रायपुर : नशा, जुआ, सट्टा और वैश्यावृत्ति ऐसे काम है, जिन पर पाबन्दी लगाना आसान काम नहीं है, जितनी भी इन पर कार्यवाही पुलिस द्वारा की जाती है, ये आये दिन उतने ही बढ़ते जाते है। वहीँ मामला है रियल मनी पेमेंट पर आधारित फैंटेसी स्पोर्ट्स गेम्स पर प्रतिबंध के बाद संगठित सट्टा गिरोह ने अपने अवैध नेटवर्क को सक्रिय कर लिया है। आईपीएल के नए सीजन की शुरुआत से पहले ऐसा ही एक सट्टा गिरोह राजधानी रायपुर पहुंचा और यहां वह पैनल आईडी के जरिए ऑनलाईन सट्टा संचालन के लिए लोगों की तलाश में था, वह अपनी टीम बनाने लगा, इसकी सूचना मिलते ही पुलिस ने सतर्कता बढ़ाते हुए पूछताछ और निगरानी तेज कर दी। जिसके बाद पुलिस ने गिरोह का खुलासा करते हुए मास्टरमाइंड समेत 4 ऑनलाईन बुकी को गिरफ्तार किया गया है। यह पूरा मामला राजधानी के गंज थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है।
पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम की पड़ताल में सामने आया कि चार युवक विदेश से वापस आकर ऑनलाईन सट्टा की युवाओं को ट्रेनिंग दे रहे थे। इस मामले में मास्टरमाइंड विक्रम कोरी, रितेश गोविंदानी, अकरम सहित 4 ऑनलाईन बुकी को गिरफ्तार किया गया है। वहीँ इन आरोपियों के पास से 50 लाख रुपए नगद, मोबाईल और लैपटॉप भी बरामद हुआ है। कुल 75 लाख रुपए का सामान जब्त किया गया है। पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया है कि आल पॉवर और क्लासिक गेमिंग एप के नाम से ऑनलाईन सट्टा संचालित किया जा रहा था। पुलिस को सटोरियों के पास कई म्यूल अकाउंट भी मिले हैं, जो धन को संग्रहित करने के लिए प्रयोग किये जाते।
पांच साल से आरोपी रितेश चला रहा था ऑनलाईन सट्टा :
इस मामले में पुख्ता सूत्रो से जानकारी मिली है कि आरोपी रितेश गोविंदानी पिछले पांच सालों से ऑनलाईन सट्टा और खाईवाल का काला कारोबार संचालित करता है। आरोपी रितेश गोविंदानी का मुख्य पार्टनर विकास अग्रवाल बताया जा रहा है। आरोपियों के गिरोह में 17 ब्रांच संचालित की जा रही थी। ये लोग मिलकर बड़े स्तर पर सट्टे का कार्य करते रहे है। लम्बे समय से महाराष्ट्र के कल्याण स्थित कोनी पलावा थाना क्षेत्र में आरोपियों का काला कारोबार संचालित होता आ रहा है। इतना ही नहीं महाराष्ट्र के साथ-साथ आरोपियों का काला कारोबार पुणे और अन्य जगहों पर भी संचालित किया जा रहा था। रितेश और विकास अग्रवाल के साथ तरुण गोविंदानी, नीरव पटेल, विशाल बजाज, सागर घिंडवानी, सन्नी पृथ्वानी समेत अन्य लोगो की संलिप्तता पाई गई है। पुलिस आरोपियों से रिमांड के दौरान पूछताछ की कार्यवाही के लिए जुट गई, वहीँ रितेश गोविंदानी से जुड़े अन्य सटोरियो तक पुलिस के हाथ जल्द पहुंचने वाले हैं। जिसके बाद कार्यवाही को विस्तार दिया जायेगा।



