दुर्ग/भिलाई : रायपुर में नए साल के जश्न से पहले पुलिस ने बड़ी कार्यवाही करते हुए एमडी ड्रग्स सप्लाई करने वाले एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार आरोपी अब्दुल करीम दुर्ग जिले के पाटन का रहने वाला है और रायपुर व आसपास आयोजित होने वाली न्यू ईयर पार्टियों में ड्रग्स सप्लाई करने की तैयारी में था। पुलिस ने उसके कब्जे से 4.790 ग्राम एमडी ड्रग्स और मोबाइल फोन जब्त किया है, जिसकी कुल कीमत लगभग 55 हजार रुपए बताई गई है।
अजय में नशे के खिलाफ छल रहे ‘ऑपरेशन निश्चय’ अभियान के तहत एंटी क्राइम एंड साईबर यूनिट और थाना कोतवाली की संयुक्त टीम को सूचना मिली थी कि सिद्धार्थ चौक स्थित नरैय्या तालाब के पास एक युवक ड्रग्स बेचने की फिराक में खड़ा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्यवाही करते हुए संदिग्ध युवक को पकड़ा। पूछताछ में उसकी पहचान अब्दुल करीम उर्फ समीर, निवासी पाटन, जिला दुर्ग के रूप में हुई है। तलाशी में उसके पास एमडी ड्रग्स बरामद हुआ है, जो नशे की दुनियां में सबसे ज्यादा बिकता है, इसके एक ग्राम की कीमत लगभग 5000 – 7000 है।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी नए साल के मौके पर शहर के आउटर फार्महाउस और क्लबों में होने वाली पार्टियों में एमडी ड्रग्स सप्लाई करने वाला था। रायपुर में नशे पर बढ़ती सख्ती को देखते हुए वह दुर्ग से सप्लाई नेटवर्क संचालित कर रहा था। पूछताछ के दौरान आरोपी ने रायपुर और दुर्ग के कुछ ग्राहकों और सप्लायरों के नाम बताये हैं। पुलिस अब उनसे जुड़े नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही है। संलिप्तता मिलने पर अन्य लोगों पर भी वैधानिक कार्यवाही की जायेगी। आरोपी के खिलाफ थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 357/25 धारा 21ए एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
‘आपको बता दें कि ऑपरेशन निश्चय’ अभियान के तहत अब तक पुलिस ने नशा तस्करी से जुड़े 94 मामलों में 217 आरोपियों को गिरफ्तार कर करोड़ों के मादक पदार्थ जब्त किए हैं। पुलिस इसे एंड टू एंड कार्यवाही बताते हुए नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने का दावा कर रही है। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि अंतरराज्यीय ड्रग तस्कर अब्दुल करीम अपने सहयोगियों के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ के पाटन में नशीले पदार्थों की फैक्ट्री स्थापित करने की योजना बना रहा था। मूल रूप से नागपुर का निवासी अब्दुल करीम चार वर्ष पूर्व दुर्ग जिले के पाटन में बस गया था।
वह मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और झारखंड के तस्कर गिरोह का सक्रिय सदस्य है। रायपुर पुलिस ने उसे शुक्रवार को पांच ग्राम एमडीएमए (मेथिलीनडाइआक्सी-एन-मेथैम्फेटामाइन) के साथ गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पिछले तीन वर्षों से प्रदेश भर में ड्रग सप्लाई कर रहा था। एमडीएमए एक अत्यंत खतरनाक उत्तेजक ड्रग है, जो कि खासकर युवतियों को अपने जाल में फंसाकर घिनौनी घटनाओं के लिये प्रयोग किया जाता है। हाल ही में रायपुर में आयोजित अखिल भारतीय डीजीपी कांफ्रेंस में नशीले पदार्थों के अंतरराज्यीय गिरोहों के खिलाफ कार्यवाही की रणनीति तैयार की गई थी।
पहचान छिपाने के लिए बदल लिया नाम :
अब्दुल करीम ने तस्करी के धंधे में उतरने के बाद अपनी पहचान छिपाने के लिए नाम बदल लिया था। उसे समीर उर्फ राजा के नाम से जाना जाता था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उसके बैंक खातों और पाटन में खरीदी गई प्रापर्टी की जांच कर रही है। वहीँ इसके नेटवर्क के बड़े खुलासे की उम्मीद जताई जा रही है।



