राज ठाकरे ने मुख्यमंत्री फडणवीस को बताया बाहरी तो भड़के शिंदे ने कहा नागपुर महाराष्ट्र में नहीं है क्या?

मुंबई (महाराष्ट्र) : चुनाव जीतने के लिए नेताआम जनता को क्षेत्रवाद, जातिवाद और संप्रदाय जैसे मामलों में भड़काते है, जिससे जनता में आपस में तो विवाद हो जाता है, लेकिन नेता अपनी राजनैतिक रोटियां जरुर सेंक लेता है, ऐसे ही अब बीएमसी चुनाव से पहले मुंबई की राजनीति में ‘मराठी मानुष’ और ‘बाहरी’ के मुद्दे पर एक बार फिर घमासान छिड़ गया है। अंधेरी में एक जनसभा में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे पर तीखा हमला बोला। ठाकरे भाइयों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि मुंबई में पैदा होने और यहीं बड़े होने के बावजूद दोनों भाई इस शहर की समस्याओं को सुलझाने में पूरी तरह विफल रहे हैं।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले 25 वर्षों तक बीएमसी की कमान उनके हाथों में थी, लेकिन उन्होंने मुंबई वासियों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए कुछ नहीं किया है। वहीँ फडणवीस ने सवाल उठाते हुए कहा, “उन मराठी लोगों का क्या हुआ जिन्हें शहर छोड़ने पर मजबूर किया गया और जो आज वसई-विरार से आगे रहने को मजबूर हैं? आपने उनके लिए क्या किया?” इस तरह उन्होंने ठाकरे बंधुओं पर तीखा हमला बोला है।

बालासाहेब का जन्म मुंबई में नहीं हुआ – फडणवीस

वहीँ इससे पहले एक इंटरव्यू में उद्धव और राज ठाकरे ने भाजपा नेता फडणवीस को ‘बाहरी’ बताते हुए कहा था कि वे मुंबई के मुद्दों को नहीं समझते है। क्योंकि वें मुंबई से नहीं है। फिर उनके इस बयान पर पलटवार करते हुए फडणवीस ने स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, “बालासाहेब ठाकरे की मुंबई की समझ सबसे बेहतरीन थी, जबकि उनका जन्म पुणे में हुआ था।” इस तरह ठाकरे बंधुओं को कड़े सवालों का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही उन्होंने ठाकरे भाइयों पर तंज कसते हुए कहा कि, जो लोग मुंबई में जन्मे और बड़े हुए, वे भी शहर की एक भी समस्या हल नहीं कर सके। फडणवीस ने आगे कहा कि मराठी मानूस के लिए उन्होंने क्या किया, यह सवाल आज भी कायम है। सिर्फ मुंबई में जन्म लेने से किसी को राजनीति में खुद को वैध ठहराने का अधिकार नहीं मिल जाता।

एकनाथ शिंदे ने पूछा – क्या नागपुर महाराष्ट्र में नहीं?

वहीँ दूसरी तरफ मुख्यमंत्री फडणवीस को नागपुर का बताने पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी ठाकरे भाइयों को आड़े हाथों लिया। शिंदे ने तंज कसते हुए पूछा कि, “क्या नागपुर महाराष्ट्र का हिस्सा नहीं है? शायद वे भूल गए हैं कि फडणवीस पहले भी राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। यह बात उनको याद रखनी चाहिए और फिर बोलना चाहिए।” शिंदे ने आगे कहा कि महायुति सरकार ने उन सभी ‘स्पीड ब्रेकर्स’ को हटा दिया है जो पिछली उद्धव ठाकरे की सरकार (महाविकास अघाड़ी) ने विकास कार्यों के रास्ते में लगाए थे। वहीँ आपको बता दें कि बीएमसी सहित महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव के लिए मतदान 15 जनवरी को होगा, जबकि मतों की गिनती 16 जनवरी को की जायेगी। ठाकरे बंधुओं की अब पैरों तले जमीन खिसक रही है, इसके कारण वे अनर्गल बयान दे रहे है।