कार्यपालन अभियंता (ईई) परीक्षित सूर्यवंशी का कहना है कि शिकायत उनके संज्ञान में आई है। पूरे मामले की जांच कराई जायेगी। जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्यवाही की जायेगी। फिलहाल बांकी गांव के ग्रामीण सड़क की दोबारा गुणवत्ता जांच और पुनर्निर्माण की मांग पर अड़े हुए हैं।



