तखतपुर : जहाँ आम आदमी के लिए एक्सपायर चीजें हानिकारक होती है तो वहीँ प्रकृति और पशु पक्षियों के लिये भी ये काफी हानिकारक होती है। वहीँ इस मामले में नगर पालिका तखतपुर की घोर लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। यहाँ नगर के गौठान क्षेत्र के समीप खुले मैदान में भारी मात्रा में एक्सपायर हो चुके सॉफ्ट ड्रिंक के छोटे-छोटे पैकेट असुरक्षित ढंग से फेंक दिए गए हैं, जिससे क्षेत्र में रहने वाले गौवंश की जान पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। पहले ही गौवंश कड़ी दिक्कतों से गुजर रहा है और गौसेवक लगातार उनकी जान बचाने का प्रयास कर रहे है, ऐसे में ऐसे पशु प्रेमियों ने इस मामले में नाराजगी जताई है। यह मामला न केवल पशु सुरक्षा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और प्रशासनिक जिम्मेदारी पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है।
गौवंश खा रहा एक्सपायरी पैकेट, बढ़ सकता है बड़ा हादसा :
इस मामले में स्थानीय लोगों ने बताया है कि गौठान के आसपास खुले में पड़े इन सॉफ्ट ड्रिंक पैकेटों को गाय और बछड़े खा रहे हैं। एक्सपायरी और केमिकल युक्त सामग्री पशुओं के पाचन तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ने, बीमार पड़ने या मृत्यु तक की आशंका बनी हुई है। पशु प्रेमियों का कहना है कि यदि जल्द कार्यवाही नहीं हुई तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। गौवंश के खाने की पर्याप्त व्यवस्था ना होने के कारण खाने पीने की चीजों के साथ गौवंश लगातार झिल्लियाँ भी खा रहे है, जिससे वो असमय मौत के शिकार हो रहे है, ऐसे में यह बड़ी लापरवाही है।
पर्यावरण नियमों का खुला उल्लंघन :
वहीँ इसको लेकर जो जानकारी सामने आई है, उसके अनुसार यह एक्सपायरी माल न तो कंपनी को लौटाया गया और न ही तय नियमों के तहत नष्ट किया गया है, वहीँ खुले स्थान पर खाद्य एवं पेय पदार्थों का इस तरह फेंका जाना ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का सीधा उल्लंघन है। इससे जमीन, जल और आसपास के पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचने की संभावना है। जो पर्यावरण के लिये भी बड़ा खतरा है।
रोजाना कचरा डंप के बावजूद चुप्पी :
हैरत की बात यह है कि नगर पालिका के कर्मचारी प्रतिदिन इसी स्थान पर शहर का कचरा डंप करने पहुंचते हैं, इसके बावजूद इस गंभीर स्थिति पर किसी भी तरह की निगरानी या कार्यवाही नहीं की गई है, इससे नगर पालिका की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर सवाल उठ रहे हैं। इस घटना को लेकर पशु प्रेमियों, गौ रक्षकों और स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि प्रशासन की यह लापरवाही गौवंश के प्रति क्रूरता के समान है। इसके साथ ही उन्होंने मांग की है कि जल्द ही एक्सपायरी सामग्री को तत्काल हटाया जाए, जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्यवाही भी की जाए। इसके साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त निगरानी व्यवस्था बनाई जाए।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन और नगर पालिका इस मामले को कितनी गंभीरता से लेती है। क्या दोषियों के खिलाफ कार्यवाही होगी या यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा, इस पर पूरे नगर की निगाहें टिकी हुई हैं, वहीँ इस मामले में कार्यवाही ना होने पर स्थानीय लोगों ने आक्रोश भी जताया है।



