रायपुर : CGPSC घोटाला मुख्य रूप से CGPSC परीक्षाओं में गड़बड़ी, प्रश्नपत्र लीक होने और अनुचित भर्ती से जुड़े कई विवादों से जुड़ा हुआ है, जिसमें CBI जांच कर रही है और इस मामले में पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी सहित कई अधिकारी गिरफ्तार हुए हैं, जिससे राज्य में सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया पर बड़ा सवाल खड़ा हुआ है। वहीँ कई बार परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक होने और उत्तर कुंजी में भी गड़बड़ी के आरोप भी लगे हैं, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठे हैं। इन घोटालों के कारण कई भर्तियां रद्द करनी पड़ी हैं जिसके कारण राज्य सरकार को भर्ती प्रक्रिया में बड़े बदलाव करने पड़े हैं। यह छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया में हुए भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का एक बड़ा मामला है, जिसकी जांच चल रही है। इसी जांच के अंतर्गत सीबीआई ने चालान पेश किया है, जो चार सौ पन्नो का है।
जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ लोक सेवा परीक्षा भर्ती घोटाले से मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने 13 आरोपियों के खिलाफ शुक्रवार को 4 सौ पन्नों का चालान पेश किया है, इस मामले में जेल में बंद आरोपियों में तत्कालीन चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी, आरती वासनिक के अलावा उद्योगपति बजरंग पावर एंड इस्पात के तत्कालीन निदेशक श्रवण कुमार गोयल, पीएसपी चयनित बेटे शशांक गोयल, बहू भूमिका कटियार, साहिल सोनवानी भी शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि इस वक्त मामले में 12 आरोपी जेल हैं जबकि उत्कर्ष चंद्राकर नामक एक आरोपी फरार है। जिसकी भूमिका परीक्षा में गड़बड़ी करने में रही है, उसकी खोजबीन की जा रही है।
टामन सोनवानी के 5 रिश्तेदारों का चयन :
इस घोटाले के प्रकरण के मुताबिक 2021 में 171 पदों में भर्ती के लिए सीजीपीएसपी द्वारा परीक्षा का आयोजन किया गया था, जिसमें प्री एग्जाम 13 फरवरी 2022 को कराया गया था, जिसमें 2 हजार 565 उम्मीदवार उत्तीर्ण हुए थे, इसके बाद मेंस परीक्षा में 509 पास हुए। वहीँ मई 2023 में इंटरव्यू के बाद 170 अभ्यर्थियों की सिलेक्शन लिस्ट जारी की गई। इस घोटाले को लेकर आरोप है कि इसमें तत्कालीन चेयरमैन सोनवानी के पांच रिश्तेदार बेटे नीतेश और बहू निशा कोसले का डिप्टी कलेक्टर, भाई की बहू दीपा अगजले का जिला आबकारी अधिकारी, बहन की बेटी सुनीता जोशी का श्रम अधिकारी एवं बड़े भाई के बेटे साहिल सोनवानी का चयन डीएसपी के पद पर हुआ था।
इसके अलावा उद्योगपति श्रवण गोयल के पुत्र शशांक गोयल व बहू भूमिका कटियार डिप्टी कलेक्टर चुने गए थे। कुल डेढ़ दर्जन चयनित नामों को लेकर गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इसके बाद मामले की जांच के आदेश दिए गए। इस मामले में काफी बवाल भी हुआ था, जिसके बाद राज्य शासन ने प्रकरण को जांच के लिए सीबीआई को सौंपा था। चयनित उम्मीदवारों में पीएससी चेयरमैन के अलावा उद्योगपति, कांग्रेस नेताओं के परिवार से जुड़े लोग शामिल हैं।



