कार का कांच तोड़कर उठाईगिरी की वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह का पुलिस ने किया भंडाफोड़, ‘त्रिची गिरोह’ के 6 सदस्यों को झारखंड से दबोचा।

रायपुर : राजधानी रायपुर में बीते दिनों कार का शीशा तोड़कर चोरी और उठाईगिरी की वारदातें सामने आई थी, जिसके बाद कारोबारियों में खौफ पैदा हो गया था, इसे लेकर रायपुर पुलिस ने अब बड़ा खुलासा किया है। एण्टी क्राईम एंड साईबर यूनिट की टीम ने तमिलनाडु के कुख्यात अंतरराज्यीय ‘त्रिची (रामजी नगर) गिरोह’ के छह सदस्यों को झारखंड से गिरफ्तार कर लिया गया है। यह गिरोह देश के कई राज्यों में इसी तरह की वारदातों को अंजाम दे चुका है, जिसके कई मामले सामने आये है, राजधानी में इनकी वारदात ने खौफ का माहौल पैदा कर दिया था।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन में की गई। खास बात यह रही कि रायपुर में एफआईआर दर्ज होने के महज 96 घंटे के भीतर पुलिस ने अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा कर दिया है अब सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है।

गिरोह ने रायपुर में दो घटनाओं को दिया था अंजाम :

12 जनवरी 2026 को थाना गंज और थाना देवेंद्र नगर क्षेत्र में कार का कांच तोड़कर चोरी की दो बड़ी घटनाएं सामने आई थीं। थाना गंज क्षेत्र में अपोलो डायग्नोस्टिक के सामने खड़ी कार से लाखों रुपये नकद, लैपटॉप, टैब और अन्य कीमती सामान चोरी किया गया था, तो वहीं देवेंद्र नगर क्षेत्र में महाराजा फुटवेयर के पास खड़ी कार को निशाना बनाकर नकदी से भरा बैग ले उड़े। दोनों मामलों में समान तरीका सामने आने पर पुलिस को किसी संगठित बाहरी गिरोह की संलिप्तता का संदेह हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने अपनी कार्यवाही शुरू की।

हजारों CCTV फुटेज और तकनीकी विश्लेषण से मिली सफलता :

एण्टी क्राईम एंड साईबर यूनिट, थाना गंज और थाना देवेंद्र नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने घटनास्थलों के आसपास के हजारों सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसके साथ ही रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और संदिग्ध मार्गों पर विशेष नजर रखी गई। जांच में सामने आया कि आरोपी होटलों में नहीं ठहरते, रेलवे प्लेटफॉर्म पर रुकते और बिना टिकट रेल यात्रा कर एक राज्य से दूसरे राज्य पहुंचते थे, जिससे उनकी पहचान छिपी रहे। कड़ी मेहनत और मशक्कत के बाद पुलिस अपराधियों तक पहुँच पाई।

झारखंड में दबिश, रांची से दबोचे गए आरोपी :

इसके साथ ही तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की लोकेशन झारखंड में मिलने पर पुलिस की दो टीमों को रांची भेजा गया था। रांची के धुर्वाडैम क्षेत्र से पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया, जो वहां भी चोरी की वारदात करने की तैयारी में थे। पूछताछ में आरोपियों ने रायपुर में की गई दोनों घटनाओं को स्वीकार किया। गिरफ्तार आरोपियों में रंगन ए. (उम्र 56 साल), किट्टू (उम्र 55 साल), ए. विनोद कुमार (उम्र 43 साल), बाला मुरुगन (उम्र 43 साल), कुमरेशन डी. (उम्र 60 साल) और भास्कर (उम्र 55 साल) शामिल है। सभी तमिलनाडु के तिरूच्चिराप्पल्ली के रहने वाले है।

कई राज्यों में फैला गिरोह का नेटवर्क :

पुलिस की पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह के सदस्य छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, दिल्ली सहित कई राज्यों में कार का कांच तोड़कर चोरी और उठाईगिरी की दर्जनों घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। इसके साथ ही चोरी किया गया एक लैपटॉप आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए गरियाबंद में फेंक दिया था, जिसे टीम ने कुछ ही घंटों में बरामद कर लिया,इसके बाद भी पुलिस ने अपनी कार्यवाही बारीकी से की।

नकदी, सोने के सिक्के और इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद :

इसके साथ ही पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लैपटॉप, टैब, 2 सोने के सिक्के, 2 मोबाइल फोन और 25 हजार रुपये नकद बरामद किया है। आरोपियों के खिलाफ थाना गंज और थाना देवेंद्र नगर में संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर आगे की कार्यवाही की जा रही है। पुलिस के अनुसार इस गिरोह में शामिल कुछ अन्य आरोपी अभी फरार हैं। उनकी पतासाजी के लिए संबंधित राज्यों की पुलिस से समन्वय किया जा रहा है। जल्द ही पुलिस कई अन्य आरोपियों तक भी पहुँच जायेगी।