बीजापुर : छत्तीसगढ़ में अवैध निर्माणों पर प्रशासन का बुलडोजर लगातार चल रहा है, ऐसे ही बीजापुर जिले में शुक्रवार को 75 मकानों पर कार्यवाही गई है, जहां अब तक 20 मकानों को ढहाया गया है। हालांकि, अभी भी अवैध निर्माणों को गिराने की कार्यवाही की जा रही है। मामले के अनुसार प्रशासन बीजापुर न्यू बस स्टैंड के पीछे 75 अवैध मकानों को गिरा रहा है। वहीँ मौके पर नगरपालिका बीजापुर, तहसीलदार बीजापुर के साथ पुलिस के जवानों की तैनाती की गई, वहां मौजूद ग्रामीणों ने अधिकारियों से मोहलत देने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अधिकारी कार्यवाह को लेकर सख्ती दिखा रहे है। बीजापुर नगर पालिका की कार्यवाही ने उन परिवारों को बेघर कर दिया है, जो कभी नक्सल हिंसा से बचने के लिए गांव छोड़कर शहर आए थे।
वहीँ नया बस स्टैंड के पीछे चट्टानपारा क्षेत्र में 55 मकानों पर बुलडोजर चला। इनमें डीआरजी जवानों और नक्सल पीड़ित परिवारों के घर भी शामिल थे। परिवारों का कहना है कि गांव लौटना जानलेवा है, और शहर में अब कोई ठौर नहीं बचा है, परिवार दोनों तरफ से परेशान है। इस कार्यवाही से महिलाओं और बच्चों की आंखों में डर और असहायता साफ दिखी है। एक महिला ने बताया है कि पति ऑपरेशन पर हैं और बच्चे भूखे बैठे हैं। प्रशासन का दावा है कि दो वर्षों से लगातार नोटिस दिए जा रहे थे। 22 दिसंबर को अंतिम नोटिस के बाद कार्यवाही की चेतावनी दी गई थी। वहीँ अब इसके बाद दूसरे चरण में शांतिनगर के 20 मकानों पर भी कार्यवाही प्रस्तावित है। सवाल यह है कि सुरक्षा में साथ देने वालों के पुनर्वास की जिम्मेदारी किसकी है क्या अतिक्रमण हटाने के साथ मानवीय विकल्प भी जरूरी नहीं है?
ग्रामीणों ने बताया है वो यहां 2022 से मकान बनाकर रह रहे हैं। इस कार्यवाही से पहले किसी भी तरह का नोटिस या मुनादी नहीं कराई गई है, अचानक दो बुलडोजर लाकर अधिकारियों ने कार्यवाही शुरू कर दी, जिससे सभी रहवासी मुसीबत में आ गये है, वहीँ उन्होंने बताया कि हम राजस्व और नगरपालिका के अधिकारियों से दो दिनों की मोहलत मांग रहे हैं, ताकि घरों में रखा जरूरी सामान निकाल सकें, उसको भी नहीं सुना जा रहा है। वहीँ दूसरी तरफ मुख्य नगरपालिका अधिकारी बीएल नुरेटी और तहसीलदार पंचराम सलामे ने बताया कि दो बार नोटिस दिया जा चुका है। उसके बाद भी उन्होंने आज तक अतिक्रमण नहीं हटाया था, इसीलिए प्रशासन आज बुलडोजर ले जाकर कार्यवाही कर रहा है। इस कार्यवाही में कुल 75 मकान शामिल हैं, जिन पर कार्यवाही की जानी है।



